Bangladeshi Migrants: घुसपैठिए पर 'एयर स्ट्राइक जारी, 160 अवैध बांग्लादेशियों को वापस भेजा गया
Bangladeshi Migrants: भारतीय वायुसेना (IAF) के एक विशेष विमान के ज़रिए 160 बांग्लादेशी अवैध प्रवासियों को रविवार को बांग्लादेश वापस भेजा गया। इन लोगों को गाजियाबाद से त्रिपुरा की राजधानी अगरतला लाया गया, जहाँ से उन्हें भारत और बांग्लादेश बॉर्डर के जरिए बांग्लादेश भेजा गया। इन प्रवासियों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। दिल्ली पुलिस ने बीते सप्ताह बाहरी दिल्ली में अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए चलाए गए अभियान के दौरान इन्हें हिरासत में लिया था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार अब लंबी और जटिल कानूनी प्रक्रिया के बजाय तेज़ी से इन प्रवासियों को उनके देश वापस भेजने की नीति अपना रही है।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद अभियान में तेजी
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल, 2025 को हुए आतंकी हमले के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने राज्यों को बांग्लादेश और म्यांमार के अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। अब तक 500 से अधिक अवैध प्रवासियों को भारत-बांग्लादेश सीमा पार कराकर वापस भेजा जा चुका है।
17 मई को राजस्थान से 140 अवैध प्रवासियों को एयर इंडिया के विमान से अगरतला भेजा गया था।
4 मई को गुजरात से 300 अवैध प्रवासियों (जिनमें 200 महिलाएं और बच्चे शामिल थे) को दो एयर इंडिया विमानों से लाया गया।
कोलकाता और असम में भी चल रही कार्रवाई
23 अप्रैल को MHA के अधीन कार्यरत विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) ने कोलकाता पुलिस को सूचित किया कि दिल्ली से 80 अवैध प्रवासियों को ट्रेन से लाया जा रहा है, जिन्हें बाद में सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सौंपा जाएगा। 10 मई को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य सरकार अब पुश-बैक नीति को लागू करेगी ताकि अवैध घुसपैठ पर कड़ा नियंत्रण हो सके।
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बांग्लादेश से नागरिकता सत्यापित करने का अनुरोध
विदेश मंत्रालय (MEA) ने 22 मई को जानकारी दी कि भारत ने बांग्लादेश से 2,369 अवैध प्रवासियों की नागरिकता सत्यापित करने का अनुरोध किया है, ताकि उन्हें वापस भेजा जा सके। कुछ मामलों की फाइलें पांच वर्षों से अधिक समय से लंबित हैं। FRRO द्वारा अवैध प्रवासियों की पहचान के बाद उन्हें हिरासत में लिया जाता है और दिल्ली के बक्करवाला और इंदरलोक स्थित डिटेंशन सेंटर में रखा जाता है। इसके बाद उनका बायोमेट्रिक डेटा लिया जाता है और गृह मंत्रालय के रिकॉर्ड में दर्ज किया जाता है। साथ ही, उनके द्वारा प्राप्त भारतीय दस्तावेज़ रद्द किए जाते हैं।
सरकार आधार प्राधिकरण के साथ उनकी जानकारी साझा कर रही है ताकि वे भविष्य में भारतीय पहचान दस्तावेज़ों के लिए आवेदन न कर सकें। इन्हें ब्लैकलिस्ट किया जा रहा है।
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