अमेरिका और अफगानिस्तान के बीच बढ़ा तनाव, ट्रंप ने क्यों दी तालिबान को धमकी
Bagram Airbase 2025: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अफगानिस्तान के बगराम एयरबेस को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चेतावनी दी कि अगर यह एयरबेस अमेरिका को वापस नहीं किया गया, तो इसके गंभीर नतीजे होंगे।
बगराम एयरबेस नाटो और अमेरिकी फोर्सेस के लिए दशकों तक रणनीतिक महत्व का केंद्र रहा है और यह चीन के परमाणु हथियार केंद्र के बेहद नज़दीक स्थित है। एयरबेस का यह रणनीतिक महत्व अमेरिका के लिए लंबे समय से फोकस का विषय रहा है।

ट्रंप ने क्या कहा?
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बगराम एयरबेस को लेकर साफ कह दिया है कि अगर अफगानिस्तान यह एयरबेस अमेरिका को वापस नहीं करता, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने इसे एक खुली चेतावनी के रूप में पेश किया और कहा कि फिलहाल अमेरिका अफगान सरकार से बातचीत कर रहा है और चाहते हैं कि एयरबेस जल्द ही उनके नियंत्रण में आए। ट्रंप ने एयरबेस का रणनीतिक महत्व भी उजागर किया, यह बताते हुए कि यह चीन के परमाणु हथियार केंद्र के सिर्फ एक घंटे की दूरी पर स्थित है। इसके अलावा, उन्होंने इस बात का इशारा भी किया कि अमेरिका लंबी अवधि की रणनीति के तहत इस एयरबेस को अपने नियंत्रण में ले सकता है, हालांकि अभी इस समझौते का स्वरूप स्पष्ट नहीं है।
अफगानिस्तान और तालिबान की प्रतिक्रिया
तालिबान ने साफ कर दिया है कि अफगानिस्तान में किसी भी तरह की अमेरिकी सैन्य वापसी को मंजूरी नहीं दी जाएगी। तालिबानी विदेश मंत्रालय के राजनीतिक निदेशक जाकिर जलाली ने X पोस्ट में लिखा कि अफगानिस्तान और अमेरिका को बातचीत करनी चाहिए, लेकिन यह केवल आपसी सम्मान और साझा हितों पर आधारित हो सकता है। सैन्य वापसी की किसी भी योजना को अफगानिस्तान स्वीकार नहीं करेगा।
बगराम एयरबेस का ऐतिहासिक महत्व
बगराम एयरबेस पिछले दो दशकों तक नाटो फोर्सेस का मुख्य केंद्र रहा है। तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्ज़ा करने से पहले यह अफ़ग़ान सेना को सौंपा गया था। ट्रंप ने ब्रिटेन में प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि अमेरिका को एयरबेस मुफ्त में दे दिया गया। एयरबेस की स्थिति और रणनीतिक महत्व इसे अमेरिका के लिए लंबी अवधि की निगरानी और चीन पर नजर रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण बनाता है।
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ट्रंप की विस्तारवादी रणनीति
ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि अमेरिका को पनामा नहर, ग्रीनलैंड और अन्य रणनीतिक जगहों पर कब्ज़ा करना चाहिए। बगराम एयरबेस उनके लिए रणनीतिक फोकस का हिस्सा है। 18 सितंबर को ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिका इस एयरबेस को नियंत्रण में ले सकता है, लेकिन अभी समझौते का स्वरूप स्पष्ट नहीं है।
बगराम एयरबेस वापसी: तालिबान और अमेरिका के लिए बड़ा झटका
यदि अमेरिका और अफगानिस्तान के बीच कोई समझौता होता है, तो यह तालिबान के लिए बड़ा बदलाव होगा। तालिबान ने अमेरिकी सैनिकों को बाहर निकालने और समर्थित सरकार से सत्ता वापस लेने के लिए संघर्ष किया था। एयरबेस की वापसी, रणनीतिक दृष्टि से अमेरिका को चीन और अन्य क्षेत्रों पर नजर रखने में मदद करेगी, जबकि तालिबान की स्थिति प्रभावित हो सकती है।
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