अंतरिक्ष में फटा 'आग का गोला'! मिसाइल या फिर उल्कापिंड? जानिए क्या थी रहस्यमयी घटना
स्पेस में हाल ही में एक रहस्यमयी घटना के तथ्य सामने आए हैं। यूरोपियन स्पेस एजेंसी के मुताबिक एक आग के गोले को आकृति को अंतरिक्ष में फटते देखा गया।

Asteroid 2023 CX1: अंतरिक्ष में अपनी कक्षा को छोड़ने के बाद अक्सर उल्कापिंड नष्ट हो जाते हैं। एस्टेरॉयड की अनियमित चाल और दिशा में परिवर्तन के कारण उनका बढ़ने वाला तापमान ही उनके पतन का कारण बन जाता है। ये तब होता जब एस्टेरॉयड्स अपनी मूल कक्षा छोड़कर अंतरिक्ष की रहस्यमयी दुनिया में भटक जाते हैं। यूरोपीय अंतिरिक्ष एजेंसी (European Space Agency) ने हाल ही में एक ऐसे ही उल्कपिंड स्थिति को ट्रैक किया।
एस्टेरॉयड को ESA ने खोजा
स्पेस साइंटिस्ट्स ने इस साल पृथ्वी की सतह के करीब हुई एक खगोलीय घटना का खुलासा किया है, जिसके प्रभाव से पृथ्वी पर आने वाली एक भयानक तबाही टल गई। दरअसल, ये घटना इस साल 12 फरवरी की है, जब एक एस्टेरॉयड को पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने से कुछ ही घंटे पहले ही खोज लिया गया था। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस खगोलीय घटना के प्रभाव में आने पृथ्वी बाल- बाल बची थी। पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने वाले एस्टेरॉयड का प्रारंभिक नाम Sar2667 रखा गया। नए एस्टेरॉयड की तस्वीरें ईएसए के पिस्जेस्टेटो ऑब्जर्वेटरी द्वारा ली गई थी। जिनको लेकर यूरोपियन अंतिरिक्ष एजेंसी ने माइनर प्लैनेट सेंटर को इसकी सूचना दी थी।
आग का गोला बना एस्टेरॉयड
नए एस्टेरॉयड Sar2667 का नाम बाद में 2023 CX1 रखा गया। दरअसल ये क्षुद्रग्रह सीधे पृथ्वी के वायुमंडल में आने के बाद धरती की सतह कीओर बढ़ रहा था। लेकिन गनीमत ये रही की पृथ्वी की सतह से दूर वायुमंडल में तापमान बढ़ने फटा और जलकर नष्ट हो गया।
ESA ने क्या कहा?
पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने वाले उल्कपिंड को लेकर ईएसए के खगोलशास्त्रियों ने अपने शोध में कई अहम दावे किए हैं। एजेंसी ने 2023 CX1 पर हुए शोध को लेकर कहा कि पृथ्वी के वायुमंडल में एस्टेरॉयड के विस्फोट के बाद यह संभव है कि क्षुद्रग्रह के कुछ टुकड़े बच गए हों, जो बाद में ये फ्रांस के नॉर्मंडी में रूएन के उत्तरी तट पर गिरे हों। हालांकि उन्हें खोजने के लिए ईएसए ने कोई अभियान नहीं चलाया गया। लेकिन स्पेस एजेंसी ने ऐसी खगोलीय घटना को पृथ्वी के लिए खतरनाक मानते अपने हेरा मिशन पर जोर दिया और कहा, " ऐसी स्थिति से पृथ्वी को बचाने के लिए नासा के डार्ट मिशन की तरह ईएसए अपने हेरा मिशन आगे बढ़ाएगा।
2023 CX1 को लेकर 61 अलग रिपोर्ट
अपने छोटे आकार के कारण पृथ्वी की सतह पर पहुंचने से पहले वायुमंडल में ही नष्ट हो गया। ये पृथ्वी सतह से दूर यूरोप में आसमान में एक आग के गोले में बदलते ही फट गया। अंतर्राष्ट्रीय उल्का संगठन (IMO) ने खुलासा किया की ये खगोलीय घटना यूरोप में वेल्स, इंग्लैंड, फ्रांस, बेल्जियम, नीदरलैंड और जर्मनी में आग के गोले के आकार में दिखी। इस घटना को को लेकर 61 अलग-अलग रिपोर्ट्स सामने आईं।
क्षुद्रग्रह के हमले से बची पृथ्वी
इससे पहले साल 2022 में भी ऐसी ही घटना देखने को मिली थी। जब क्षुद्रग्रह 2022 EB5 आइसलैंड के तट के पास पृथ्वी से टकरा गया। लेकिन गनीमत ये रही कि इसका प्रभाव समुद्र के तटीय क्षेत्रों से काफी दूर था। एस्टेरॉयड EB5 आकार में 3 से चार मीटर चौड़ा था। जबकि एस्टेरॉयड 2023 CX1 करीब 3 फुट चौड़ा था।












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