इजराइल के हमले में इस टीवी चैनल के कर्मचारी का परिवार तबाह, एक साथ मारे गये 19 परिजन
Israel-Hamas War: 7 अक्टूबर को दक्षिणी इजराइल में तूफानी हमला करने वाले हमास को शायद लगा होगा, कि उसके हमले का असर एक या दो दिनों का रहेगा, लेकिन इजराइल की प्रतिक्रिया इतनी खतरनाक होगी, इसका अंदाजा उसे नहीं रहा है। गाजा पट्टी पर इजराइली हमला जारी है, जिसमें भारी संख्या में लोग मारे जा रहे हैं।
इस बीच कतरी न्यूज चैनल अलजजीरा ने दावा किया है, कि उसके एक कर्मचारी का परिवार इजराइली हमले में तबाह हो गया है। अलजजीरा ने बताया है, कि गाजा में उसके ब्यूरो के एक ब्रॉडकास्ट इंजीनियर मोहम्मद अबू अल-कुमसन ने जबालिया शरणार्थी शिविर पर इजरायली हवाई हमलों में अपने पिता और दो बहनों सहित परिवार के 19 सदस्यों को खो दिया है।
मंगलवार को एक बयान में, अल जज़ीरा ने इजरायली बलों द्वारा इसे "नरसंहार" और "अक्षम्य कृत्य" कहा है।

ब्रॉडकास्ट इंजीनियर का परिवार तबाह
बयान में कहा गया है, कि "अल जजीरा जघन्य और अंधाधुंध इजरायली बमबारी की कड़ी निंदा करता है, जिसके परिणामस्वरूप हमारे समर्पित एसएनजी इंजीनियर, मोहम्मद अबू अल-कुम्सन के परिवार के 19 सदस्यों की मौत हो गई।"
अलजजीरा के बयान में आगे कहा गया है, कि "जबलिया नरसंहार के दौरान इस अक्षम्य कृत्य ने मोहम्मद के पिता, दो बहनों, आठ भतीजों और भतीजियों, उनके भाई, उनके भाई की पत्नी और उनके चार बच्चों, उनकी भाभी और एक चाचा की जान ले ली।"
यह त्रासदी घिरी हुई गाजा पट्टी पर इजरायल की लगातार बमबारी के बीच आई है, जहां 21 लाख से ज्यादा फिलिस्तीनियों के पास सुरक्षित आश्रय के लिए बहुत कम विकल्प हैं। फिलिस्तीनी अधिकारियों के अनुसार, उत्तरी गाजा में घनी आबादी वाले इलाके जबालिया शरणार्थी शिविर पर इजरायली हमले में 50 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। वहीं, इजराइल ने दावा किया है, कि उसके हमले में मरने वाले ज्यादातर लोग हमास के कमांडर हैं।

जबालिया शरणार्थी शिविर पर इजराइली हमले के बाद राहत और बचाव कर्मियों को नंगे हाथों मलबे को खोदते, ढही इमारतों को हटाते और मलबे में फंसे लोगों को बचाते देखा गया है। यह हमला अल जज़ीरा अरबी गाजा संवाददाता वाएल दहदौह की पत्नी, बेटे, बेटी और पोते के इजरायली हवाई हमले में मारे जाने के कुछ दिनों बाद हुआ है।
फिलिस्तीन के हमास अधिकारियों ने दावा किया है, कि 7 अक्टूबर को लड़ाई शुरू होने के बाद से गाजा में 3,500 से ज्यादा बच्चों सहित कम से कम 8,525 लोग मारे गए हैं। पत्रकारों की सुरक्षा समिति ने कहा है, कि इजराइली हमले में कम से कम 31 पत्रकार मारे गए हैं, जिनमें से 26 फ़िलिस्तीनी पत्रकार हैं।
वहीं, इजराइल पहले ही दो समाचार एजेंसियों से पत्रकारों की सुरक्षा के सवाल पर कह चुका है, कि इजराइल अभी पत्रकारों को सुरक्षा देने की स्थिति में नहीं है और इजराइल ने पत्रकारों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

इजराइली डिफेंस फोर्स ने क्या कहा?
इजराइल रक्षा बलों के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल जोनाथन कॉनरिकस ने दावा किया, कि ये हमला एक भूमिगत बंकर में छिपे हमास कमांडर को निशाना बनाकर किया गया था, और जब परिसर में विस्फोट हुआ, तो संभवतः आस-पास की इमारतें ढह गईं।
जबकि, संयुक्त राष्ट्र में फिलिस्तीन राज्य के स्थायी पर्यवेक्षक, राजदूत रियाद मंसूर ने कहा, कि उत्तरी गाजा में जबलिया शरणार्थी शिविर पर इजरायली हमला एक अपराध है और उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) से कार्रवाई करने का आग्रह किया।
मंसूर ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र की बैठक में यह टिप्पणी करते हुए कहा, कि आईसीसी को घातक हवाई हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को पकड़ना चाहिए।












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