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जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल और व्लादिमीर पुतिन के बीच जमकर बहसबाजी

मानवाधिकार के मुद्दे पर व्लादिमिर पुतिन लगातार पश्चिमी देशों के निशाने पर रहते हैं। बाइडेन भी लगातार पुतिन पर आरोप लगाते रहते हैं।

मॉस्को, अगस्त 21: जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के बीच जमकर बहसबाजी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, मॉस्को दौरे पर गई जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने जैसे ही रूसी राष्ट्रपति के सामने मानवाधिकार का मुद्दा उठाया, ठीक वैसे ही पुतिन भड़क गये और दोनों नेताओं के बीच बहसबाजी शुरू हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच का वातावरण काफी तनावपूर्ण हो गया था।

पुतिन-मर्केल में बहसबाजी

पुतिन-मर्केल में बहसबाजी

रिपोर्ट के मुताबिक, जर्मनी की चांसलर और पुतिन के बीच बहसबाजी तब शुरू हुई, जब मानवाधिकार के मुद्दे को लेकर मर्केल ने पुतिन को घेरने की कोशिश की। रिपोर्ट के मुताबिक, रूस में विपक्षी नेता एलेक्सी नवेलनी, जो पिछले 6 महीने से ज्यादा वक्त से जेल में बंद हैं, उनको लेकर एंजेला मर्केल ने रूसी राष्ट्रपति को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश थी। मर्केल ने कहा कि रूस के अंदर राजनीतिक विरोधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाता है और उन्हें अलग अलग तरह से प्रताड़ित किया जाता है और जेल में रखा जाता है, जिसके बाद पुतिन भड़क गये। रूसी राष्ट्रपति ने एलेक्सी नवेलनी के साथ साथ अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।

मर्केल की आखिरी रूस यात्रा

मर्केल की आखिरी रूस यात्रा

एंजेला मर्केल बतौर जर्मनी की राष्ट्राध्यक्ष आखिरी बार रूस की यात्रा कर रही हैं। क्योंकि, उन्होंने करीब 16 सालों तक जर्मनी की सत्ता संभालने के बाद अगले महीने पद छोड़ने का ऐलान कर रखा है। लेकिन, आखिरी यात्रा के दौरान दोनों नेताओं के बीच तीखी बातचीत देखी गई है। आपको बता दें कि यूरोपीयन देशों ने एलेक्सी नवेलनी को जेल में डालने को लेकर रूस पर कई तरह के प्रतिबंध लगा रखे हैं। वहीं, अमेरिका भी एलेक्सी नवेलनी के मुद्दो को मानवाधिकार का उल्लंघन बताता है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने तो पुतिन को 'हत्यारा' तक कह दिया था। और अभी भी अमेरिका और यूरोपीयन देशों की रूस के साथ एलेक्सी नवेलनी के मुद्दे पर विवाद जारी है। वहीं, पुतिन ने कहा है कि एलेक्सी नवेलनी किसी साजिश के तहत नहीं, बल्कि अपने अपराधों की वजह से जेल में बंद है।

रूस ने मांगा जर्मनी से सबूत

रूस ने मांगा जर्मनी से सबूत

दरअसल, पिछले साल अगस्त महीने में एलेक्सी नवेलनी साइबेरिया में एक प्लेन में अचानक बेहोश हो गये थे। जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान जर्मनी की लैब में पता चला कि उन्हें बेहद खतरनाक नर्व एजेंट जहर 'नोविकोच' दिया गया था। करीब 6 महीने के बाद एलेक्सी नवेलनी को होश आया था और उन्होंने दावा किया था कि व्लादिमीर पुतिन के कहने पर उन्हें जान से मारने की कोशिश की गई। हालांकि, रूसी अधिकारियों ने जहर देने की बात से इनकार करते हुए सबूत देने की मांग की थी। वहीं, अब जबकि जर्मनी की चांसलर ने रूरी राष्ट्रपति के सामने एलेक्सी नवेलनी को जहर देने का आरोप लगाया तो व्लादिमीर पुतिन ने एंजेला मर्केल को कहा कि अगर आप आरोप लगा रही हैं तो आपको इसी वक्त सबूत भी पेश करना चाहिए।

व्लादिमीर पुतिन Vs एलेक्स नवेलनी

व्लादिमीर पुतिन Vs एलेक्स नवेलनी

आपको बता दें कि रूस में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने संविधान संशोधन कर खुद को जिंदगी भर के लिए राष्ट्रपति घोषित कर लिया है। यानि, उनके रहते कोई दूसरा नेता रूस की बागडोर नहीं संभाल सकता है। राष्ट्रपति के इस फैसले का विरोध रूस के कई विपक्षी नेताओं ने किया। और सबसे प्रखर विरोधी एलेक्स नवेलनी ने किया था। जिसके बाद से वो रूसी सरकार के निशाने पर आ गये थे। हालांकि, पिछले दिनों जब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से एलेक्सी के बारे में पूछा गया था, तो उन्होंने कहा था कि 'वो कुछ भी नहीं है। आपको रूस में उसका एक भी समर्थक नहीं मिलेगा'। हालांकि, एलेक्सी नवेलनी अमेरिका और यूरोपीय देशों के लिए बहुत बड़ा मुद्दा है और नवेलनी को लेकर अमेरिका लगातार रूस पर दवाब बनाने की कोशिश करता रहता है।

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