Air India Plane Crash: पीड़ितों के परिवार US में करेंगे बोइंग-एयर इंडिया पर केस? वकील माइक ने खोला बड़ा राज!

Air India Plane Crash Update: 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन के गैटविक हवाई अड्डे के लिए उड़ान भरने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट AI171(बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर) के दुर्घटनाग्रस्त होने से 241 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों सहित 260 लोगों की मौत ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया। अब इस हादसे के पीड़ितों के 65 परिवारों ने अमेरिका की मशहूर लॉ फर्म बेस्ली एलनको हायर किया है, जो पहले बोइंग 737 मैक्स हादसों में पीड़ितों के लिए लड़ चुकी है।

फर्म के प्रमुख वकील माइक एंड्रयूजने कहा, 'चूंकि यह विमान (बोइंग 787 ड्रीमलाइनर) अमेरिका में निर्मित हुआ था, इसलिए पीड़ितों के परिवारों को अमेरिकी अदालतों में अपने हक के लिए आवाज उठाने का पूरा अधिकार है।' आइए, इस हाई-प्रोफाइल मामले और संभावित कानूनी कार्रवाई की पूरी कहानी जानते हैं...

Air India Plane Crash Update

हादसे की जांच: क्या कहता है प्रारंभिक रिपोर्ट?

भारत के विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB)ने 8 जुलाई 2025 को जारी अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में खुलासा किया कि टेकऑफ के कुछ सेकंड बाद ही विमान के दोनों इंजनों के फ्यूल कंट्रोल स्विच'रन' से 'कटऑफ' पोजीशन में चले गए, जिससे इंजनों को ईंधन की सप्लाई रुक गई और विमान की ऊंचाई और थ्रस्ट तेजी से कम हो गया। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डरमें एक पायलट को दूसरे से पूछते सुना गया, 'तुमने फ्यूल क्यों कट किया?' जिसका जवाब था, 'मैंने नहीं किया।' हालांकि, रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं है कि यह बातचीत कप्तान सुमीत सभरवाल(56 वर्ष, अनुभव-15,600 उड़ान घंटे) और फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर(32 वर्ष, अनुभव-3,400 उड़ान घंटे) में से किसके बीच हुई।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि विमान के रैम एयर टरबाइन (RAT)ने स्वतः काम शुरू कर दिया, जो इंजन फेल होने पर आपातकालीन बिजली प्रदान करता है। लेकिन विमान टेकऑफ के 32 सेकंड बाद ही अहमदाबाद के बीजे मेडिकल कॉलेज हॉस्टलमें जा गिरा, जिससे 19 लोग जमीन पर भी मारे गए।

कानूनी कार्रवाई: क्या हैं विकल्प?

माइक एंड्रयूज ने बताया कि कानूनी रास्ते फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR)और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR)के विश्लेषण पर निर्भर करेंगे। उन्होंने कहा, 'अगर डेटा में FADEC सिस्टम(फुल अथॉरिटी डिजिटल इंजन कंट्रोल) या थ्रॉटल कंट्रोलमें खराबी का संकेत मिलता है, तो हम उत्पाद दायित्व (प्रोडक्ट लायबिलिटी)के तहत बोइंग के खिलाफ मुकदमा दायर कर सकते हैं।'

उन्होंने यह भी कहा कि अगर यह एयर इंडिया की जिम्मेदारी बनती है, तो दावे मॉन्ट्रियल कन्वेंशन 1999 के तहत होंगे, जो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में हादसों के लिए मुआवजे का ढांचा तय करता है। एंड्रयूज ने जांच की पारदर्शिता पर जोर देते हुए कहा, 'परिवार जवाब चाहते हैं। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि जांच में कोई सवाल बिना उत्तर के न रहे।'

बेस्ली एलन का बोइंग से पुराना हिसाब

बेस्ली एलन ने बोइंग 737 मैक्स के दो हादसों-लायन एयर फ्लाइट 610(2018) और इथियोपियन एयरलाइंस फ्लाइट 302(2019)-में पीड़ितों के लिए लड़ाई लड़ी थी, जिसमें 346 लोगों की मौत हुई थी। इन हादसों में बोइंग की मैन्युवरिंग कैरेक्टरिस्टिक्स ऑग्मेंटेशन सिस्टम (MCAS)की खामी सामने आई थी। बोइंग ने 2021 में 2.5 बिलियन डॉलरका समझौता किया, जिसमें 243.6 मिलियन डॉलरका जुर्माना, 1.77 बिलियन डॉलर एयरलाइंस को, और 500 मिलियन डॉलर पीड़ित परिवारों को दिए गए। इस अनुभव के आधार पर बेस्ली एलन अब AI171 के पीड़ितों के लिए अमेरिकी अदालतों में बोइंग और एयर इंडिया के खिलाफ मजबूत केस तैयार कर रही है।

पायलटों पर दोषारोपण को लेकर विवाद

AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट में फ्यूल स्विच के 'कटऑफ' होने को हादसे का कारण बताया गया, जिससे पायलटों पर गलती का शक गहरा गया। लेकिन इंडियन कमर्शियल पायलट्स एसोसिएशन (ICPA)और एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ALPA)ने इसे 'निराधार और जल्दबाजी'करार दिया। पूर्व नौसेना पायलट दिलीप डेसमंड ने भी सवाल उठाया कि AAIB की जांच में 787 टाइप-रेटेड पायलटों की कमी थी, जिससे बोइंग और अन्य अधिकारियों के दावों को बिना जांचे मान लिया गया।

2018 में FAA ने बोइंग 737 और 787 के फ्यूल स्विच में लॉकिंग मैकेनिज्म की संभावित खराबी की चेतावनी दी थी, लेकिन यह सलाहकारी थी, न कि अनिवार्य। एयर इंडिया ने इसकी अनदेखी की थी। एक अन्य घटना में, 2019 में ऑल निप्पॉन एयरवेजके 787 में सॉफ्टवेयर गड़बड़ी ने फ्यूल स्विच को स्वतः 'कटऑफ' कर दिया था। इसीलिए विशेषज्ञों का कहना है कि पायलटों को दोष देने से पहले पूरी CVR ट्रांसक्रिप्ट जारी होनी चाहिए।

परिवारों का गुस्सा और कानूनी रणनीति

हादसे में मारे गए लोगों में 53 ब्रिटिश नागरिक, 169 भारतीय, 7 पुर्तगाली, और 1 कनाडाई शामिल थे। अहमदाबाद की तृप्ति सोनी, जिन्होंने अपने तीन परिजनों को खोया, ने कहा, 'जांच में पारदर्शिता की कमी है। हमें शामिल किया जाना चाहिए।' इम्तियाज अली, जिनके भाई, भाभी, और दो बच्चे (ब्रिटिश नागरिक) हादसे में मारे गए, ने कहा कि वह दो महीने में मुकदमा दायर करेंगे। ब्रिटेन की कीस्टोन लॉभी 53 ब्रिटिश पीड़ितों के परिवारों की मदद कर रही है।

बेस्ली एलन की फीस सेटलमेंट पर निर्भर है, और अगर परिवार केस छोड़ते हैं, तो फर्म 30% सेटलमेंट ऑफर या खर्च के बराबर राशि लेगी। एंड्रयूज ने हाल ही में अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, और दीव में पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और जांच में पारदर्शिता की मांग की।

क्या है आगे का रास्ता?

AAIB की जांच में NTSB (अमेरिका), AAIB (ब्रिटेन), और बोइंग के विशेषज्ञ शामिल हैं। लेकिन पश्चिमी देशों ने भारत की जांच प्रक्रिया और ब्लैक बॉक्स हैंडलिंग पर सवाल उठाए हैं। अगर बोइंग की खामी साबित होती है, तो अमेरिकी अदालतों में प्रोडक्ट लायबिलिटीके तहत बड़ा मुकदमा दायर हो सकता है। दूसरी ओर, अगर एयर इंडिया की लापरवाही सामने आती है, तो मॉन्ट्रियल कन्वेंशनके तहत मुआवजा तय होगा।

इस बीच, एयर इंडियाने मुआवजे और सहायता की घोषणा की है, और 83 बोइंग 787 उड़ानोंको छह सप्ताह के लिए निलंबित कर सुरक्षा जांच शुरू की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीने भी हादसे के बाद अहमदाबाद का दौरा किया था। यह हादसा न केवल भारत की सबसे घातक विमानन त्रासदियों में से एक है, बल्कि बोइंग और एयर इंडिया की जवाबदेही पर भी सवाल उठा रहा है।

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