भारतीय रुपये में कारोबार करेगा बांग्लादेश, विदेशी मुद्रा भंडार औंधे मुंह गिरने के बाद शेख हसीना सरकार का फैसला
Bangladesh Indian Rupee Trade: विदेशी मुद्रा भंडार में आई भारी गिरावट के बाद बांग्लादेश के दो प्रमुख बैंकों ने भारतीय रुपये में व्यापार लेनदेन शुरू करने की योजना बनाई है। रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेशी बैंकों का भारतीय रुपये में कारोबार करने का फैसला डॉलर पर अपनी निर्भरता कम करते हुए अपने विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ाना है।
अब तक, बांग्लादेश सिर्फ अमेरिकी डॉलर में ही व्यापारिक लेनदेन करता रहा है। हालांकि बांग्लादेश कई बार पहले भारत से भारतीय रुपये के अंतर्राष्ट्रीयकरण की मांग कर चुका था और जब पिछले साल भारत ने रुपये में ग्लोबल ट्रेड को मंजूरी दे दी थी, तो फिर अब बांग्लादेश के लिए भारतीय रुपये में कारोबार का रास्ता खुल गया है।

भारतीय रुपये में कारोबार
बांग्लादेश की ईस्टर्न बैंक, जिसने भारतीय स्टेट बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के साथ 'रुपया खाता' खोला है, उसने रुपये में व्यापार के लिए अपनी योजना की घोषणा की है। बांग्लादेश में सरकारी स्वामित्व वाला ऋणदाता सोनाली बैंक ने भी यही सेवा प्रदान करने की घोषणा की है।
नोस्ट्रो अकाउंट, उस बैंक अकाउंट को कहा जाता है, जब एक बैंक किसी दूसरे देश की बैंक में अपना अकाउंट खोलता है और उस देश की करेंसी में अपना कारोबार करता है। ऐसे खातों का उपयोग अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और अन्य विदेशी मुद्रा लेनदेन के निपटान के लिए किया जाता है।
सोनाली बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर अफ़ज़ल करीम ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया, कि "यह तो एक शुरूआत है। आने वाले दिनों में और भी बैंक हमारे साथ जुड़ेंगे और इससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम होगा।"
ईस्टर्न बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर अली रेजा इफ्तिखार ने कहा, कि विनिमय दर तंत्र अलग-अलग बैंकों द्वारा क्रॉस-मुद्रा के आधार पर तय किया जाएगा और 11 जुलाई को इसकी औपचारिक घोषणा की जाएगी।
इफ्तिखार ने कहा, कि "भारत-बांग्लादेश व्यापार में भारतीय रुपये का उपयोग सीमा पार लेनदेन के संचालन के लिए एक सुविधाजनक और लागत प्रभावी तंत्र प्रदान करता है, जो दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने में योगदान देता है।"
चीन के बाद बांग्लादेश भारत से सबसे ज्यादा कारोबार करता है। खासकर बांग्लादेश चीन के बाद भारत से ही सबसे ज्यादा आयात करता है। जून 2022 तक भारत, बांग्लादेश से 2 अरब डॉलर का सामान खरीद रहा था, जबकि बांग्लादेश भारत से 13.69 अरब डॉलर के सामान का आयात करता है। पहले बांग्लादेश इन पैसों का डॉलर में भुगतान करता था, लेकिन अब बांग्लादेश भारतीय रुपये में भारत को भुगतान करेगा।
डॉलर की कमी के कारण बांग्लादेश आयातित ईंधन के भुगतान के लिए संघर्ष कर रहा है। फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद से इसका डॉलर भंडार एक तिहाई से अधिक घटकर सात साल के निचले स्तर 31.60 अरब डॉलर पर आ गया है। मई तक 12 महीनों के दौरान बांग्लादेश की टका मुद्रा का मूल्य अपने छठे हिस्से से अधिक गिर गया।
भारतीय रुपये में कारोबार करने के बाद बांग्लादेश अपने विदेशी मुद्रा भंडार का एक बड़ा हिस्सा बचा सकता है और डिफॉल्ट होने की स्थति को टाल सकता है। वहीं, भारतीय रुपये की विश्वसनीयता के साथ साथ उसकी मजबूती भी बढ़ेगी। भारत अभी तक 18 देशों के साथ रुपये में कारोबार करने पर समझौता कर चुका है, जिनमें संयुक्त अरब अमीरात और मलेशिया जैसे देश भी शामिल हैं।












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