एक पीएम का आतंकी ताकतों को संदेश, अगर नहीं है परंपराओं की कद्र तो छोड़ दो देश
मेलबर्न। हाल ही में टोनी एबॉट को उनके पद से हटाकर ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री बने मैलकम टर्नबुल ने देश में मौजूद आतंकी तत्वों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने साफ-साफ कहा है कि अगर उन्हें ऑस्ट्रेलिया की परंपराएं और मूल्यों की कोई कद्र नहीं है तो उन्हें ऑस्ट्रेलिया में भी रहने का कोई हक नहीं है।

टर्नबुल ने यह बता उस समय कही जब वह ऑस्ट्रेलिया में पिछले हफ्ते हुए एक मर्डर के सिलसिले में अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में पिछले दिनों 15 वर्ष के फरहाद जब्बार ने 58 वर्ष के कर्टिस चेंग की गोली मारकर हत्या कर दी थी। जब्बार ने चेंग को उस समय गोली मारी जब वह सिडनी पुलिस हेडक्वार्टर से बाहर आ रहे थे।
टर्नबुल ने कहा है कि जो लोग ऑस्ट्रेलियाई मूल्यों का सम्मान नहीं कर सकते हैं उन्हें ऑस्ट्रेलिया में रहने की कोई जरूरत नहीं है। ऐसे लोगों के लिए बाहर एक बड़ी दुनिया है और लोगों को आने जाने की आजादी है। पीएम टर्नबुल ने लोगों से अपील की है कि वे हिंसक उग्रवाद का रास्ता अख्तियार नहीं करें।
टर्नबुल का कहना है कि चेंग की हत्या 15 साल के एक लड़के के आतंकवाद के कृत्य के चलते हुई है। ऑस्ट्रेलिया मानता है कि वह उग्र राजनीतिक एवं धार्मिक विचारों से प्रेरित था।
टर्नबुल के मुताबिक जो समाज के ताने-बाने को उधेड़ना चाहते हैं, वे ऑस्ट्रेलियाई सपने का हिस्सा नहीं हैं, वे हमारे महान देश के हितों को आगे नहीं बढ़ा रहे हैं।
इस बीच, ऑस्ट्रेलिया में पर्रमट्टा मस्जिद के अध्यक्ष नील अल-कदोमी नील ने भी नमाजियों से कहा कि अगर उन्हें ऑस्ट्रेलिया पसंद नहीं तो आप चले जाएं।












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