राष्ट्रपति ट्रंप के बाद अब इजरायल के PM नेतन्याहू ने पीएम मोदी को कहा Thank You, ये है वजह
राष्ट्रपति ट्रंप के बाद अब इजरायल के PM ने मोदी को कहा Thank You, ये है वजह
नई दिल्ली। भारत समेत दुनियाभर के देश कोरोना वायरस के संकट से जूझ रहे हैं। कोरोना वायरस की चपेट में लगभग दुनिया से सभी देश आ गए है। जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए दिन-रात जुटे हैं तो वहीं वैश्विक मंच पर भी पीएम मोदी की सराहना हो रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बाद अब इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया किया है।
Recommended Video

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहूं ने मलेरिया-रोधी दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की सप्लाई करने के भारत के फैसले के चलते प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का शुक्रिया किया हैष इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन टैबलेट की सप्लाई को मंजूरी देने के फैसले को लेकर उनका शुक्रिया किया। इज़राइल के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से ट्वीट कर पीएम मोदी का धन्यवाद किया गया। इजराइली पीएम के दफ्तर के ट्वीटर हैंडल के जरिए किए गए ट्वीट में लिखा है कि मेरे दोस्त पीएम नरेंद्र मोदी को इजरायल में हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन टैबलेट भेजने के लिए धन्यवाद। आपके इस कदम के लिए इजरायल के सभी नागरिकों की ओर से आपका धन्यवाद।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर पीएम मोदी को अपना घनिष्ट मित्र बताया और लिखा कि मुश्किल समय में दोस्तों के बीच घनिष्ठ मदद की ज़रूरत होती है। हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन पर भारत के कदम के लिए शुक्रिया। उन्होंने लिखा कि भारत के इस कदम को हम कभी नहीं भूलेंगे। पीएम मोदी ने न केवल भारत, बल्कि मानवता की मदद की है। वहीं अमेरिका से पहले ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो ने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के लिए पीएम मोदी का धन्यवाद किया।
आपको बता दें कि दुनियाभर के देशों में इस हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवाई की डिमांड बढ़ी है। अमेरिका, इजराइल, ब्राजील समेत 30 देशों ने भारत से इसकी डिमांड की है। भारत इस मेडिसिन का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। मेडिसिन एंटी मलेरिया ड्रग क्लोरोक्वीन से थोड़ी अलग है। इसका इस्तेमाल ऑटोइम्यून रोगों(Arthritis) के इलाज में किया जाता है,लेकिन जैसे-जैसे कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले बढ़े हैं, इसे कोरोना मरीजों का दिए जाने की बात सामने आई है। इसके पीछे की वजह है कि यह दवा सार्स-सीओवी-2 पर असर डालता है और यह सार्स सीओवी-2 वहीं वायरस है, जो कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह बनता है। अमेरिका के शोधकर्ताओं का मानना है कि इस मेडिसिन के साथ प्रोफिलैक्सिस का डोज लेने से SARS-CoV-2 संक्रमण और वायरल को बढ़ने से रोका जा सकता है।
सबसे बड़े संकट से गुजर रहा है विश्व, कोरोना महामारी के खिलाफ एकजुट होने की अपील: UNSG












Click it and Unblock the Notifications