लंदन में ट्विटर पर मुसलमानों के खिलाफ नफरत फैलाने का दोषी भारतीय युवक, कोर्ट ने सुनाई 20 माह की सजा
लंदन में भारतीय मूल के एक व्यक्ति को सोशल मीडिया पर नफरत भरा कंटेंट पोस्ट करने के आरोप में 20 माह तक जेल की सजा सुनाई गई है।
लंदन। लंदन में भारतीय मूल के एक व्यक्ति को सोशल मीडिया पर नफरत भरा कंटेंट पोस्ट करने के आरोप में 20 माह तक जेल की सजा सुनाई गई है। पिछले वर्ष मैनेचेस्टर में पॉप स्टार आरियाना ग्रांडे के कॉन्सर्ट में हुए आतंकी हमले से जुड़ी एक पोस्ट इस व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर की थी जिसके बाद बर्मिंघम के क्राउन कोर्ट की ओर से इसे सजा सुनाई गई है। इस व्यक्ति का नाम रोढने चंद है और इसे ऑनलाइन नफरत फैलाने का दोषी माना गया है। चंद को मंगलवार को सजा सुनाई गई है।

चंद की सजा बनेगी मिसाल
वेस्ट मिडिलैंड्स की पुलिस का कहना है कि 31 वर्ष के चंद को सजा एक चेतावनी के तौर पर है। ऐसे सभी लोग जो ऑनलाइन नफरत भरे मैसेजेस पोस्ट करते हैं उन्हें हेट क्राइम्स के आरोप में गिरफ्तार किया जा सकता है। वेस्ट मिडिलैंड्स पुलिस सुपरिटेंडेंट मैट शेयर का कहना है कि इस केस को मुसलमान और पाकिस्तानी समुदाय के लिए आक्रामकता के तौर पर देखा जाना चाहिए। इस केस ने उन तमाम लोगों के अंदर भी डर पैदा किया है जो चंद को ट्विटर पर फॉलो करते हैं। उन्होंने कहा कि कानून बहुत अलर्ट है और अभिव्यक्ति या फिर किसी के नजरिए को सजा नहीं दी जाती है। लेकिन चंद की कुछ ट्वीट्स बहुत ही आक्रामक थीं और इन्हें मान्यता नहीं दी जा सकती है।
पुलिस का कहना है कि उसकी कुछ ट्वीट्स में मुसलमानों और मस्जिदों पर हमले तक की बात कही गई थी। एक ट्वीट में तो उसने मुसलमानों का गला तक रेतने की वकालत कर डाली थी। पिछले वर्ष जून में चंद को पुलिस ने इस डर के चलते गिरफ्तार किया था कि वह अपनी कुछ धमकियों को हकीकत में बदल सकता है। 17 जून को उसे गिरफ्तार किया गया और उसने यह बात मानी कि इस तरह की पोस्ट्स लिखने पर उसे खुद पर गुस्सा आ रहा है।












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