एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन अमेरिकी ट्रायल में 74% प्रभावी, भारत के लिए भी अहम ये खबर, जानें क्यों?
एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन अमेरिकी ट्रायल में 74% प्रभावी, भारत के लिए भी अहम ये खबर, जानें क्यों?
वाशिंगटन, 30 सितंबर: एस्ट्राजेनेका की कोरोना वायरस की वैक्सीन जल्द अब अमेरिका में लोगों को लगेगी। ब्रिटिश-स्वीडिश कंपनी एस्ट्राजेनेका की कोविड-19 वैक्सीन को अमेरिका में जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है। कंपनी अपनी वैक्सीन की मंजूरी के लिए इसी साल अप्लाई करेगी। इस बीच एस्ट्राजेनेका ने बुधवार (29 सितंबर) को अमेरिका में किए गए अपने ट्रायल के नतीजे घोषित किए हैं। एस्ट्राजेनेका पीएलसी की कोविड -19 वैक्सीन बीमारी को रोकने में 74% प्रभावकारी (इफेक्टिव) है। बकि ये आंकड़ा 65 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों में बढ़कर 83.5% है। वहीं मार्च 2021 में कंपनी ने अंतरिम रिपोर्ट बताया था कि वैक्सीन की इफिकैसी 79 फीसदी है।

अमेरिकी ट्रायल में एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन का 74% प्रभावी होना भारत के लिए भी एक अच्छी खबर है। ये रिपोर्ट भारत के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि हमारे यहां भी एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन कोवीशील्ड का इस्तेमाल हो रहा है। भारत में फिलहाल कोवीशील्ड, भारत बॉयोटेक की कौवैक्सिन और स्पूतनिक कोरोना वैक्सीन का इस्तेमाल किया जा रहा है।
ट्रॉयल के नतीजों के बारे में जानें
-एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन के ट्रॉयल के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका, चिली और पेरू में 26,000 से अधिक वॉलेंटियर ने हिस्सा लिया था। जिन्हे लगभग एक महीने के अंतराल में वैक्सीन की दो डोज दी गई थी।
-इनमें से 17600 लोगों में कोई गंभीर साइडइफेक्ट नहीं दिखेंगे। वैक्सीन लेने वाले में से 17,600 से अधिक लोगों में कोई भी गंभीर बीमारी या कोरोना के कोई लक्षण नहीं दिखें।
- प्लेसीबो प्राप्त करने वाले 8,500 वॉलेंटियर में से 8 ऐसे मामले थे। प्लेसीबो समूह में भी दो मौतें हुईं लेकिन टीका पाने वालों में से कोई भी नहीं थी।
-जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय के एक वैक्सीन शोधकर्ता और अध्ययन के जांचकर्ताओं में से एक डॉ अन्ना डर्बिन ने नतीजे के बारे में कहा, ''मुझे ये रिपोर्ट देखकर खुशी हुई है। ये गंभीर बीमारी और अस्पताल में भर्ती होने के खिलाफ काफी सुरक्षा देने वाली है।''












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