भूख मिटाने के लिए लाचार मां-बाप ने बेटियों से कराई जिस्मफरोशी, अधिकारी लेते रहे मजा
नई दिल्ली। दक्षिण अफ्रीका में भूख से बेबस मां-बाप अपने ही बच्चों को यौन शोषण के दलदल में धकेल रहे हैं। पेट की आग बुझाने के लिए व अपनी टीनेजर बेटियों को, बच्चियों को ऐसे अधिकारियों, राहत कर्मियों, यूएन पीसकीपर्स और रिफ्यूजी लीडर्स को सौंपने के लिए बेबस हैं जो उनके बच्चों का सेक्शुअली इस्तेमाल कर रहे हैं। संडे मिरर में ने अपनी रिपोर्ट में ऐसे कई खुलासे किए है, जिसे जानकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। रिपोर्ट के मुताबिक अनाज, दवाईयां और जरूरी सामान के बदले बच्चों का यौन शोषण किया जाता है। उन्हें सेक्स के लिए मजबूर किया जाता है।

खाने के बदले सेक्स
संडे मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक अफ्रीका के संकटग्रस्त इलाकों में काम करने वाले राहतकर्मियों ने खाने के सामानों और दवाओं के बदले बच्चों का यौन शोषण किया। लड़कियों को सेक्स के लिए मजबूर किया। उनकी अश्लील तस्वीरें खींची और फिर उसके नाम पर उन्हें ब्लैकमेल किया।बिल्कुट, केक पाउडर और ऐसे फूड आइटम देने के बदले बच्चों को नंगी तस्वीरें खिंचवाने के लिए कहा जाता था। वहीं कुछ लड़कियों को बिना कंडोम सेक्स के लिए मजबूर किया जाता था और उसके बदले उन्हें 5 से लेकर 300 डॉलर तक दिए जाते थे।

ऐसे लोगों के चंगुल से बचना नामुमकिन
साल 2001 की रिपोर्ट में दावा किया गया कि गिनी, लाइबेरिया और सिएरा लियोन में बच्चियों को सरकारी अधिकारियों, राहत कर्मियों, यूएन पीसकीपर्स और रिफ्यूजी लीडर्सने सेक्स के लिए मजबूर किया। वो खाने-पीने की चीजों का इस्तेमाल बच्चियों के लिए चारे के तौर पर करते थे। खाने की चीजों का लालच देकर उनका यौन शोषण करते है। खाने-पीने की चीजों के बदले उन्हें सेक्स के लिए मजबूर किया जाता था।

मां-बाप की बेबसी
मां-बाप चाहकर भी अपने बच्चों को इस दलदल से बचा नहीं पा रहे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक उनके पास खाने-पीने की चीज हासिल करने के लिए बस यहीं तरीका था। परिवार को जिंदा रखने के लिए उन्हें मजबूरी में ये कहना पड़ता था। अभिभावकों ने जानबूझ कर अपनी आंखें बंद कर रखी थी ताकि उनका पेट भर सके और वो जिंदा रह सके।












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