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बांग्लादेश में एक और हिंदू की हत्‍या, कौन था ये युवक? जिसके सिर पर दिनदहाड़े कट्टपंथियों ने मारी गोली

Hindu Man shot dead in Bangladesh: बांग्लादेश से एक बार फिर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। बांग्लादेश के जशोर जिले के मॉनिरामपुर उपज़िला में 5 जनवरी (सोमवार) को हिंदू युवक राणा प्रताप बैरागी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। आगामी चुनावों से हफ़्तों पहले हुई इस वारादात के बाद वहां बसे हिंदुओं में दहशत और बढ़ गई है। पिछले तीन हफ्तों में बांग्लादेश के हिंदू समुदाय के सदस्यों पर यह पांचवां जानलेवा हमला है, जिसने देश भर में जारी अशांति और विरोध प्रदर्शनों के बीच कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों व मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हमला कोपलिया बाज़ार के भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में हुआ। अज्ञात हमलावरों ने राहगीरों के सामने बैरागी को सिर पर गोली मारी। पुलिस ने मौत की पुष्टि की है, लेकिन गिरफ्तारी या मकसद का खुलासा नहीं किया, जिससे अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय में बेचैनी बढ़ी है।

Bangladesh

बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले चुनावों के कारण, हिंदुओं पर हुए इन हमलों की श्रृंखला ने सबका ध्यान खींचा है। बैरागी की हत्या से पहले भी हिंदू नागरिकों के खिलाफ कई हिंसक वारदातें हुई थीं, जिससे सुरक्षा और राजनीतिक तनाव जनमाया है।

कौन था राणा प्रताप बैरागी?

राणा प्रताप बैरागी नरैल के दैनिक 'बीडी खोबोर' के कार्यकारी संपादक थे। उनका कोपलिया बाज़ार में एक बर्फ़ फ़ैक्टरी का व्यवसाय भी था, जहाँ गोलीबारी हुई। जांचकर्ताओं ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया कि हत्या का कारण उनका काम, व्यवसाय या कोई अन्य मुद्दा था।

18 सितंबर को 27 वर्षीय दीपू की पीट-पीटकर की थी हत्‍या

18 दिसंबर को मयमनसिंह जिले के भालुका में 27 वर्षीय हिंदू गारमेंट वर्कर दीपू चंद्र दास की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस-मीडिया रिपोर्टों अनुसार, दास पर एक फ़ैक्टरी कार्यक्रम में इस्लाम के बारे में अपमानजनक टिप्पणी का आरोप लगा था। एक बड़े समूह ने उन्हें पीटा, नग्न कर एक पेड़ से लटकाया और फिर शव को जला दिया।

हालांकि जांच में ईशनिंदा के इस आरोप को बेबुनियाद बताया। पुलिस ने लिंचिंग के संबंध में गिरफ्तारियाँ कीं। फिर भी, मानवाधिकार समूहों ने इसे उदाहरण माना कि कैसे अफवाहें और धार्मिक दावे, खासकर तनावपूर्ण राजनीतिक दौर में, अल्पसंख्यक व्यक्तियों के खिलाफ घातक भीड़ हिंसा भड़का सकते हैं।

युवक की गोली मारकर हत्‍या

मैमनसिंह जिले में बार्जेंद्र बिस्वास को भी एक अलग हमले में गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था।

31 दिसंबर को दुकानदार पर हमला, कर दी हत्‍या

31 दिसंबर को शरियतपुर जिले में, हिंदू मेडिकल दुकान मालिक खोकन दास दुकान बंद कर घर लौटते समय भीड़ ने हमला किया। उन पर चाकू से वार किया गया, पीटा गया, पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई। दास की बाद में ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल के नेशनल बर्न इंस्टीट्यूट में इलाज के दौरान मौत हो गई।

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