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Bangladesh: बच्चों में फैली महामारी, काल के गाल में समाए 98 मासूम, भारत पर मंडरा रहा बड़ा खतरा?

Bangladesh इस समय एक महामारी से जूझ रहा है। वहां पर खसरे (Measles) से जूझ रहा है। सिर्फ कुछ ही दिनों के भीतर यहां कम से कम 98 बच्चों की मौत हो चुकी है। जिसकी वजह से वहां की नई तारिक सरकार पैनिक में है। दूसरी तरफ बांग्लादेश, भारत के साथ सीमा साझा करता है, ऐसे में भारत को इससे कितना खतरा है, इस बात की चिंता अभी से लोगों को होने लगी है।

बंद हुआ वैक्सीनेशन

इस स्थिति के पीछे सबसे बड़ी वजह टीकाकरण दरों में गिरावट और स्वास्थ्य सिस्टम पर बढ़ता दबाव। दरअसल अगस्त 2024 में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की रवानगी से बांग्लादेश का हेल्थ सिस्टम बुरी तरह चरमरा गया था। जिसकी वजह से वैक्सीनेशन नाम मात्र के हुए।

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हर रोज जा रही बच्चों की जान

इस बीमारी का सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों पर देखा जा रहा है। बीमारी इतनी तेजी से फैल रही है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ के भी हाथ-पांव फूल गए हैं। बच्चों की कमजोर इम्युनिटी के कारण वे जल्दी संक्रमित हो रहे हैं और हालत गंभीर हो रही है। बीते एक महीने में ऐसा कोई दिन रहा जब कम से कम दो बच्चों ने जान न गंवाई हो।

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अस्पतालों में हालात बेकाबू

ढाका के संक्रामक रोग अस्पताल की स्थिति काफी खराब हो चुकी है। लगभग 100 मरीजों की क्षमता वाले इस अस्पताल में 2026 के शुरुआती महीनों में ही 255 खसरे से पीड़ित बच्चों को भर्ती करना पड़ा। तुलना करें तो पूरे 2025 में सिर्फ 69 मामले सामने आए थे। इससे साफ है कि इस साल संक्रमण कितनी तेजी से बढ़ा है।

भारत को कितना खतरा?

खसरा एक संक्रमण वाली बीमारी है, जो पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में आने से खतरा बढ़ जाता है। बांग्लादेश भारत के साथ 4 हजार किलोमीटर से ज्यादा की सीमा साझा करता है। दोनों तरफ के लोगों का बॉर्डर के इस पार और उस पार जाना आम बात है। इसलिए अगर ये बीमारी बढ़ती है तो भारत में फैलने का बड़ा खतरा है। जिसमें पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा जैसे राज्यों पर ज्यादा खतरा है। एक्सपर्ट्स की मानें तो खसरा दुनिया के सबसे संक्रामक वायरसों में से एक है। एक संक्रमित व्यक्ति बिना वैक्सीनेशन वाले समूह में 18 अन्य लोगों को संक्रमित कर सकता है।

खसरा: सिर्फ मामूली बीमारी नहीं

98 बच्चों की मौत यह दिखाती है कि खसरा कोई हल्की बीमारी नहीं है। मेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह बच्चों में गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है, जो जानलेवा साबित हो सकती हैं। खसरे से संक्रमित करीब 5-6% बच्चों में निमोनिया विकसित हो जाता है, जो मौत का एक बड़ा कारण बनता है। इसके अलावा, यह बीमारी शरीर को इतना कमजोर कर देती है कि बच्चे अन्य संक्रमणों का भी आसानी से शिकार हो जाते हैं।

डिहाइड्रेशन और कमजोर इम्युनिटी का खतरा

खसरे के दौरान डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) और कमजोर इम्युनिटी बच्चों की हालत और खराब कर देती है। खासकर कुपोषित बच्चों या जिनका पूरा टीकाकरण नहीं हुआ है, उनमें मौत का खतरा सबसे ज्यादा होता है।

कैसे लौट आया खसरा?

खसरे के दोबारा फैलने के पीछे कई कारण हैं। सबसे बड़ा कारण है वैक्सीनेशन में कमी, खासकर दूरदराज और गरीब इलाकों में। वहां तक वैक्सीन पहुंचना मुश्किल होता है, जिससे वायरस को फैलने का मौका मिल जाता है। यह संकट सिर्फ बांग्लादेश तक सीमित नहीं है। खसरा अब वैश्विक स्तर पर वापस लौट रहा है। 2023 में दुनियाभर में लगभग 10.3 मिलियन लोग इस बीमारी से संक्रमित हुए थे।

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टीकाकरण में कमी बनी सबसे बड़ी वजह

हाल के ज्यादातर मामलों में पाया गया है कि जिन बच्चों को खसरा हुआ, उन्होंने पूरा टीकाकरण नहीं कराया था। इससे साफ है कि वैक्सीन कवरेज में गिरावट होने पर बीमारी तेजी से लौटती है।

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।

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