America: White House पर गोलीबारी के बाद ट्रंप का ग्रीनकार्ड पर फैसला! भारतीयों पर कितना होगा असर?
America: अमेरिकी नागरिकता और इमिग्रेशन सेवा (USCIS) के डायरेक्टर जोसेफ एडलो ने एक बड़ी घोषणा की है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के निर्देश पर उन्होंने "चिंताजनक देशों" के हर विदेशी के हर ग्रीन कार्ड की पूर्ण पैमाने पर, कठोर दोबारा जांच का आदेश दिया है। यह कदम तब उठाया गया जब व्हाइट हाउस के पास एक अफगान नागरिक ने दो नेशनल गार्ड सर्विस मेंबर्स पर गोलीबारी कर दी।
व्हाइट हाउस शूटिंग के बाद बढ़ी सख्ती
अमेरिका ग्रीन कार्ड यानी स्थायी निवास कार्ड जारी करता है, जो किसी भी व्यक्ति को कानूनी स्थायी निवासी का अधिकार देता है। इस गोलीबारी की घटना के बाद USCIS ने सुरक्षा को लेकर नई कार्रवाई शुरू की।

"हर ग्रीन कार्ड की कठोर जांच"
जोसेफ एडलो ने अपनी पोस्ट में लिखा- "POTUS के निर्देश पर, मैंने हर चिंताजनक देश के हर विदेशी के हर ग्रीन कार्ड की पूरी तरह कठोर पुन: परीक्षा का आदेश दिया है।" उन्होंने कहा कि अमेरिका और उसके नागरिकों की सुरक्षा सबसे ऊपर है और इस स्थिति के लिए उन्होंने पिछली जो बिडेन प्रशासन की 'लापरवाह पुनर्वास नीतियों' को जिम्मेदार ठहराया।
अमेरिकी सुरक्षा में और सख्ती
एडलो ने आगे कहा कि अमेरिका की सुरक्षा किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं पड़ने दी जाएगी। उनका बयान उस बीच आया है जहां बिडेन प्रशासन ने अफगानिस्तान से अराजक वापसी के बाद हजारों अफगानों को अमेरिका में बसाया था। एडलो ने साफ किया कि पिछले प्रशासन की गलतियों का बोझ अब अमेरिकियों पर नहीं डाला जाएगा।
व्हाइट हाउस के पास अफगान नागरिक की गोलीबारी
बुधवार को वाशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस के पास अफगान नागरिक रहमानुल्लाह लकनवाल ने दो नेशनल गार्ड कर्मियों पर गोलियां चलाईं। इस घटना में 20 साल की अमेरिकी आर्मी स्पेशलिस्ट सारा बेकस्ट्रॉम की मौत हो गई, जबकि 24 साल के अमेरिकी एयर फोर्स स्टाफ सार्जेंट एंड्रयू वोल्फ गंभीर हालत में हैं। लकनवाल 2021 में बिडेन प्रशासन के स्पेशल प्रोग्राम के तहत अमेरिका लाए गए थे। ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने के बाद उनकी शरणार्थी याचिका को मंजूरी मिली थी।
भारतीयों पर इस फैसले का कोई असर नहीं
USCIS ने साफ कहा है कि इस नए ग्रीन कार्ड रिव्यू का भारतीय नागरिकों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। यह सख्ती सिर्फ उन देशों पर लागू होगी जिन्हें अमेरिका ने "हाई-रिस्क" या चिंताजनक देश घोषित किया है। भारत इस सूची में शामिल नहीं है।
कौन-कौन से देश आए "उच्च जोखिम" की सूची में?
USCIS की नई गाइडलाइन के अनुसार 19 देशों को उच्च जोखिम वाले देश माना गया है। ये देश हैं- अफगानिस्तान, म्यांमार, बुरुंडी, चाड, कांगो गणराज्य, क्यूबा, भूमध्यरेखीय गिनी, इरिट्रिया, हैती, ईरान, लाओस, लीबिया, सिएरा लियोन, सोमालिया, सूडान, टोगो, तुर्कमेनिस्तान, वेनेजुएला और यमन। पीटीआई के अनुसार, ट्रम्प ने जून 2025 में इन्हीं देशों पर यात्रा प्रतिबंध लगाया था।
27 नवंबर से तुरंत लागू हुई नीति
होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के तहत आने वाले USCIS ने कहा कि यह नई पॉलिसी तुरंत लागू हो गई है।
यह उन सभी इमिग्रेशन अनुरोधों पर लागू होगी जो 27 नवंबर या उसके बाद दायर किए गए हैं।
ग्रीन कार्ड अमेरिकी नागरिकता की ओर पहला कदम होता है और धारक को अमेरिका में अनिश्चितकाल तक रहने, काम करने और आगे चलकर 3-5 साल बाद नागरिकता के लिए आवेदन करने का अधिकार देता है।
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