Liz Truss के अलावा विश्व के किन प्रमुख देशों में महिलाएं कर रही हैं नेतृत्व ? Top 10 की लिस्ट
नई दिल्ली, 5 सितंबर: संयुक्त राष्ट्र महिला डिविजन के आंकड़ों के मुताबिक 1 सितंबर, 2021 तक विश्व के 26 देशों में महिलाएं राष्ट्र प्रमुख थीं और 24 देशों में उनके हाथों में सरकार की कमान थी। इस लिस्ट में थोड़ा-बहुत ही सुधार हुआ है, जिसमें से सोमवार को लिज ट्रस को ब्रिटेन का नया प्रधानमंत्री बनने का मौका मिला है। पिछले कुछ वर्षों में महिला राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों ने अपनी कार्य क्षमता का ऐसा परिचय दिया है, जिसके चर्चे पूरी दुनिया में हैं। लेकिन, फिलहाल हम उन हम उन प्रमुख महिला नेतृत्वों का जिक्र कर रहे हैं, जो अपने देश की सत्ता में प्रभावी भूमिकाओं में हैं।

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री लिज ट्रस
प्रधानमंत्री के चुनाव में अपने प्रतिद्वंद्वी और पूर्व विदेश मंत्री ऋषि सुनक को हराकर लिज टस ब्रिटेन की नई प्रधानमंत्री चुन ली गई हैं। वो बोरिस जॉनसन की जगह लेंगी। ब्रिटेन की पूर्व विदेश, कॉमनवेल्थ सेक्रेटरी रहीं मैरी एलिजाबेथ ट्रस मार्गरेट थैचर और थेरेसा मे के बाद यूनाइटेड किंगडम की तीसरी प्रधानमंत्री चुनी गई हैं।

न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न
न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न को कोविड के खिलाफ अभियान के लिए पूरी दुनिया ने सराहा है। जेसिंडा अर्डर्न न्यूजीलैंड की सत्ता में बहुत ही प्रभावशाली हैं और वह ऐसी नेता हैं, जिन्होंने कोविड-19 पर लगाम लगाने के लिए अपनी शादी रद्द करके सुर्खियों में आई थीं। 2017 में वह सिर्फ 37 साल की उम्र में न्यूजीलैंड की पीएम बनी थीं और वहां के 150 वर्षों के इतिहास की सबसे युवा प्रधानमंत्री बनीं।

फिनलैंड की प्रधानमंत्री सना मारिन
सना मारिन 2019 से फिनलैंड की प्रधानमंत्री हैं। वह सिर्फ 36 साल की हैं। हालांकि, वह हाल में एक वीडियो और एक तस्वीर की वजह से काफी विवादों में आ चुकी हैं और उस तस्वीर के लिए उन्होंने माफी भी मांगी है। हालांकि, फोटो में वह नहीं दिख रही हैं, लेकिन उसे उनके आधिकारिक निवास में लिया गया था, जिसको लेकर लोग आपत्ति जता रहे थे।

फ्रांस की प्रधानमंत्री एलिजाबेथ बोर्न
61 वर्षीय पेशे से इंजीनियर एलिजाबेथ बोर्न को इस साल मई में फ्रांस के प्रधानमंत्री के रूप में नामित किया गया था। वह एडिथ क्रेशन के बाद फ्रांस की दूसरी पीएम बनीं हैं, जो 1990 के दशक में एक साल से भी कम समय तक इस पर पर रही थीं। हालांकि, फ्रांस में राष्ट्रपति की भूमिका काफी प्रभावी रहती है।

स्वीडन की प्रधानमंत्री मैग्डेलेना एंडरसन
स्वीडन में लैंगिक समानता पर बहुत ही ज्यादा जोर रहा है, लेकिन फिर भी नवंबर 2021 से पहले वहां कोई भी महिला प्रधानमंत्री नहीं बनी थी। सोशल डेमोक्रैट मैग्डेलेना एंडरसन स्वीडन की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं। पेशे से अर्थशास्त्री रहीं एंडरसन सात साल तक वित्त मंत्री रह चुकी हैं।

डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन
जून 2019 में मेटे फ्रेडरिक्सन डेनमार्क की सबसे युवा प्रधानमंत्री बनीं थीं। जिस समय उनका चुनाव हुआ था, वह महज 41 साल की थीं। वह सोशल डेमोक्रैट नेता हैं। वह डेनमार्क के इतिहास में दूसरी महिला प्रधानमंत्री हैं। उनसे पहले हेल्ले थॉर्निंग 2011 से 15 तक वहां की पीएम रह चुकी थीं। वह भी सोशल डेमोक्रैट पार्टी से संबंधित थीं।

आइसलैंड की पीएम कैटरीन याकोबस्डोटिर
कैटरीन याकोबस्डोटिर 30 नवंबर, 2017 से आइसलैंड की प्रधानमंत्री हैं। वह 2013 से लेफ्ट-ग्रीन मूवमेंट की चेयरमैन भी हैं। 1976 में जन्मीं कैटरीन को बहुत ही कम उम्र में पीएम बनने का मौका मिला। इसी साल मई महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उनसे बातचीत भी हुई थी और आपसी व्यापार, ऊर्जा, मत्स्य पालन समेत कई मसलों पर दोनों नेताओं के बीच सहयोग को लेकर चर्चा हुई थी।(ऊपर की तस्वीर सौजन्य: विकिपीडिया)

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना इन दिनों चार दिवसीय भारत दौरे पर आई हुई हैं। वह बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर्रहमान की बेटी हैं। हसीना मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगी और कई मुद्दों पर चर्चा करेंगी। शेख हसीना लंबे समय से बांग्लादेश की सत्ता पर काबिज हैं।

ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग वेन
1956 में जन्मी ताइवान की पहली महिला राष्ट्रपति साई इंग वेन की प्रभावी भूमिका का अंदाजा इसी से लग सकता है कि वह चीन की शी जिनपिंग की तानाशाही सत्ता के आगे छोटे से ताइवान को बुलंदी के साथ खड़ा कर रखा है। वेन इस पद पर 2016 से ही कायम हैं और वह ताइवान की अपनी पहचान के लिए संघर्ष कर रही हैं। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना की तमाम धमकियों को उन्होंने कभी भी ताइवान की जनता पर हावी नहीं होने दिया है।

नेपाल की राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी
नेपाल में परंपरागत तौर पर राजतंत्र था और मौजूदा शासन प्रणाली की शुरुआत 2008 से ही हुई है, जिसमें राष्ट्राध्यक्ष के रूप में राष्ट्रपति का पद है। नेपाल में 2015 में नया संविधान लागू होने के बाद बिद्या देवी भंडारी वहां की पहली राष्ट्रपति हैं। जबकि, नेपाल के गणतंत्र बनने के बाद से वह दूसरी राष्ट्रपति हैं। वह नेपाल की राष्ट्राध्यक्ष हैं और संविधान की संरक्षक हैं। लेकिन, नेपाल में सरकार का संचालन प्रधानमंत्री के ही हाथों में होता है।












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