गाजा पर हमले के खिलाफ सऊदी अरब में जमा हुए इस्लामी देश, इजराइल के खिलाफ क्या बोले सलमान, अर्दोआन और रईसी?
सऊदी अरब और अन्य मुस्लिम देशों ने शनिवार को रियाद में एक संयुक्त शिखर सम्मेलन में गाजा में चल रहे युद्ध को तत्काल समाप्त करने का आह्वान किया। इस दौरान मुस्लिम देशों ने इजराइल के जवाबी हमले की भी निंदा की और घोषणा की कि तेल अवीव फिलिस्तीनियों के खिलाफ "अपराधों" के लिए जिम्मेदार है।
ये असाधारण इस्लामिक-अरब बैठक इजराइल और अमेरिका पर गाजा में सघर्ष विराम करने का दबाव बनाने के लिए आयोजित की गई। इसका आयोजन सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने किया। बैठक में शामिल होने के लिए ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी भी पहुंचे। पिछले 11 सालों में पहली बार है जब कोई ईरानी राष्ट्रपति सऊदी अरब पहुंचे हैं।

इसके अलावा बैठक में तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयेप अर्दोआन, मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फ़तह अल सीसी, सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद, जॉर्डन के किंग, फ़लस्तीनी प्राधिकरण के प्रमुख महमूद अब्बास, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो, किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सैडी जापारोव और दुनिया भर के प्रमुख मुसलमान नेता पहुंचे।
इस सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने कहा कि गाजा में जो हो रहा है, उसका जिम्मेदार इजराइल है। क्राउन प्रिंस सलमान ने कहा, "सऊदी अरब फिलिस्तीनियों के खिलाफ हो रहे अपराधों के लिए इजराइल के कब्जा करने वाले अधिकारियों को जिम्मेदार मानता है।"
क्राउन प्रिंस सलमान ने गाजा में तुरंत संघर्ष विराम लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब ग़ज़ा में निरंतर इजराइली हमलों और फिलिस्तीनियों के जबरन विस्थापन को स्पष्ट रूप से खारिज करता है।
मोहम्मद बिन सलमान ने अंततराष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों को लागू करने में 'दोहरे मानदंडों' का मुद्दा उठाते हुए पश्चिमी देशों की फिलिस्तीनियों के खिलाफ हिंसा पर खामोशी की आलोचना की। सलमान ने बंधकों को भी रिहा करने की मांग की।
फिलिस्तीन
फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने कहा कि फिलस्तीनी लोग नरंसहार का सामना कररहे हैं। उन्होंने अमेरिका से इजराइली "आक्रामकता" को समाप्त करने का आह्वान किया।
ईरान
ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने हमास की सराहना की। इजराइल के खिलाफ अभूतपूर्व हमले शुरू करने के लिए फिलिस्तीनी आतंकवादी समूह हमास के लिए समर्थन व्यक्त करते हुए, रईसी ने इस्लामिक देशों से तेल अवीव पर तेल और माल प्रतिबंध लगाने की मांग की।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा, "इजराइल का विरोध करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है, हम इजराइल के खिलाफ प्रतिरोध के लिए हमास के हाथों को चूमते हैं।"
सऊदी अरब की अपनी पहली यात्रा पर रईसी ने कहा कि इस्लामिक देशों को गाजा में अपने आचरण के लिए इजराइली सेना को "आतंकवादी संगठन" नामित करना चाहिए। उन्होंने गाजा पर इजराइल के हमले को इतिहास का सबसे बड़ा अपराध करार दिया।
तुर्की
तुर्की के राष्ट्रपति अर्दोआन ने कहा कि गाजा में जो हो रहा है उसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। हमास, जो अपनी जमीन की हिफाजत कर रहा है उसकी तुलना इजराइली कब्जा करने वालों से नहीं की जा सकती है। उन्होंने गाजा में पूर्ण संघर्ष विराम की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने इजराइल से गाजा में हुए बर्बादी का हर्जाना भी मांगा।
इजराइल संग संबंध तोड़ने की मांग
अल्जीरिया और लेबनान समेत कुछ देशों ने गाजा में हो रही बर्बादी के जवाब में इजराइल और उसके सहयोगी देशों को तेल की आपूर्ति रोकने का प्रस्ताव दिया। इसके अलावा अरब लीग के कुछ देश जिनके इजराइल के साथ राजनयिक और आर्थिक संबंध हैं, उनसे तेल अवीब संग संबंध तोड़ने के लिए भी कहा गया।
हालांकि एएफपी ने सूत्रों के हवाले लिखा है कि संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन समेत कम से कम तीन देशों ने इन प्रस्तावों को खारिज कर दिया है। यूएई और बहरीन ने साल 2020 में इजराइल के साथ राजनयिक संबंध बहाल किए थे।












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