गाजा में अकाल के बीच खाना पहुंचाने वाली संस्थाओं ने रोकी मदद, इजराइली बमबारी में 7 सदस्यों की मौत के बाद फैसला

Israeli strike kills 7 Aid workers: इजराइली हमले में 7 मददकर्मियों की मौत के बाद गाजा पट्टी में मानवीय मदद पहुंचाने वाली संस्था ने मदद सस्पेंड करने का फैसला किया है, जिसके बाद इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ गुस्सा फूट पड़ा है।

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भी इजराइली फोर्स की इस कार्रवाई की निंदा की है और कहा है, कि तत्काल जांच करते हुए जवाबदेही तय की जानी चाहिए और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए। रिपोर्ट के मुताबिक, कई संस्थाओं ने, जो गाजा पट्टी में अपनी जान जोखिम में डालकर खाना और पीने का पानी पीड़ितों तक पहुंचा रहे थे, उन्होंने मदद रोक दी है।

aid group suspends food delivery in Gaza

गाजा पट्टी पहले से ही अकाल से जूझ रहा है और खाना नहीं मिलने की वजह से कई लोगों की मौत हो चुकी है और ऐसी स्थिति में संस्थाओं की तरफ से मदद रोके जाने के बाद स्थिति बेकाबू होने की आशंका जताई जा रही है और भूख-प्यास से बड़े पैमाने पर लोगों की मौत होने की आशंका है।

गाजा पट्टी में रोकी गई मानवीय सहायता

वर्ल्ड सेंट्रल किचन के सात कर्मचारियों की मौत के बाद उत्तरी गाजा में निराशाजनक स्थितियों को कम करने में मदद करने के लिए साइप्रस की मदद से समुद्री मानवीय गलियारा खोलने के अमेरिका और अन्य देशों के प्रयासों को झटका लगने का खतरा पैदा हो गया है।

राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अमेरिका के निकटतम सहयोगी इजराइल की सख्ती के साथ निंदा की है और उन्होंने कहा है, कि जो स्थितियां बनी हैं, उससे साफ पता चलता है, कि इजराइल ने आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त उपाय नहीं किए हैं।

राष्ट्रपति बाइडेन ने कहा, कि "इजरायल ने नागरिकों को बेहद जरूरी मदद पहुंचाने की कोशिश कर रहे सहायता कर्मियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं।" उन्होंने कहा, कि वह उनकी हत्याओं से "क्रोधित और दुखी" हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, कि "कल जैसी घटनाएं बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। और संयुक्त राज्य अमेरिका ने बार-बार इजराइल से नागरिक हताहतों से बचने के लिए हमास के खिलाफ अपने सैन्य अभियानों को मानवीय कार्यों के साथ समाप्त करने का आग्रह किया है।"

साइप्रस के अनुसार, मानवीय मदद पहुंचाने वाले समूह की लगभग 240 टन सहायता से लदे जहाज गाजा पहुंचने के एक दिन बाद ही वापस लौट आए हैं। जबकि, अन्य मानवीय सहायता संगठनों ने भी गाजा में अभियान यह कहते हुए निलंबित कर दिया है, कि मदद की पेशकश करना बहुत खतरनाक हो चुका है।

इजराइल के खिलाफ अब बढ़ रहा है गुस्सा

गाजा में अकाल के बाद भी इजराइल ने मानवीय मदद पहुंचाने के लिए एक छोटा सा ही गलियारा खोला है। वहीं, वर्ल्ड सेंट्रल किचन ने आरोप लगाया है, कि उसने इजराइल को पहले ही अपने काफिले के गुजरने का पूरा रास्ता और पूरी जानकारी दे दी थी, इसके बाद भी काफिले पर हमले किया गया है, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई है।

सोमवार रात हुए हमले में मरने वालों में तीन ब्रिटिश नागरिक, पोलैंड और ऑस्ट्रेलिया के एक एक नागरिक, कनाडा और अमेरिका के नागरिक शामिल हैं। ये वो देश हैं, जिन्होंने गाजा पट्टी में इजराइली हमलों का समर्थन किया था, लेकिन पिछले 6 महीनों से चल रही अंतहीन लड़ाई के बाद अब इन देशों ने भी इजराइल की निंदा करनी शुरू कर दी है।

गाजा हमले को लेकर बढ़ती अंतरराष्ट्रीय आलोचना की वजह से इजराइल धीरे धीरे अलग-थलग पड़ता जा रहा है और दो दिन पहले इजराइल ने सीरिया के दमिश्क में में ईरानी वाणिज्य दूतावास पर भी हमला किया था, जिसमें दो ईरानी जनरलों समेत कम से कम 7 सैन्य अधिकारियों की मौत हो गई। इसके अलावा, इजराइल ने कतरी अलजजीरा चैनल को भी आतंकी चैनल कहकर बैन लगा दिया है।

चैरिटी के काफिले पर हुए हमले ने यह भी उजागर किया है, इजराइल आम लोगों पर हमले से पहले जांच नहीं कर रहा है, क्योंकि इससे पहले भी इजराइल खाना लेने जुटी भीड़ को बेकाबू बताकर गोलीबारी कर चुका है, जिनमें सौ से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। हालांकि, इजराइल के सैन्य प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल हर्जी हलेवी ने प्रारंभिक जांच परिणामों की घोषणा की है और उन्होंने इजराइली सेना की गलती भी मानी है, लेकिन उन्होंने ये नहीं बताया है, कि आखिर ये हमला क्यों किया गया।

क्या इजराइल ने जान-बूझकर किया हमला?

वर्ल्ड सेंट्रल किचन ने आरोप लगाया है, कि उसने अपनी कारों की आवाजाही को लेकर इजरायली सेना के साथ कॉर्डिनेट किया था। और इजराइली सेना ने उनकी तीन कारों को एयरस्ट्राइक में उड़ा दिया, जबकि ये कार एक दूसरे से अच्छी-खासी दूरी पर चल रही थीं। हमले के बाद कारों को जलता छोड़ दिया गया, जिससे पता चलता है, कि इजराइली सेना ने ये हमला निशाना बनाकर किया था और ये हमला गलती से या अनजाने में न नहीं किया गया है।

वर्ल्ड सेंट्रल किचन ने कहा है, कि काफिले में चल रही गाड़ियों की छतों पर चैरिटी के लोगो लगे थे, ताकि गाड़ियों को दूर से ही पहचाना जा सके, जिसे हमले में उड़ा दिया गया है। फुटेज में मध्य गाजा शहर दीर अल-बलाह के एक अस्पताल में शव दिखाए गए हैं, उनमें से कई ने चैरिटी के लोगो के साथ सुरक्षात्मक गियर पहने हुए थे।

वहीं, इजराइली टीवी ने कहा है, कि प्रारंभिक सैन्य जांच में पाया गया है, कि इजराइली सेना ने वर्ल्ड सेंट्रल किचन के कर्मचारियों को ले जाने वाली कारों की पहचान दीर अल-बाला में उसके गोदाम में की और पास में संदिग्ध आतंकवादियों को देखा था। आधे घंटे बाद, जब वाहन दक्षिण की ओर जा रहे थे, तो वायु सेना ने उन पर हमला कर दिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह स्पष्ट नहीं है, कि हमले का आदेश किसने दिया और क्यों दिया।

पूरे युद्ध के दौरान, इजराइल ने कहा है, कि वह नागरिक हताहतों से बचना चाहता है और हमास और अन्य आतंकवादियों को निशाना बनाने के लिए खुफिया जानकारी का उपयोग करता है। इजरायली अधिकारियों का कहना है, कि हमास के आतंकी लोगों के बीच से इजराइली सैनिकों पर हमला करते हैं और जवाबी कार्रवाई में आम लोग मारे जाते हैं और इसमें इजराइल की कोई गलती नहीं है।

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