अग्निIV के टेस्ट के बाद चीन ने दी भारत को धमकी, अगर कुछ किया तो चुुप नहीं बैठेंगे
अग्नि v और अग्नि iv के सफल टेस्ट से चिढ़ा चीन। चीन की मीडिया ने दी भारत को सलाह, 'मिसाइल के बुखार को कम करे भारत, मिसाइल का होने से परमाणु ताकत नहीं बढ़ने वाली।'
बीजिंग। भारत ने पिछले दिनों अग्नि v और अग्नि iv का सफल टेस्ट किया है। इस टेस्ट ने चीन का पारा बढ़ा दिया है और उसने भारत को सलाह दे डाली है। चीन की सरकार की ओर से संचालित होने वाले अखबार ग्लोबल टाइम्स ने अपने एडीटोरियल में भारत के मिसाइल प्रोग्राम पर जमकर भड़ास निकाली है।

भारत को ताकत दिखाने में लगेंगे कई वर्ष
ग्लोबल टाइम्स ने भारत के मिसाइल प्रोग्राम को खारिज कर दिया है और कहा है, 'भारत को अपने मिसाइल के बुखार को ठंडा करना पड़ेगा।' ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है, 'भारत को अहसास करना चाहिए कि कई मिसाइलों के होने का मतलब यह नहीं होता कि वह एक परमाणु ताकत बन चुका है। यहां तक कि अगर भारत एक परमाणु ताकत बन भी जाता है तो भी इसे दुनिया के सामने अपनी ताकत दिखाने में काफी लंबा समय लगेगा।' भारत ने सोमवार को अग्नि iv मिसाइल का भी सफल टेस्ट कर डाला है और इस मिसाइल के सफल टेस्ट के बाद यह आर्टिकल आया है। अग्नि iv की रेंज 4,000 किमी है और यह आसानी से चीन को निशाना बना सकती है। भारत ने इससे पहले 26 दिसंबर को अग्नि v मिसाइल का सफल टेस्ट किया था। एक के बाद एक दो सफल टेस्ट ने चीन को परेशान कर दिया है। इन दोनों ही टेस्ट्स से यह बात भी साबित होती है कि भारत इंटर-कॉन्टिनेंटल बैलेस्टिक मिसाइल (आइएसबीएम) डेवलपमेंट प्रोग्राम में बिना किसी डर के आगे बढ़ रहा है। पढ़ें-अग्नि-V लॉन्च से परेशान चीन, UNSC में भारत को घेरने के लिए तैयार
शांत नहीं बैठेगा चीन
भारत ने जब 26 दिसंबर को अग्नि v मिसाइल का सफल टेस्ट किया था तो उस समय चीन ने भारत से यूएनएससी रेजोल्यूशन के हवाले से सवाल उठाया था। चीन ने कहा था 18 वर्ष पुराने इस रेजोल्यूशन का पालन करते हुए भारत को अपना बैलेस्टिक मिसाइल प्रोग्राम बंद कर देना चाहिए। एडीटोरियल में कहा गया है कि भारत उस रास्ते पर आगे बढ़ रहा है जहां पर यूनाइटेड नेशंस (यूएन) के प्रोटोकॉल को तोड़ने के लिए तैयार है। इसमें लिखा है,'भारत ने परमाणु हथियारों और लंबी दूरी की बैलेस्टिक मिसाइल डेवलपमेंट की यूएन की सीमा को तोड़ दिया है। इसके बाद भी भारत परमाणु क्षमता को लेकर संतुष्ट होता नजर नहीं आ रहा है। वह ऐसी बैलेस्टिक मिसाइल तैयार करना चाहता है जो दुनिया के किसी भी हिस्से को निशाना बना सके और तब वह यूएनएससी के पांच स्थायी सदस्यों के बराबर आ जाएगा।' इस एडीटोरियल में यहां तक लिखा है कि भारत की जीडीपी चीन की जीडीपी का 20 प्रतिशत है और चीन की सैन्य क्षमता भारत से कहीं ज्यादा है। भारत जानता है कि चीन को परमाणु डर दिखाना उसके लिए कितना महंगा साबित हो सकता है। ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक चीन तो भारत से अच्छे संबंध चाहता है लेकिन अगर भारत ने कुछ किया जो शांत नहीं बैठेंगे।












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