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Book of the Dead : आत्मा को रास्ता दिखाने वाली मिस्र की रहस्यमयी किताब, जो गुप्त मंत्रों से भरा है

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मिस्र, अगस्त 22: प्राचीन मिस्र... दुनिया के एक रहस्यमयी खजाना, जिनेके रहस्यों से आज तक पर्दा हटते रहते हैं और इसानों को चौंकाते रहते हैं। "बुक ऑफ द डेड" प्राचीन मिस्र के ग्रंथों की एक श्रृंखला को दिया गया एक आधुनिक नाम है, जिसको लेकर मिस्रवासियों का मानना ​​है, इस किताब के रहस्यों को, इसमें दर्ज संकेतों और शब्दों को अगर बढ़ लिया जाए, तो मृतकों को अंडरवर्ल्ड में रास्ता दिखाने में मदद मिलेगी। द बुक ऑफ द डेड अपने आप में हजारों रहस्यों के समेटे हुई है और इन ग्रंथों की प्रतियां अकसर मृतकों के साथ ही दफन कर दी जाती थीं।

मुर्दाघर के रहस्यमय ग्रंथ

मुर्दाघर के रहस्यमय ग्रंथ

शिकागो विश्वविद्यालय में इजिप्टोलॉजी के प्रोफेसर एमेरिटस पीटर डॉर्मन ने लिखा है, कि "बुक ऑफ द डेड' मुर्दाघर के ग्रंथों के अपेक्षाकृत बड़े संग्रह को दर्शाता है जिसे आम तौर पर पेपिरस स्क्रॉल पर कॉपी किया गया था और न्यू किंगडम (लगभग 1550 ईसा पूर्व से 1070 ईसा पूर्व) के बीच उसे लिखने वाले के साथ ही दफन कर दिया गया। प्रोफेसर एमेरिटस पीटर डॉर्मन ने 'बुक ऑफ द डेड: बीइंग गॉड इन एंशिएंट इजिप्ट' नाम की एक किताब साल 2017 में लिखी थी, जिसमें उन्होंने उस अदृश्य संसार के राज को जानने की कोशिश की थी।

काफी लोकप्रिय था

काफी लोकप्रिय था "बुक ऑफ द डेड"

न्यू किंगडम के दौरान "बुक ऑफ द डेड" लोकप्रिय हो गया, लेकिन इसे "कॉफिन टेक्स्ट्स" से लिया गया था - इसलिए इसका नाम ये इसलिए रखा गया, क्योंकि वे अक्सर ताबूतों पर लिखे जाते थे, और इसे लिखने के लिए "पिरामिड टेक्स्ट" का इस्तेमाल किया जाता था, जो पिरामिड की दीवारों पर खुदे हुए दिखते हैं। डॉर्मन ने नोट किया कि, ये ताबूत ग्रंथ मध्य साम्राज्य (लगभग 2030 ईसा पूर्व से 1640 ईसा पूर्व) के दौरान काफी लोकप्रिय थे, जबकि, पिरामिड ग्रंथ पहली बार पुराने साम्राज्य के पांचवें राजवंश (लगभग 2465 ईसा पूर्व से 2323 ईसा पूर्व) में दिखाई दिए।

मंत्रों से भरी ही रहस्यमयी किताब

मंत्रों से भरी ही रहस्यमयी किताब

"बुक ऑफ द डेड" प्राचीन मिस्र में बनाए गये सैकड़ों अलग अलग मंत्रों से भरी पड़ी हैं, जिन्हें अलग अलग अध्यायों में समेटा गया है। में अलग-अलग अध्याय या मंत्र शामिल हैं। शिकागो विश्वविद्यालय में शोध अभिलेखागार के प्रमुख फॉय स्कैल्फ, जो मिस्र में डॉक्टरेट रखते हैं, उन्होंने लाइव साइंस को ईमेल पर भेजे एक सवाल के जवाब में बताया कि, "प्राचीन मिस्रवासियों ने प्रत्येक रचना को निर्दिष्ट करने के लिए rꜢ शब्द का उपयोग किया था। rꜢ शब्द का आम तौर पर 'वर्तनी' या 'उच्चारण' के रूप में अनुवाद किया जाता है। यह एक मानव मुंह के चित्रलिपि के साथ लिखा गया है क्योंकि यह शब्द भाषण से संबंधित था।"

मकबरे के साथ रखी होती थी किताब

मकबरे के साथ रखी होती थी किताब

हालांकि, हर मकबरे के साथ ये रहस्यमयी किताब नहीं मिली है, लेकिन जो भी किताबें मिली हैं, उनकी अलग अलग प्रतियों में अलग अलग तरह के मंत्र लिखे हुए मिले हैं। हालांकि, किसी भी एक किताब में सभी के सभी मंत्र नहीं लिखे गये है और डॉर्मन का कहना है, कि हर किताब दूसरे किताब से काफी अलग है। जिसका मतलब ये हुआ, कि अलग अलग लेखकों ने "बुक ऑफ द डेड" को लिखआ होगा, लेकिन हर किताबों में अलग अलग मंत्र लिखा था। प्राचीन मिस्रवासियों ने इन ग्रंथों को "दिन के हिसाब से आने वाली पुस्तक" कहा है। यह देखते हुए कि यह नाम "मिस्र के लोगों के विश्वास को दर्शाता है, कि मृतक को एक गौरवशाली आत्मा, या अख के रूप में मृत्यु के बाद नये जीवन में प्रवेश करने में सहायता करने के लिए मंत्र प्रदान किए गए थे।"

आत्मा को भटकने से बचाने वाली किताब

आत्मा को भटकने से बचाने वाली किताब

कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में मिस्र के प्रोफेसर एमेरिटस बैरी केम्प ने अपनी पुस्तक "कैसे टू द मिस्ट्री बुक ऑफ द डेड" में "बुक ऑफ द डेड" किताब के बारे में लिखा है, जिसमें उन्होंने लिखा है, कि प्राचीन मिस्र के लोगों का मानना था, कि किताब में लिखी मंत्रों के माध्यम से कब्र में जिस मृत को दफनाया जा रहा है, उसकी आत्मा अपने गंतव्य स्थान तक पहुंच जाएगी। मिस्र के लोगों का मानना था, कि अगर मृतक की आत्मा को कोई सही राह दिखाने वाला नहीं मिले, तो आत्मा अनंतकाल तक भटकती रहेगी, लिहाजा उनके साथ मंत्रों की किताब होनी ही चाहिए।

किताब में सूर्य देव के महत्व पर बात

किताब में सूर्य देव के महत्व पर बात

डॉर्मन ने कहा कि, किताब में लिखे गये कई मंत्रों में जिन अक्षरों का इस्तेमाल किया गया है, उनका अलग अलग अध्यायों में इस्तेमाल किए गये अलग अलग मंत्रों में उन्हीं संकेतों का इस्तेमाल किया है। इन आवश्यक मंत्रों में से एक को अब स्पेल 17 के रूप में जाना जाता है, जो सूर्य-देव रे (जिसे रा भी कहा जाता है) के महत्व पर चर्चा करता है, जो मिस्र के सबसे महत्वपूर्ण देवताओं में से एक है। प्राचीन मिस्रवासियों का मानना ​​था कि, मृतक के शरीर को "देवताओं, राक्षसों, रहस्यमय स्थानों और संभावित बाधाओं" के स्थान पर नेविगेट करने के लिए छोड़ने के बाद के फिर से नया जीवन प्राप्त किया जा सकता है। केम्प ने लिखा है कि, "बुक ऑफ द डेड" के अध्यायों में कुछ चीजों का वर्णन किया जा सकता है, जैसे कि एक देवी का वर्णन किया गया है, जो न्याय से जुड़ी एक देवी हैं।

चित्रों के साथ लिखे हुए हैं मंत्र

चित्रों के साथ लिखे हुए हैं मंत्र

किताब में लिखे मंत्र अक्सर सचित्र हैं। मिस्र के एक वैज्ञानिक गेराल्डिन पिंच ने अपनी पुस्तक "मिस्रियन मिथ: ए वेरी शॉर्ट इंट्रोडक्शन में लिखा है कि, "नए साम्राज्य के अंतिम संस्कार ग्रंथों के संग्रह में चित्र बहुत महत्व के हैं, जिन्हें अब मिस्र की बुक ऑफ द डेड कहा जाता है।" किताब में लिखा है कि,"बुक ऑफ डेड के कई चित्रलिपि ग्रंथों को पढ़ने में असमर्थ रहे होंगे, लेकिन वे जटिल शब्दचित्रों को समझ सकते थे जो मंत्रों की सामग्री को सारांश के साथ समझाने की कोशिश करते हैं। किताब में लिखे मंत्रों में किसी जेंडर का जिक्र नहीं किया गया है। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में पढ़ाने वाले मिस्रविज्ञानी मैरिसा स्टीवंस ने लिखा है कि, किताब में लिखे मंत्र ऐसे नहीं हैं, जो विशेष रूप से महिलाओं की तरफ संकेत कर रहे हों या फिर किसी पुरूष देवता की तरफ संकेत दे रहे हों।

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English summary
The Book of the Dead: The mysterious book of ancient Egypt, by reading which the soul found the way to rebirth...
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