चीन इराक़ में क्या कर रहा है जिससे बढ़ सकती है अमेरिका की चिंता

इराक़
Getty Images
इराक़

इराक़ से अपनी सेनाओं को वापस बुलाने की अमेरिका की घोषणा के बाद चीनी कंपनियों ने लंबे समय से युद्धग्रस्त रहे इस देश में 1,000 स्कूल बनाने के समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं.

चीन के सरकारी मीडिया ग्लोबाल टाइम्स ने स्थानीय सूत्रों के हवाले से इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि इस सौदे के तहत चीन की कंपनियां इराक़ में नई स्कूल परियोजना के निर्माण और पुरानी परियोजनाओं को दोबारा बनाने में मदद करेंगी.

चीनी व्यवसायियों का कहना है कि स्कूल परियोजनाओं का दोबारा शुरू होना दिखाता है कि चीनी कंपनियों की बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) के साथ-साथ इस देश में दिलचस्पी बढ़ रही है.

इन व्यवसायियों का कहना है कि इराक़ में 'हज़ारों चीज़ों को अभी किया जाना है जिसका इंतज़ार हो रहा है.'

चीन के इस निवेश को अमेरिका के निवेश के सामने एक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन दूसरी ओर चीन भी इराक़ की राजनीतिक स्थिरता, सुरक्षा और आपसी भरोसे के मुद्दे को लेकर थोड़ा शंका में है.

क्या है मामला

इराक़ के प्रधानमंत्री मुस्तफ़ा अल-कदीमी
Getty Images
इराक़ के प्रधानमंत्री मुस्तफ़ा अल-कदीमी

हाल ही में इराक़ सरकार ने एक ट्वीट करके बताया था कि इराक़ी प्रधानमंत्री मुस्तफ़ा अल-कदीमी के नेतृत्व में बीते सप्ताह स्कूल अनुबंधों पर हस्ताक्षर हुए हैं जो कि दो सरकारों के बीच में एक ढांचागत समझौता है. चीनी पक्ष की ओर से इसमें पावर चाइना के उपाध्यक्ष और सिनो टेक के क्षेत्रीय निदेशक शामिल हुए थे.

ग्लोबल टाइम्स से पावर चाइना के एक प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि वो इराक़ में 697 स्कूलों का निर्माण करेगा. वहीं बाक़ी के 321 स्कूलों को सिनो टेक तैयार करेगा.

अख़बार चीनी उद्योग के विशेषज्ञों के हवाले से लिखता है कि इस समझौते से इराक़ को 'तुरंत मदद मिलेगी' क्योंकि शिक्षा के अवसरों की कमी के कारण देश का विकास और उसके पुनर्निर्माण की कोशिशें बार-बार अवरुद्ध होती रही हैं.

संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनिसेफ़ के मुताबिक़, स्कूल जा सकने वाले 32 लाख इराक़ी बच्चों के पास शिक्षा की पहुंच नहीं है.

एक चीनी व्यवसायी चेन शिएनजांग जो 20 से अधिक सालों से इराक़ में निवेश कर रहे हैं उन्होंने ग्लोबाल टाइम्स से कहा, "चीन का निवेश मानवतावाद की सहायता से बाहर है. पूरे इराक़ में फैले स्कूलों का मतलब है कि सुरक्षा पर ख़र्चे बहुत अधिक होंगे और वो भी तब जब देश में राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई है और चीन की सरकारी कंपनियों के लिए लाभ बेहद कम हैं."

उन्होंने अख़बार को बताया कि कई सालों से सुरक्षा के मुद्दे की वजह से स्कूल परियोजनाएं निलंबित रही हैं.

चेन ने कहा कि कुछ इराक़ी व्यवसायियों ने उनसे संपर्क किया है जो स्कूल निर्माण परियोजना में उप-समझौते की उम्मीद लगाए हुए हैं.

इराक़ी मीडिया के अनुसार बीते साल नवंबर में चीन और इराक़ के बीच हुए 7,000 स्कूलों के निर्माण के एक बड़े समझौते का यह एक हिस्सा है.

इराक़
Getty Images
इराक़

चीन इराक़ में अपना प्रभाव जमा रहा है?

चीन के रेनमिन विश्वविद्यालय में चोंगयांग इंस्टीट्यूट फ़ॉर फ़ाइनैंशियल स्टडीज़ के वरिष्ठ शोधकर्ता चोउ रोंग ग्लोबल टाइम्स से कहते हैं कि चीन का इराक़ में स्कूल परियोजनाओं का बनाना ग़ैर सरकारी 'पीपल टू पीपल और सांस्कृतिक आदान प्रदान' के बीज की तरह होगा.

चीन और इराक़ के बीच यह संबंध ऐसे समय में बन रहे हैं जब अमेरिका धीरे-धीरे मध्य पूर्व में अपने प्रभाव को कम कर रहा है.

चीन के वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक़, चीन इराक़ी तेल का सबसे बड़ा ख़रीदार है.

चीन के व्यवसायियों का कहना है कि ऊर्जा के मामले में भी चीनी कंपनियां निर्माण, जल प्रसंस्करण और बंदरगाह में निवेश कर सकती हैं.

चेन अख़बार से कहते हैं, "इराक़ में अभी भी बड़ी परियोजनाएं अमेरिकी और यूरोपीय कंपनियों के एकाधिकार में हैं इसलिए हमें स्थानीय लोगों के साथ विश्वास बनाने के लिए वक़्त चाहिए. धार्मिक कारणों से इराक़ में एक परिपक्व शासन प्रणाली का विकास धीमा है जो कि कारोबारी माहौल में अनिश्चितता पैदा करता है."

ग्लोबल टाइम्स विश्लेषकों के हवाले से लिखता है कि मध्य पूर्व में अमेरिकी प्रभाव कुछ समय के लिए ज़रूर रहेगा लेकिन इस प्रभाव का कम होना जारी रहेगा जिसे फिर नहीं बदला जा सकता.

इराक़ से अमेरिकी सैनिकों की वापसी

सेना
BBC
सेना

अमेरिका ने अफ़ग़ानिस्तान से अपनी सेनाओं को वापस बुलाने की घोषणा के बाद इसी साल जुलाई में इराक़ से भी अपने सभी अमेरिकी सैन्यबलों की वापसी की घोषणा कर दी थी.

अमेरिका ने कहा था कि 'अमेरिका-इराक़ रणनीतिक वार्ता' के तहत इस साल के अंत तक इराक़ से सभी सैनिकों को वापस बुला लिया जाएगा.

इस घोषणा से दो अहम सवाल खड़े हुए थे- इसका इराक़ की ज़मीनी हालात पर क्या असर होगा और क्या इससे इराक़ में इस्लामिक स्टेट की वापसी का रास्ता खुलेगा.

कुछ साल पहले ही इस्लामिक स्टेट ने समूचे मध्य पूर्व में ख़ौफ़ पैदा कर दिया था. इस चरमपंथी संगठन में लंदन से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक से आकर चरमपंथी जुड़े थे.

इराक़ में कितने अमेरिकी सैनिक हैं

इराक़ पर अमेरिकी आक्रमण के 18 साल बाद अब इराक़ में सिर्फ़ ढाई हज़ार अमेरिकी सैनिक हैं.

सैनिक
Getty Images
सैनिक

इसके अलावा इस्लामिक स्टेट से लड़ रही विशेष सैन्य दस्ते की एक छोटी गुप्त टुकड़ी भी है जिसके बारे में जानकारी सार्वजनिक नहीं है.

इराक़ पर आक्रमण के बाद अमेरिका की 1 लाख 60 हज़ार सैनिकों की मज़बूत सेना ने इराक़ पर क़ब्ज़ा किया था. अब बचे हुए ढाई हज़ार सैनिक तीन अड्डों तक ही सीमित हैं और उन पर भी ईरान समर्थित मिलीशिया ने रॉकेट और ड्रोन हमले किए हैं.

इस समय इराक़ में मौजूद अमेरिकी सेना का काम इराक़ के सैन्यबलों को प्रशिक्षित करना है जो देश में रह-रहकर उठने वाले इस्लामिक स्टेट जिहादियों के ख़िलाफ़ लड़ रहे हैं.

इराक़ में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी विवादित भी है.

ईरान समर्थित नेता और मिलीशिया उन्हें देश से बाहर चाहते हैं, ख़ासकर अमेरिका के ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड की क़ुद्स फ़ोर्स के प्रमुख मेजर जनरल क़ासिम सुलेमानी और एक शीर्ष शिया मिलीशिया कमांडर की बग़दाद एयरपोर्ट पर हत्या करने के बाद से.

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड
AFP
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड

यहां तक कि इराक़ के वो लोग जो किसी पक्ष के साथ नहीं हैं, वे भी चाहते हैं कि विदेशी सैनिक देश से बाहर चले जाएं क्योंकि विदेशी सैनिकों की मौजूदगी एक भावनात्मक मुद्दा भी है.

अमेरिका में बहुत से लोग इराक़ से सैनिकों की वापसी को लेकर सहज हैं, लेकिन इसकी क़ीमत ये नहीं होनी चाहिए की इराक़ ईरान के हाथ में चला जाए.

अमेरिका लंबे समय से अपने आप को मध्य पूर्व से बाहर निकालने की कोशिश कर रहा है. मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडन इन संघर्षों को 'हमेशा चलने वाले युद्ध' कहते हैं.

लेकिन अब इराक़ में चीन की बढ़ती दिलचस्पी अमेरिका की चिंता बढ़ा सकती है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+