Agni-5 vs. Shaheen-3: भारत के 'अग्निबाण' के सामने सुतली बम है पाकिस्तान का शाहीन, जानिए क्षमताएं
Agni-5 vs. Shaheen-3: एक ऐसे युग में जहां लड़ाई किसी भी वक्त परमाणु जंग तक पहुंचने की क्षमता रखता हो, उस समय में भारत के लिए, जो एक नहीं, बल्कि दो-दो दुश्मनों से जंग लड़ता रहा है, उसके लिए अपनी मिसाइल क्षमता को एडवांस करके रखना काफी ज्यादा जरूरी हो जाता है।
दो दक्षिण एशियाई देश, भारत और पाकिस्तान, एक दिलचस्प रणनीतिक रेस में लगे हुए हैं, और दोनों ही देश लंबी दूरी तक मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइलें विकसित कर रहे हैं, जो वैश्विक मंच पर ध्यान आकर्षित करती हैं। भारत की शक्ति का प्रतीक अग्नि-5 मिसाइल का मुकाबला पाकिस्तान की शाहीन-3 से है, जिसे पाकिस्तान अपनी शान समझता है।

इस रिपोर्ट में आइये हम जानने की कोशिश करते हैं, कि भारत के अग्नि-5 मिसाइल के मुकाबले पाकिस्तान का शाहीन मिसाइल कितना पीछे है।
उत्पत्ति और विकास
अग्नि-5: भारत की अग्नि मिसाइल सीरिज का सबसे एडवांस वर्जन है अग्नि-5 मिसाइल। अग्नि-5 भारत के स्वदेशी मिसाइल विकास कार्यक्रम का परिणाम है। इसका विकास भारत की रक्षा प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता की खोज और एक विश्वसनीय न्यूक्लियर डेटरेंट बनने की क्षमता विकसित करने के लिए किया गया है।
शाहीन-3: पाकिस्तान की शाहीन मिसाइल, शाहीन सीरिज का मिसाइल है और शाहीन-3, पाकिस्तान की रणनीतिक क्षमताओं को बढ़ाता है। पाकिस्तान अपने शाहीन मिसाइल के जरिए परमाणु बम विस्फोट कर सकता है।
रेंज और क्षमता
अग्नि-5: लगभग 5,000 से 5,500 किलोमीटर की कथित सीमा के साथ, अग्नि-5 एक इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) है। हालांकि, कई रिपोर्ट्स में कहा गया है, कि इसकी क्षमता असल में 5 हजार किलो मीटर से कहीं ज्यादा है। अपनी इस क्षमता के साथ आईसीबीएम अग्नि-5 मिसाइल अपने दुश्मन के आखिरी छोर तक हमला करने की शक्ति रखता है। थर्ड पार्टी रिपोर्ट्स में कहा गया है, अग्नि-5 मिसाइल से भारत चीन के आखिरी हिस्से को आसानी से निशाना बना सकता है।
शाहीन-3: शाहीन-3 की मारक क्षमता लगभग 2,750 किलोमीटर के करीब है, जो इसे मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल के रूप में स्थापित करती है। हालांकि, इसकी पहुंच कई पड़ोसी देशों तक है, लेकिन जहां अग्नि-5 की क्षमता वैश्विक है, वहीं शाहीन की क्षमता क्षेत्रीय है।
पेलोड और हथियार
अग्नि-5: पारंपरिक और परमाणु, दोनों तरह के हथियार ले जाने के लिए इसे डिज़ाइन किया गया है। अग्नि-5 भारत को विभिन्न सुरक्षा परिदृश्यों पर प्रतिक्रिया करने की सुविधा प्रदान करता है। इसकी पेलोड क्षमता संभावित विरोधियों के खिलाफ एक मजबूत विकल्प देती है। कई रिपोर्ट्स में कहा गया है, कि अग्नि-5 मिसाइल से दुनिया में बने हर बम को दागा जा सकता है।
शाहीन-3: अग्नि-5 के समान, शाहीन-3 पारंपरिक और परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। हालांकि, पाकिस्तान की तरफ से अभी तक इस बात को जाहिर नहीं किया गया है, कि शाहीन मिसाइल से कितना विस्फोटक पेलोड किया जा सकता है।
एक्यूरेसी और गाइडेंस
अग्नि-5: हालांकि अग्नि-5 की सटीकता और गाइडेंस सिस्टम के बारे में भारत ने काफी कम जानकारी जारी की है, लेकिन थर्ड पार्टी रिपोर्ट्स में कहा गया है, कि इसकी एक्यूरेसी हाई-लेवल की है और ये अपने निशाना को काफी आसानी से सटीकता के साथ भेदने में सक्षम है। इसके अलावा, अग्नि-5 मिसाइल के टारगेट को फायर होने के बाद भी बदला जा सकता है।
शाहीन-3: शाहीन-3 की सटीकता इसकी गाइडेंस, इसकी गाइडेंस टेक्नोलॉजी पर निर्भर है। हालांकि, पाकिस्तान ने पिछले कुछ वर्षों में इसकी गाइडेंस सिस्टम में सुधार लाया है, लेकिन चीन की टेक्नोलॉजी पर पाकिस्तान के कुछ सैन्य अधिकारियों ने सवाल उठाए थे।
अग्नि-5 बनाम शाहीन-3 के बीच समानता
विभिन्न देशों द्वारा विकसित किए जाने और अलग-अलग रणनीतिक संदर्भ होने के बावजूद, अग्नि-5 और शाहीन-3 बैलिस्टिक मिसाइलों में कई समानताएं हैं। ये समानताएं लंबी दूरी की मिसाइल प्रणालियों के विकास में सामान्य तकनीकी रुझानों और उद्देश्यों को उजागर करती हैं।
अग्नि-5 और शाहीन-3 मिसाइलें, भारत और पाकिस्तान की तकनीकी शक्ति और रणनीतिक महत्वाकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करती हैं। जैसे-जैसे हम लगातार विकसित हो रहे वैश्विक परिदृश्य में आगे बढ़ रहे हैं, ये बैलिस्टिक मिसाइल भी एडवांस हो रही हैं। भारत अपनी अग्नि-6 मिसाइल को फिलहाल डेवलप कर रहा है, जिसकी क्षमता का फिलहाल कोई अंदाजा नहीं है।












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