'हमारी मिसाइलें तैयार हैं', डोनाल्ड ट्रंप की बमबारी की धमकी से भी नहीं डरा ईरान, अब दिया ये जोरदार जवाब
America Iran Row: संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच फिर से एक बार जुबानी जंग छिड़ गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर बमबारी की धमकी दी है लेकिन ईरान ने अमेरिका से सीधी तौर पर बातचीत को खारिज कर दिया है। ट्रंप के द्वारा परमाणु वार्ता को लेकर ईरान को "बमबारी" की धमकी दिए जाने के कुछ घंटों बाद ईरान ने "मिसाइल तैयार करके" जवाब दिया है।
ईरान के सरकारी अखबार तेहरान टाइम्स के मुताबिक ईरान के सशस्त्र बलों ने ऐसी मिसाइलें तैयार कर ली हैं, जो दुनिया भर में अमेरिका से जुड़े ठिकानों पर हमला करने की क्षमता रखती हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है, "इन लॉन्च-रेडी मिसाइलों की एक बड़ी संख्या देश भर में फैली भूमिगत सुविधाओं में स्थित है, जिन्हें हवाई हमलों का सामना करने के लिए डिजाइन किया गया है।"

एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, "तेहरान टाइम्स को मिली जानकारी से पता चलता है कि ईरान की मिसाइलें सभी भूमिगत मिसाइल शहरों में लॉन्चरों पर लोड हो चुकी हैं और लॉन्च के लिए तैयार हैं।''
ईरान ने कहा- 'अमेरिका से तबतक कोई बातचीत नहीं हो सकती है, जबतक...'
ईरान ने कथित तौर पर अपने भूमिगत मिसाइल शहरों में "सभी लांचर लोड कर लिए हैं" और हमला करने के लिए तैयार है। वहीं ईरान ने ओमान के जरिए ट्रंप के पत्र का जवाब भेजा है, जिसमें उन्होंने तेहरान से एक नए परमाणु समझौते पर पहुंचने के लिए कहा था। ईरान ने जवाब में कहा है कि जब-तक अमेरिका अपनी 'अधिकतम दबाव' की नीति नहीं बदलता है, तब तक कोई भी बातचीत नहीं हो सकती है।
ट्रंप ने कहा- अगर ईरान ने अमेरिका की मांगे नहीं मानी तो बमबारी होगी
डोनाल्ड ट्रंप ने 30 मार्च को अमेरिकी नेटवर्क एनबीसी न्यूज के एक पत्रकार से कहा कि 'अगर ईरान ने अमेरिकी मांगों का पालन करने से इनकार कर दिया, तो उसे भीषण बमबारी का सामना करना होगा। अगर वे कोई सौदा नहीं करते हैं, तो बमबारी होगी। यह ऐसी बमबारी होगी, जैसी उन्होंने पहले कभी नहीं देखी होगी।'
सैन्य धमकियों के अलावा ट्रंप ने ईरान और उसके व्यापार भागीदारों पर भी टैरिफ फिर से लागू करने की बात कही है। उन्होंने सुझाव दिया कि इन टैरिफ पर आखिरी फैसला आने वाले हफ्तों में किया जाएगा।
राष्ट्रपति के रूप में अपने पहले कार्यकाल के दौरान ट्रंप ने ईरान परमाणु समझौते के रूप में जाने जाने वाले 2015 के संयुक्त व्यापक कार्य योजना (JCPOA) से अमेरिका को वापस ले लिया था। इस समझौते ने प्रतिबंधों में राहत के बदले ईरान की परमाणु गतिविधियों पर सख्त प्रतिबंध लगाए थे। हालांकि ट्रंप ने यह भी कहा था कि उनकी सरकार हमेशा बातचीत के लिए तैयार है।












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