China-Bangladesh: भारत का एक और पड़ोसी दुश्मन की गोदी में बैठा, बांग्लादेश ने चीन से मांगे 20 अरब डॉलर कर्ज
Bangladesh-China News: बांग्लादेश (Bangladesh) की प्रधानमंत्री शेख हसीना, प्रधानमंत्री ली कियांग के निमंत्रण पर 8 से 10 जुलाई तक चीन की तीन दिवसीय महत्वपूर्ण राजकीय यात्रा पर जाने वाली हैं।
शेख हसीना की ये यात्रा चीन और बांग्लादेश के बीच के संबंध के बीच का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है, जिसका मकसद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाना है, जिनके बीच लंबे समय से मित्रता और रणनीतिक साझेदारी रही है। बीजिंग इस यात्रा को "गेम चेंजर" बताने की कोशश कर रहा है और उसका मकसद साफ है, भारत के एक और पड़ोसी का हाल श्रीलंका और पाकिस्तान की तरह करना।

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की 2016 की बांग्लादेश यात्रा के दौरान, उन्होंने बांग्लादेश के साथ अपने संबंधों को "रणनीतिक साझेदारी" से "व्यापक रणनीतिक सहयोग साझेदारी" में अपग्रेड करने की चीन की इच्छा जताई थी।
उस वक्त राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री हसीना की मौजूदगी में बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) में बांग्लादेश की भागीदारी के बारे में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए थे। इसके अलावा, चीन के कर्ज और बांग्लादेश में कई बड़ी परियोजनाओं के वित्तपोषण के बारे में भी फैसले लिए गए।
और उसके बाद के आठ वर्षों में, एक प्रमुख विकास भागीदार के रूप में बांग्लादेश में चीन की भूमिका तेजी से बढ़ी है और दोनों देशों के बीच वर्तमान द्विपक्षीय व्यापार 23 अरब अमेरिकी डॉलर को पार कर चुका है।
चीन से 20 अरब डॉलर कर्ज लेगा बांग्लादेश
बांग्लादेश विदेश मंत्रालय के मुताबिक, शेख हसीना की इस यात्रा के दौरान बांग्लादेश, 20 अरब अमेरिकी डॉलर की अतिरिक्त कर्ज की मांग करेगा। जिनमें से 15 अरब डॉलर बुनियादी ढांचे के विकास परियोजनाओं के लिए आवंटित किए जाएंगे, और बाकी के 5 अरब डॉलर, चीन से आयात के भुगतान की सुविधा के लिए चीनी युआन में वितरित किए जाएंगे।
इसकै अलावा, जिस तरह से वैश्विक राजनीति ने पिछले कुछ सालों में बदलाव लिया है, उसे देखते हुए शेख हसीना की सरकार सिर्फ डॉलर के ऊपर से अपनी निर्भरता खत्म करना चाहती है, लिहाजा बांग्लादेश वैकल्पिक मुद्राओं पर स्विच करने की इच्छा भी जता रहा है।
बांग्लादेश में पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के दूतावास ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है, कि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने 8 से 10 जुलाई तक प्रधान मंत्री शेख हसीना की यात्रा की घोषणा की है।
माओ निंग ने लिखा है, कि "प्रधानमंत्री शेख हसीना का यह चीन का पहला दौरा होगा, जब से उनका नया कार्यकाल शुरू हुआ है और चीन की उनकी पिछली यात्रा के पांच साल बाद ये पहली यात्रा है। यात्रा के दौरान, राष्ट्रपति शी जिनपिंग, प्रधानमंत्री शेख हसीना से मिलेंगे। प्रधानमंत्री ली कियांग एक स्वागत समारोह आयोजित करेंगे और उनके साथ बातचीत करेंगे। दोनों प्रधानमंत्री सहयोग दस्तावेजों के हस्ताक्षर समारोह में शामिल होंगे। दोनों देशों के नेता पारंपरिक मित्रता को गहरा करने, परस्पर लाभकारी सहयोग का विस्तार करने और आपसी हितों के क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करने के तरीकों पर गहन विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। प्रधानमंत्री हसीना चीन और बांग्लादेश के बीच व्यापार, व्यवसाय और निवेश के अवसरों पर शिखर सम्मेलन में भी भाग लेंगी।
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कहा, कि ढाका साउदर्न इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट इनिशिएटिव (SIDI) के लिए बीजिंग से समर्थन मांगेगा, जो दक्षिणी जिले पटुआखली में पायरा बंदरगाह पर केंद्रित है।
यह प्रोजेक्ट बांग्लादेश के दक्षिणी क्षेत्र के लिए एक एकीकृत विकास योजना होगी, जिसमें परिवहन और संचार, आईसीटी, बिजली और ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और एक विशेष आर्थिक क्षेत्र से संबंधित परियोजनाएं शामिल होंगी।
बांग्लादेश के वित्त मंत्रालय ने कहा है, कि SIDI में एक इलेक्ट्रिक वाहन संयंत्र, एक हाई-टेक पार्क और एक रणनीतिक स्थान पर एक लॉजिस्टिक हब की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा, बांग्लादेश ढाका मास रैपिड ट्रांजिट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (लाइन 2), भांगा-कुआकाटा रेल लाइन, पिरोजपुर में कोचा नदी पर एक पुल, ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जीर्णोद्धार और महेशखली-मटरबारी और बखराबाद तीसरी समानांतर गैस ट्रांसमिशन पाइपलाइन के कार्यान्वयन के लिए भी चीन से ऋण मांगेगा।

चीन के 'ऋण जाल' में फंसने को तैयार बांग्लादेश!
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) के अंतरराष्ट्रीय विभाग के प्रमुख लियू जियानचाओ ने हाल ही में बांग्लादेश की अपनी यात्रा के दौरान राजनीतिक मोर्चे पर द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में दिलचस्पी दिखाई थी। उन्होंने कहा था, कि "हमारा मानना है, कि सरकार की नीति राजनीतिक दलों के नजरिए से बनती है। इसका मतलब है, कि दोनों देशों के राजनीतिक दलों के बीच संवाद, सरकार और लोगों के बीच आपसी संबंधों को जानने और समझने में बहुत मददगार है। यह संवाद एक-दूसरे के लिए सही नीति अपनाने में भी भूमिका निभाता है। यह संवाद महत्वपूर्ण है।"
ढाका में राजनयिक सूत्रों ने प्रधानमंत्री शेख हसीना के बीजिंग दौरे से पहले सीपीसी मंत्री लियू जियानचाओ की ढाका यात्रा को महत्वपूर्ण बताया है।
प्रधानमंत्री शेख हसीना अपनी आगामी चीन यात्रा की तैयारी कर रही हैं, जिससे दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों और बढ़े हुए सहयोग की संभावना स्पष्ट है। बुनियादी ढांचे के विकास, व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के साथ, दोनों ही देश इस यात्रा को आशाजनक बता रहे हैं। लेकिन, सवाल ये उठ रहे हैं, कि चीन ने 20 अरब डॉलर का कर्ज लेकर, क्या बांग्लादेश श्रीलंका और पाकिस्तान के रास्ते पर तो नहीं चल रहा है? क्योंकि, अब ये बात किसी से छिपी नहीं है, कि जिन देशों ने चीन से विकास के नाम पर भारी-भरकम ऋण लिया है, उन देशों का क्या हाल हुआ है?












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