कनाडा के बाद अब लॉरेंस बिश्नोई गैंग की कैलिफोर्निया में दहशत, स्टॉकटोन में शूटआउट की ली जिम्मेदारी
Lawrence Bishnoi: लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बरार गिरोह के सक्रिय सदस्य रोहित गोदारा ने हाल ही में कैलिफोर्निया के स्टॉकटन शहर में हुई गोलीबारी की जिम्मेदारी लेते हुए सनसनीखेज दावा किया है। इस गोलीबारी में कुख्यात ड्रग तस्कर सुनील यादव की हत्या हो गई थी। जो पाकिस्तान से भारत में नशीली दवाओं की तस्करी से जुड़ा हुआ था।
गोदारा ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस घटना की पुष्टि करते हुए दावा किया कि उन्होंने यह कार्रवाई अपने साथी अंकित भादू की हत्या का बदला लेने के लिए की। यह हत्या लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बरार गिरोह की अंतरराष्ट्रीय पहुंच और उनके प्रतिशोधी रवैये को उजागर करती है। जिसने अब कनाडा और भारत के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका में भी सुर्खियां बटोर ली हैं।

गोदारा का सोशल मीडिया पर खुलासा
गोदारा ने अपनी पोस्ट में लिखा कि सभी भाइयों को राम-राम, जय श्री राम। मैं रोहित गोदारा गोल्डी बराड़ हूं। हम कैलिफोर्निया के स्टॉकटन में मकान नंबर 6706 माउंट एल्बर्स में सुनील यादव की हत्या की पूरी जिम्मेदारी लेते हैं। उसने हमारे प्यारे भाई अंकित भादू को पंजाब पुलिस की मदद से एनकाउंटर में मरवा दिया था। यह हत्या उसी का बदला है।
गोदारा ने यादव पर अपने संगठन को धोखा देने और पुलिस के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यादव ने गिरोह की गतिविधियों की मुखबिरी की। जिससे उनके साथियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई तेज हो गई। गोदारा ने चेतावनी देते हुए लिखा कि हमारे सभी दुश्मनों को तैयार रहना चाहिए। वे दुनिया के किसी भी कोने में भाग सकते हैं। लेकिन हम उन्हें ढूंढ़कर खत्म कर देंगे।
सुनील यादव, एक कुख्यात ड्रग तस्कर
मूल रूप से अबोहर फाजिलका का रहने वाला सुनील यादव दो साल पहले फर्जी पासपोर्ट के जरिए अमेरिका भाग गया था। यादव भारत में ड्रग तस्करी का एक बड़ा नेटवर्क संचालित करता था और उसकी गतिविधियों के चलते राजस्थान पुलिस ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था।
पुलिस के अनुसार यादव की तस्करी के तहत भारत में पकड़ी गई एक ड्रग खेप की कीमत लगभग 300 करोड़ रुपए आंकी गई थी। यह खुलासा उसकी आपराधिक गतिविधियों के बड़े पैमाने को दर्शाता है। यादव पर आरोप था कि उसने पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के युवाओं को नशे की लत में झोंक दिया था।
अंतरराष्ट्रीय पहुंच और गिरोह की धमक
लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बरार गिरोह की यह कार्रवाई उनकी बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहुंच और अपने दुश्मनों को खत्म करने के दृढ़ संकल्प को दर्शाती है। गिरोह की गतिविधियों ने न केवल भारत बल्कि कनाडा और अमेरिका तक कानून प्रवर्तन एजेंसियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस की प्रतिक्रिया
दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां इस घटना के बाद सतर्क हो गई हैं। संसद में हाल ही में हुई झड़प और अन्य आपराधिक मामलों के मद्देनजर पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। स्टॉकटन में हुई इस घटना की जांच के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रयास किए जा रहे हैं।
कैलिफोर्निया में गोलीबारी और ड्रग तस्कर सुनील यादव की हत्या ने लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बरार गिरोह की ताकत और उनके प्रतिशोधी रवैये को वैश्विक स्तर पर उजागर कर दिया है। यह घटना न केवल ड्रग तस्करी के खतरों को रेखांकित करती है। बल्कि अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराधों के खिलाफ कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सामने मौजूद चुनौतियों को भी सामने लाती है।
सवाल यह है कि क्या कानून प्रवर्तन एजेंसियां इस खतरनाक गिरोह की बढ़ती ताकत को रोकने में सफल होंगी या यह गिरोह वैश्विक स्तर पर और भी बड़ा खतरा बन जाएगा।












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