Telegram पर बिक रहा था NEET Re-Exam का पेपर? NTA और IIT मद्रास के डायरेक्टर ने खोला बड़ा राज, दी चेतावनी
NEET UG Re-Exam 2026 को लेकर छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता का माहौल है। इसी का फायदा उठाकर कुछ ठग सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर सक्रिय हो गए हैं। इस बारे में स्टूडेंट्स को अलर्ट करने के लिए NTA ने वार्निग जारी की है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि परीक्षा से पहले और परीक्षा के बाद भी फर्जी दावों और झूठे सबूतों के जरिए छात्रों को निशाना बनाया जा सकता है।
ऐसे में उम्मीदवारों को सतर्क रहने और किसी भी तरह के लालच में न आने की सलाह दी गई है। खासतौर पर टेलीग्राम पर चल रहे कुछ चैनलों को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की गई है। बताया गया है कि ये चैनल छात्रों से बड़ी रकम वसूलने की कोशिश कर रहे हैं। IIT मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी. कामकोटी ने भी इस तरह की धोखाधड़ी के तकनीकी पहलुओं को समझाते हुए छात्रों और अभिभावकों से सावधान रहने को कहा है।

पेपर दिलाने के नाम पर मांगे जा रहे लाखों रुपये
जानकारी के अनुसार, कुछ टेलीग्राम चैनल दावा कर रहे हैं कि उनके पास NEET UG री-एग्जाम का प्रश्नपत्र मौजूद है। इसके बदले छात्रों से 14 हजार रुपये से लेकर 25 हजार रुपये तक की मांग की जा रही है। कुछ मामलों में यह रकम 10 लाख रुपये तक बताई गई है। विशेषज्ञों ने साफ कहा है कि री-एग्जाम का कोई पेपर लीक नहीं हुआ है। ऐसे चैनलों को पैसे भेजने वाले छात्र न सिर्फ अपनी रकम गंवा सकते हैं, बल्कि अपनी निजी जानकारी भी ठगों के हाथों में सौंप देते हैं।
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एडमिट कार्ड और मोबाइल नंबर बन सकते हैं खतरा
कई छात्र कथित भरोसे के लिए अपना एडमिट कार्ड और व्हाट्सएप नंबर भी ऐसे लोगों को भेज देते हैं। चेतावनी दी गई है कि यही जानकारी बाद में दूसरे छात्रों को ठगने के लिए इस्तेमाल की जा सकती है। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि एक बार रकम ट्रांसफर होने के बाद उसे वापस पाना बेहद मुश्किल हो सकता है। इसलिए किसी भी अनजान व्यक्ति या चैनल पर भरोसा न करें।
To every NEET candidate and parent - please watch this. A few minutes that could save you serious money and stress this week.
— National Testing Agency (@NTA_Exams) June 16, 2026
Scammers on Telegram were running two rackets targeting you:
1️⃣ Channels demanding ₹14,000 to ₹25,000 - some even ₹10 lakh - claiming they'll send you… pic.twitter.com/aqpickJLAv
फर्जी चैट और वीडियो से बनाया जा रहा भ्रम
परीक्षा से जुड़े कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से फैलाए जा रहे हैं। इनमें दावा किया जाता है कि परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र साझा कर दिया गया था। पहली नजर में ऐसे वीडियो असली लग सकते हैं, लेकिन तकनीकी रूप से इनके साथ छेड़छाड़ संभव है।
विशेषज्ञों ने बताया कि टेलीग्राम पर चैनल चलाने वाले लोग पुराने संदेशों को एडिट कर सकते हैं। इतना ही नहीं, वे संदेश के अंदर का पूरा कंटेंट बदल सकते हैं, जबकि संदेश की पुरानी तारीख वही दिखाई देती रहती है। इसी वजह से कई बार ऐसा लगता है कि जानकारी परीक्षा से पहले साझा की गई थी, जबकि वास्तविकता अलग होती है।
21 जून के बाद फिर फैल सकते हैं ऐसे दावे
चेतावनी दी गई है कि 21 जून के बाद भी इसी तरह के फर्जी स्क्रीनशॉट, वीडियो और चैट सामने आ सकते हैं। इनका मकसद छात्रों और अभिभावकों को गुमराह करना होता है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि ऐसे किसी भी दावे को बिना जांचे आगे न बढ़ाएं और न ही उस पर विश्वास करें। किसी भी तरह की अफवाह परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों का ध्यान भटका सकती है।
सिर्फ आधिकारिक सूचना पर करें भरोसा
उम्मीदवारों से कहा गया है कि वे अपनी पूरी ऊर्जा तैयारी पर लगाएं और किसी शॉर्टकट के चक्कर में न पड़ें। परीक्षा से जुड़ी हर जानकारी केवल राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की आधिकारिक वेबसाइट और उसके सत्यापित सोशल मीडिया हैंडल से ही प्राप्त करें। यदि किसी को पेपर लीक, पैसे लेकर प्रश्नपत्र देने या अन्य किसी ऑनलाइन धोखाधड़ी की जानकारी मिले तो उसकी शिकायत तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर की जा सकती है।
IIT मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी. कामकोटी ने भी छात्रों को समझाया है कि तकनीकी चालों के जरिए फर्जी सबूत तैयार किए जा सकते हैं। ऐसे में किसी वायरल वीडियो, स्क्रीनशॉट या टेलीग्राम पोस्ट को अंतिम सच मानने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना जरूरी है।
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