भारत के साथ संबंध 'मजबूत' करेंगे तो भला होगा! अमेरिका और पाकिस्तान के बीच हुई बातचीत
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और उनके पाकिस्तानी समकक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी के बीच बाढ़ संकट से निपटने, भारत के साथ संबंध सुधारने (जिम्मेदार संबंध) और चीनी ऋण मुद्दे के समाधान पर चर्चा हुई।
न्यूयॉर्क, 27 सितंबर : भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के साथ-साथ एक ताकतवर देश भी है। आज विश्व भारत को आसमान से रोशनी देने वाला वह सुर्य समझता है जो दुनिया को रोशन करने की क्षमता रखता है। इन्हीं सब सच्चाई को देखते हुए अमेरिका ने पाकिस्तान को समझाया है कि भारत के साथ अच्छे और मजबूत संबंध बनाने से उसे बाढ़ संकट से उबरने में तेजी से मदद मिल सकती है।

भारत के साथ संबंध सुधारने पर बातचीत
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और उनके पाकिस्तानी समकक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी के बीच बाढ़ संकट से निपटने, भारत के साथ संबंध सुधारने (जिम्मेदार संबंध) और चीनी ऋण मुद्दे के समाधान पर चर्चा हुई। विदेश विभाग के फोगी बॉटम मुख्यालय में सोमवार को हुई बैठक के दौरान एंटनी ब्लिंकन ने यह भी कहा कि अमेरिका और पाकिस्तान आतंकवाद विरोधी मुद्दों पर मिलकर काम करना जारी रखेंगे।

चीन के ऋण मुद्दे को हल करने पर चर्चा
अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने बैठक के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच कई अहम मसलों पर चर्चा हुई। ब्लिंकन ने कहा कि उन्होंने पाकिस्तानी विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी से भारत के साथ एक जिम्मेदार रिश्ते के प्रबंधन के महत्व के बारे में बात की। साथ ही बैठक में अमेरिका ने पाकिस्तान से आग्रह किया कि ऋण राहत और पुनर्गठन के कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर चीन को शामिल करे ताकि पाकिस्तान विनाशकारी बाढ़ से और अधिक तेजी से उबर सके।

महत्वूपर्ण विषयों पर चर्चा
ब्लिंकन ने कहा कि उन्होंने लोकतंत्र के रूप में अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने, धर्म की स्वतंत्रता, विश्वास, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे मूल मूल्यों को बनाए रखने के महत्व के बारे में भी बात की। वहीं, बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा कि पाकिस्तान-अमेरिका संबंध न केवल लचीले हैं, बल्कि समय की कसौटी पर भी खरे उतरे हैं।

बाढ़ग्रस्त पाकिस्तान को अमेरिकी मदद
विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने बैठक के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि दोनों नेताओं के बीच बैठक के दौरान, एंटनी ब्लिंकन ने विनाशकारी बाढ़ के कारण पूरे पाकिस्तान में तबाही और जीवन के नुकसान पर दुख व्यक्त किया। प्राइस ने कहा, "उन्होंने पाकिस्तान के लोगों के लिए अमेरिका की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। इस वर्ष प्रदान की गई बाढ़ राहत और मानवीय सहायता में लगभग 56.5 मिलियन अमरीकी डालर के साथ-साथ आज घोषित अतिरिक्त 10 मिलियन अमरीकी डालर की खाद्य सुरक्षा सहायता की घोषणा की गई।

पाकिस्तान और भारत के बीच क्यों संबंध टूटे?
बता दें कि, कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। लेकिन पाकिस्तान हमेशा उसमें टांग अड़ाकर अंतरारष्ट्रीय स्तर पर अपनी किरकिरी कराने पर तुला हुआ रहता है। वह बेवजह कश्मीर को एक मुद्दा बनाकर अमेरिका चला जाता है। 5 अगस्त 2019 से पहले तक जम्मू कश्मीर एक राज्य हुआ करता था। लेकिन अनुच्छेद 370 के तहत मिले विशेष दर्जे को संसद द्वारा समाप्त किए जाने के 86 दिन बाद यह दो नए केंद्र शासित प्रदेश (Union Territory) जम्मू कश्मीर और लद्दाख के रूप में अस्तित्व में आ गया। इसी विषय को लेकर दोनों देशों के बीच संबंध टूट गए। भारत के इस फैसले के बाद दोनों देशों के राजनयिक संबंध काफी नीचे आ गए। पाकिस्तान ने भारतीय दूत (उच्चायुक्त) को निष्कासित कर दिया था। तब से पाकिस्तान और भारत के बीच व्यापारिक संबंधों में दरार आ गई।
(Photo Credit: Twitter & PTI)












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