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चीन ने धमकाया तो भड़का बांग्लादेश, सुना दी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को खरी-खोटी

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ढाका, मई 12: छोटे देशों पर प्रेशर बनाने के लिए चीन पहले उन्हें डराने की कोशिश करता है लेकिन अगर छोटे देश कड़ी प्रतिक्रिया दे देते हैं तो फिर चीन की सिट्टी-पिट्टी गुम हो जाती है। इन दिनों चीन और बांग्लादेश के बीच ठन गई है। इसकी शुरूआत चीन की तरफ से बांग्लादेश को धमकाकर की गई है। चीन ने जैसे ही बांग्लादेश को धमकाया ठीक वैसे ही बांग्लादेश ने भी चीन को दो टूक सुनाकर अपने काम से मतलब रखने की सलाह दे दी। दरअसल, चीन और बांग्लादेश के बीच भारत को लेकर तनाव बढ़ गया है।

चीन पर भड़का बांग्लादेश

चीन पर भड़का बांग्लादेश

क्वाड में बांग्लादेश के शामिल होने पर चीन की प्रतिक्रिया से बांग्लादेश हैरान है। चीन ने बांग्लादेश को लेकर कहा था कि अगर बांग्लादेश क्वाड में शामिल होता है तो उसके लिए अच्छा नहीं होगा। चीन ने बांग्लादेश को धमकी देते हुए कहा कि अगर बांग्लादेश क्वाड में शामिल होता है तो उसे इसका खामियाजा भुगतना होगा। चीन के इस बयान ने बांग्लादेश की नाराजगी काफी बढ़ा दी है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने चीन के इस बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. एके अब्दुल मोमिन ने कहा कि 'बांग्लादेश एक स्वतंत्र और संप्रभु देश है और हम अपनी विदेश नीति खुद तय करते हैं।'

चीन ने क्या धमकी दी थी

चीन ने क्या धमकी दी थी

दरअसल, डिप्लोमेटिक कॉरेस्पॉंन्डेन्ट्स एसोसिएशन बांग्लादेश की तरफ से बांग्लादेश में एक सेमिनार का आयोजन करवाया गया था, जिसमें चीन के राजदूत ली जिमिंग ने कहा था कि 'बांग्लादेश के लिए क्वाड जैसे चार देशों के छोटे क्लब में शामिल होना अच्छा नहीं होगा और अगर बांग्लादेश इसमें शामिल होता है तो चीन-बांग्लादेश के रिश्ते खराब होंगे और बांग्लादेश को इसका खामियाजा भुगतना होगा'। ढाका में पत्रकारों को संबोधित करते हुए बांग्लादेश में चीन के राजदूत ली जिमिंग ने कहा कि 'अगर बांग्लादेश क्वाड में किसी भी तरह से भागीदारी निभाने की कोशिश करता है तो उससे चीन और बांग्लादेश के संबंध बुरी तरह से प्रभावित होंगे'। चीनी राजदूत ने कहा कि 'हम नहीं चाहते हैं कि बांग्लादेश किसी भी तरह से क्वाड के प्रति अपनी भागीदारी को स्पष्ट करे या फिर इस ग्रुप का सहयोगी बने क्योंकि बीजिंग का मानना है कि क्वाड चीन के खिलाफ बना हुआ एक समूह है' चीन के राजदूत ने कहा कि इस मैसेज को बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना तक चीन के रक्षामंत्री के द्वारा पहुंचा दिया गया है, जब वो पिछले हफ्ते बांग्लादेश के दौरे पर आये थे।

बांग्लादेश का करारा जवाब

बांग्लादेश का करारा जवाब

बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. एके अब्दुल मोमिन ने कहा कि 'हम चीन से ऐसे बर्ताव और आक्रामक रवैये की उम्मीद नहीं करते हैं। चीन के राजनयिक ऐसी टिप्पणी करेंगे हमें उसकी उम्मीद नहीं थी। ये काफी अफसोसजनक है।' बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने कहा कि 'बांग्लादेश गुटनिरपेक्ष सिद्धांत को मानता है और संतुलन नीति को पालन करता है और ये बांग्लादेश की तय करेगा कि उसकी विदेश नीति क्या होने वाली है और देश को किस देश के साथ क्या संबंध रखने चाहिए। बांग्लादेश अपनी सिद्धांत के हिसाब से अपनी विदेश नीति तय करता है।'। वहीं, बांग्लादेश ने चीन के इस बयान को अप्रासंगिक बताया है। वहीं, इंडिया टूडे की रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि 'अभी तक बांग्लादेश को क्वाड में शामिल करने के लिए किसी भी तरह का कोई आमंत्रण नहीं मिला है और बांग्लादेश के अंदर भी क्वाड में शामिल होने को लेकर कोई बात नहीं हुई है। इसीलिए चीन की ये टिप्पणी पूरी तरह से अप्रासंगिक है।' वहीं, बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने कहा कि 'कौन सा देश क्या करना चाहता है, ये उसका अधिकार है। चीन के राजदूत ये जाहिर कर सकते हैं कि चीन क्या चाहता है लेकिन हम वही करेंगे जो हमारे लिए अच्छा रहेगा।'

'भारत बन रहा है नायक'

'भारत बन रहा है नायक'

रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने बांग्लादेश की सरकार को कहा था कि साउथ एशिया में चीन के खिलाफ मिलिट्री विकल्प तैयार हो रहा है, जिसमें एक 'नायक' बनाने की कोशिश हो रही है। माना जा रहा है कि चीन का इशारा भारत की तरफ था और क्वाड को लेकर चीन काफी ज्यादा चिढ़ा हुआ है, लिहाजा चीन ने साफ तौर पर बांग्लादेश को चेतावनी दे दी है। दरअसल, चीन का मानना है कि क्वाड के जरिए चीन को भारत अब सीधी चुनौती देने की स्थिति में आ चुका है और भारत को डायरेक्ट तौर पर अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया का समर्थन हासिल है। ऐसे में चीन नहीं चाहता है कि कोई और भी देश क्वाड में शामिल हो या फिर किसी और देश की क्वाड में किसी भी तरह की भागीदारी हो, लिहाजा चीन अब धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल कर रहा है। लेकिन, बांग्लादेश और भारत के आपसी संबंध काफी मजबूत हैं और भारत खुद गुटनिरपेक्ष सिद्धांत का समर्थन करता है। लिहाजा बांग्लादेश ने चीनी राजदूत के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

अमेरिका भी चीन पर बिफरा

अमेरिका भी चीन पर बिफरा

वहीं, बांग्लादेश को धमकी दिए जाने को लेकर अमेरिका ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा कि 'अमेरिका का बांग्लादेश के साथ काफी मजबूत संबंध हैं और हमने चीनी राजदूत के बयान को नोट किया है और अमेरिका ये कहना चाहता है कि हम बांग्लादेश की संप्रभुता का सम्मान करते हैं और बांग्लादेश की विदेश नीति जो भी होगी, हम उसका सम्मान करते हैं'। वहीं, क्वाड को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि 'क्वाड एक आवश्यक, अनौपचारिक और बहुपक्षीय तंत्र है और समान विचारधारा वाले लोकतांत्रिक देशों का समूह है जो हिंद प्रशांत क्षेत्र में अपने लक्ष्य तो आगे बढ़ाने केलिए मौलिक विचार विमर्श करते हैं और स्वतंत्रता के साथ काम करते हैं।' आपको बता दें कि क्वाड में भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका है और चीन को लगता है कि बांग्लादेश इसमें शामिल हो सकता है, लिहाजा चीन लगातार बांग्लादेश पर दवाब बनाने और धमकाने की कोशिश करता आ रहा है।

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English summary
When China warned Bangladesh about the quad, Bangladesh has reacted strongly to China's statement.
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