मुनीर ने शहबाज को चीन की पुरानी फोटो ऑपरेशन 'बुनयान' की बताकर की गिफ्ट, बने बेइज्जती के 'सेंटर ऑफ ग्रेविटी'
इंसान अपनी आदतों को बदल सकता है लेकिन फितरत नहीं ये वाक्य पाकिस्तान आर्मी और उसके सिपहसलारों पर एकदम फिट बैठता है। पाकिस्तान आर्मी आए दिन झूठ बोलती रहती है, उसके लिए फर्जी सबूतों और तस्वीरों का भरपूर सहारा भी लेती है। पुराने जमाने में ये पैंतरे खूब सफल थे लेकिन अब जमाना फैक्ट चैक का है और पाकिस्तानी लोग यहीं अपने तकनीकि ज्ञान और धूर्त होने के पुख्ता प्रमाण दे देते हैं। हालिया मामला एक बार फिर पाकिस्तान आर्मी के ताजा फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ से जुड़ा है।
मुनीर ने शहबाज से चिपकाया पुराना चाइनीज फोटो
पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर ने हाल ही में एक डिनर पार्टी रखी जिसमें प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ सहित कई बड़ी हस्तियां शामिल हुईं। इस समारोह के दौरान मुनीर ने शरीफ को एक पेंटिंग भेंट की जिसका मकदस था, भारत के खिलाफ पाकिस्तान की सैन्य शक्ति को बताया। गिफ्ट मिला, तालियां बजी, गिफ्ट देने की तस्वीर मीडिया में छपी और यहीं से रायता फैल गया। पाकिस्तानी पत्रकारों ने इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया और बाकी भारत समेत इंटरनेशनल मीडिया ने इसका फैक्ट चैक कर लिया। फैक्ट चैक में पाकिस्तान की पतलून उतर गई। दरअसल गिफ्ट की गई पेंटिंग असल में 2019 में चीनी सेना के अभ्यास की एक तस्वीर थी। इस ब्लंडर से एक बार फिर आसिम मुनीर बेइज्जी के 'सेंटर ऑफ ग्रेविटी' बन गए।

घटिया एडिटिंग, एक ट्रक को तीन बार लगाया
वास्तव में इस तस्वीर में सिर्फ एक ट्रक से रखीं मिसाइलें लॉन्च हो रही थीं, लेकिन पाकिस्तान और पाकिस्तान के कमजोर फोटो एडिटर्स ने इसमें तकनीकी छेड़छाड़ की। जिसमें उन्होंने उस एक ट्रक को तीन बार कॉपी पेस्ट कर के एक नई पेंटिंग का सृजन कर दिया। पाकिस्तानी एडिटर्स ने सोचा होगा किसी को क्या ही पता चलेगा। लेकिन ये दांव उन पर उल्टा पड़ गया
Google Images और चीनी आइटम का बखान
इस तस्वीर का ऑनलाइन बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया है और इसे Google Images के माध्यम से आसानी से देखा जा सकता है। अब सोशल मीडिया यूजर्स मुनीर और शहबाज के मजे ले रहे हैं। एक सोशल मीडिया यूजर ने टिप्पणी की, "एक और शर्मनाक बात... पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ को चीनी PHL-03 रॉकेट लॉन्चर की एक मॉर्फ्ड तस्वीर उपहार में दी गई।" शर्मिंदगी के बावजूद, न तो पाकिस्तानी सरकार और न ही उसकी सेना ने कोई आधिकारिक बयान जारी किया है। एक दूसरे यूजर ने इसे दोबारा एडिट कर इसमें वर्ल्ड फेमस मजनू भाई की गधे वाली पेेंटिंग फिट कर दोनों को मूर्ख बताने की कोशिश की। इसके अलावा भी कई प्रकार की बेइज्जती का पाकिस्तान को सामना करना पड़ रहा है। जैसे कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीनी वॉरशिप का फोटो पाकिस्तान का बताकर सबको दिखा दिया था और पकड़े भी गए थे।\
गणमान्य नागरिकों के सामने बेआबरू हुए 'शरीफ'
रात्रिभोज कार्यक्रम में राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और विदेश मंत्री इशाक डार सहित कई उच्च-स्तरीय नेता शामिल हुए। इन गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति के बावजूद, पाकिस्तान की सैन्य उपलब्धियों का महिमामंडन करने की कोशिश बुरी तरह फेल हुई और राष्ट्रीय गौरव का पल राष्ट्रीय गोबर में बदल गया। लिहाजा पाकिस्तान अपनी ऐतिहासिक गलतियों और अपनी बेवकूफों वाली छवि से उबरने के बजाय उसी में गोते लगा रहा है। ऐसे में इनके किसी भी दावे पर कौन भरोसा करेगा कोई नहीं जानता।
बेइज्जती की 'सेंटर ऑफ ग्रेविटी'
पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया न आना बताता है पाकिस्तान पूरे समय सफेद झूठ बोलता रहा। ये झूठ उसकी एक-दो बार नहीं बल्कि कई बार बेइज्जती करवा चुके हैं। बावजूद इसके पाकिस्तान अपनी बेइज्जती की सेटंर ऑफ ग्रेविटी वाली हरकतों से बाहर नहीं आना चाहता। दूसरी तरफ अधिकारियों के स्तर पर बार-बार होने वाले ब्लंडर्स को अंतर्राष्ट्रीय मीडिया जमकर छापता है और चुटकी भी लेता है।
अंतर्राष्ट्रीय मीडिया ने की तुलनात्मक बेइज्जती
भारत के खिलाफ अपनी सैन्य सफलताओं के वास्तविक सबूत पेश करने में भी पाकिस्तान फेल हुआ। वहीं न्यूयॉर्क टाइम्स ने मैक्सर लैब के फोटो के जरिए बताया कि भारत ने पाकिस्तान को किस हद तक नुकसान पहुंचाया। इसको लेकर अखबार ने नूर खान समेत दूसरे पाकिस्तानी सैन्य एयरबेस पर भारतीय हमलों से बने गढ्ढों और बर्बाद हुए इन्फ्रास्ट्रक्चर के फोटो साफ-साफ दिखाए। यह तुलानत्मक बेेइज्जती पाकिस्तान की शर्मिंदगी को बढ़ाती है और उसकी बेशर्मी को भी बेपर्दा करती है।
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