कौन हैं सचिन अहीर जिन्हें उद्धव गुट छोड़ते ही मिला बड़ा इनाम! अगले ही दिन चुने गए विधान परिषद के उपसभापति
Sachin Ahir: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला है। लंबे समय तक उद्धव ठाकरे के करीबी माने जाने वाले सचिन अहीर ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) का साथ छोड़कर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का दामन थाम लिया। पार्टी बदलने के महज एक दिन बाद उन्हें महाराष्ट्र विधान परिषद का उपसभापति चुन लिया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।
खास बात यह रही कि महाविकास अघाड़ी (MVA) के उम्मीदवार ने चुनाव से पहले ही अपना नाम वापस ले लिया, जिसके बाद सचिन अहीर निर्विरोध निर्वाचित हो गए। अहीर के इस फैसले को उद्धव ठाकरे गुट के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है, क्योंकि इससे पहले भी पार्टी अपने कई सांसदों के पाला बदलने से दबाव में थी।

कौन हैं सचिन अहीर?
सचिन अहीर महाराष्ट्र की राजनीति का जाना-पहचाना चेहरा हैं। वह वर्ली विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं और लंबे समय तक आदित्य ठाकरे के बेहद करीबी नेताओं में उनकी गिनती होती थी। यही वजह है कि उनका अचानक पार्टी छोड़ना कई नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए हैरान करने वाला माना जा रहा है।
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राजनीतिक सफर की बात करें तो अहीर ने अपने करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी। इसके बाद वह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में शामिल हुए। कुछ समय बाद उन्होंने अविभाजित शिवसेना का रुख किया और वहीं सक्रिय राजनीति करते रहे। साल 2022 में एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद बनी शिंदे शिवसेना के गठन के समय वह उद्धव गुट में ही रहे थे, लेकिन अब उन्होंने शिंदे गुट का साथ चुन लिया है। इसी वर्ष 2022 में वह महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य भी चुने गए थे।
एक दिन पहले बदली पार्टी, अगले दिन मिली बड़ी जिम्मेदारी
मंगलवार को सचिन अहीर ने उद्धव ठाकरे की शिवसेना छोड़कर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट की सदस्यता ली। इसके तुरंत बाद उन्होंने महाराष्ट्र विधान परिषद के उपसभापति पद के लिए नामांकन दाखिल किया।
बुधवार को हुए चुनाव में उन्हें सर्वसम्मति से उपसभापति चुन लिया गया। यह फैसला तब संभव हुआ जब महाविकास अघाड़ी के उम्मीदवार जेएम अभ्यंकर ने अपना नामांकन वापस ले लिया। संसदीय कार्य मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने अभ्यंकर से नाम वापस लेने का अनुरोध किया था। हालांकि, विपक्षी उम्मीदवार के पीछे हटने की असली वजह अब तक साफ नहीं हो सकी है।
घर के बाहर बढ़ाई गई सुरक्षा
पार्टी बदलने के बाद सचिन अहीर के घर के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, दिनभर उनके समर्थकों का उनके घर पहुंचने का सिलसिला भी जारी रहा। राजनीतिक बदलाव के बाद सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए यह कदम उठाया गया।
उद्धव सेना ने साधा निशाना
सचिन अहीर के जाने के बाद उद्धव ठाकरे गुट ने उन पर खुलकर हमला बोला। सांसद संजय राउत ने कहा कि राजनीति और निजी जीवन में ईमानदारी और निष्ठा का बहुत महत्व होता है, लेकिन आज राजनीतिक महत्वाकांक्षा इतनी बढ़ गई है कि इन मूल्यों की कोई कीमत नहीं रह गई। राउत ने यह भी कहा कि सचिन अहीर आदित्य ठाकरे के बेहद खास लोगों में शामिल थे, इसलिए उनका जाना पार्टी के लिए बड़ा झटका है। उन्होंने पार्टी के भीतर आत्ममंथन की जरूरत बताते हुए कहा कि कई बार कुछ नेताओं को जरूरत से ज्यादा महत्व दिया जाता है, जिससे लंबे समय से जुड़े कार्यकर्ताओं की अनदेखी होती है।
एकनाथ शिंदे पर भी बोला हमला
संजय राउत ने अपने बयान में एकनाथ शिंदे पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर उद्धव ठाकरे ने उन्हें संगठन में बड़े पद और जिम्मेदारियां नहीं दी होतीं तो आज उनकी राजनीतिक पहचान इस स्तर तक नहीं पहुंचती। राउत ने यह भी कहा कि अब वही लोग दूसरों को राजनीति का पाठ पढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
पहले सांसद, अब करीबी नेता भी हुए अलग
सचिन अहीर का पार्टी छोड़ना ऐसे समय हुआ है जब उद्धव ठाकरे की शिवसेना पहले से ही राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही है। हाल ही में पार्टी के छह सांसद भी शिंदे गुट में शामिल हो चुके हैं। इन घटनाओं के बाद शिंदे शिवसेना की ताकत बढ़ी है, जबकि उद्धव गुट को लगातार झटके लग रहे हैं। ऐसे में सचिन अहीर का जाना महाराष्ट्र की राजनीति में एक और महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।
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