कोरोना वायरस की वजह से बंद होने की कगार पर दुनिया की 100 साल पुरानी एयरलाइंस!
बगोटा। दुनिया की दूसरी सबसे पुरानी एयरलाइंस कंपनी पर कोरोना वायरस महामारी की वजह से दिवालिया होने की कगार पर पहुंच गई है। इस महामारी की वजह से कंपनी अपने स्टाफ को सैलरी नहीं दे पा रही है और सरकार भी कंपनी की कुछ सुनने की हालत में नहीं है। बात हो रही है लैटिन अमेरिका की एयरलाइंस कंपनी आवियांका होल्डिंग्स एयरलाइंस की जिसने रविवार को खुद को दिवालिया घोषित कर दिया है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स का कहना है कि कोलंबिया की इस एयरलाइंस को सरकार की तरफ से भी आर्थिक मदद मिलने की सारी उम्मीदें कमजोर हो गई हैं।

लॉकडाउन की वजह से बंद ट्रैवल
साल 2020 के पहले पांच माह में दुनिया के कई देशों में लॉकडाउन की स्थिति है। ट्रैवल बंद है और सब लॉकडाउन की वजह से हर कोई घरों में ही दुबका है। आवियांका होल्डिंग्स का हेडक्वार्टर बगोटा में है और कोविड-19 की स्थिति एयरलाइंस का बिजनेस भी मार्च के अंत से ठप पड़ा है। कंपनी के करीब 20,000 कर्मियों को बिना सैलरी के संकट के समय घर में बैठना पड़ रहा है। कोलंबिया की इस एयरलाइंस की शुरुआत सन् 1919 में हुई थी। कंपनी के मुताबिक यह उन देशों में ऑपरेट करती है जहां पर कोविड-19 की वजह से 88% तक प्रतिबंध लगे हुए हैं।

सदी का सबसे चुनौतीपूर्ण समय
चीफ एग्जिक्यूटिव एंको वैन डेर वेरफ ने प्रेस रिलीज में कहा है, 'आवियांका को अपने 100 साल के इतिहास में सबसे चुनौतीपूर्ण समय से गुजरना पड़ रहा है।' हालांकि आवियांका महामारी से पहले भी वित्तीय संकट से गुजर रही थी लेकिन महामारी ने इसकी हालत और खराब कर दी। आवियांका को उम्मीद है कि सरकार उसके लिए कोई बेलआउट पैकेज जारी करेगी। आवियांका के सिर साल 2019 में 7.3 बिलियन डॉलर का कर्ज था।

कब बदलेगी किस्मत कोई नहीं जानता
कंपनी ने न्यूयॉर्क में दिवालिया घोषित करने की अर्जी दायर की है। उसका कहना है कि कर्ज अदा करने के बाद वह फिर से ऑपरेशन शुरू करेगी। आवियांका से अलग अमेरिकी एयरलाइंस के लिए भी परेशानियां बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। हालांकि यह समय कब आएगा इस बारे में कंपनी को भी कुछ नहीं मालूम है। बोइंग के सीईओ डेव कालहाउन ने एनबीसी को दिए एक इंटरव्यू में कहा है कि कोरोना वायरस महामारी की वजह से आने वाला समय आसान नहीं है।

एक बड़ी अमेरिकी एयरलाइंस भी संकट में
उन्होंने कहा है कि इसमें कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए कि अगर कोई बड़ी कंपनी अपना बिजनेस बंद करे। उनका कहना है कि महामारी की वजह से बहुत से एयरलाइंस के पास लॉकडाउन की वजह से यात्री ही नहीं हैं। प्लेन खड़ हुए हैं और यह बहुत ही घाटे का समय है। उन्होंने कहा है कि सितंबर के बाद भी ट्रैफिक बस 25 प्रतिशत ही होगा और इस वर्ष के अंत तक ही आंकड़ा 50 प्रतिशत पहुंच पाएगा।












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