श्रीलंका की जीत पर अफगानियों ने जमकर मनाया जश्न, पाकिस्तान से इतनी नफरत क्यों करता है अफगानिस्तान?
श्रीलंका के पाकिस्तान पर जीत के बाद अफगानिस्तान में जश्न का दौर शुरू हो गया। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में लोगों ने सड़क पर निकल कर जश्न मनाया।
नई दिल्ली, 12 सितंबरः श्रीलंका ने रविवार को दुबई में पाकिस्तान को 23 रनों से हराकर छठा एशिया कप खिताब अपने नाम किया। श्रीलंका ने बल्लेबाजी के लिए बुलाए जाने के बाद छह विकेट पर 170 रन बनाए। जवाब में पाकिस्तान 20 ओवर में 147 रन ही बना सका। श्रीलंका के पाकिस्तान पर जीत के बाद अफगानिस्तान में जश्न का दौर शुरू हो गया। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में लोगों ने सड़क पर निकल कर जश्न मनाया।

सड़क पर निकल कर मनाया जश्न
जैसे ही पाकिस्तान के हार तय हुई काबुल में लोग अपने घरों से निकल कर सड़क पर चले आए। इस दौरान लोगों ने खूब आतिशबाजियां कीं और सड़कों पर खुशी से झूमते हुए पड़ोसी देश की हार का जश्न मनाया। सोशल मीडिया पर स्थानीय लोगों द्वारा साझा किए गए वीडियो में लोगों को पटाखे फोड़ते और श्रीलंका की जीत का जश्न मनाते हुए देखा जा सकता है।
सुपर-4 मुकाबले में हुआ था विवाद
कुछ दिन पहले एशिया कप के सुपर-4 के मुकाबले में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान को एक विकेट से हरा दिया था। मैच में ही पाकिस्तानी और अफगानिस्तानी खिलाड़ियों के बीच कहासुनी हो गई थी, जिसका बदला अफगानिस्तानी दर्शकों ने स्टेडियम और स्टेडियम से बाहर पाकिस्तानी दर्शकों से लिया। अफगानी फैंस ने स्टेडियम की कुर्सियां निकाल लीं और पाकिस्तानी फैंस को दौड़ा-दौड़ा कर मारा। स्टेडियम के बाहर भी पाकिस्तानी फैंस के मारपीट हुई। इस घटना के वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ।

19वें ओवर में हुआ विवाद
7 सितंबर को अफगानिस्तान-पाकिस्तान के बीच खेले जा रहे मैच में दूसरी पारी का 19वां ओवर अफगानिस्तान के फरीद कर रहे थे। पाकिस्तान के आसिफ अली ने ओवर की चौथी गेंद पर छक्का लगाया, लेकिन अगली गेंद पर आसिफ अली आउट हो गए। इसके बाद फरीद ने उन्हें मैदान से बाहर जाने का इशारा किया और कुछ शब्द भी कहे। जवाब में आसिफ ने भी कुछ कहा। इन दोनों खिलाड़ियों के बीच मामला इतना बढ़ गया की आसिफ ने फरीद को मारने के लिए बल्ला तान लिया था। अंत में अंपायर बीच-बचाव के लिए आए और मामला शांत हुआ।

अफगानियों ने पाकिस्तानियों को दौड़ा-दौड़ा कर मारा
इसके बाद मैच खत्म हुआ जिसमें पाकिस्तान की जीत हुई। जीत के बाद टीम के समर्थकों ने स्टेडियम में जमकर जश्न मनाना शुरू कर दिया। लेकिन अफगानिस्तान के कुछ दर्शकों को यह पसंद नहीं आया और उन्होंने स्टेडियम की कुर्सियां निकालकर पाकिस्तानी दर्शकों पर फेंकनी शुरू कर दीं। इसके बाद विवाद बढ़ता गया। सोशल मीडिया पर यह भी दावा किया गया कि अफगानी समर्थकों ने शारजाह की गलियों में पाकिस्तानी फैंस को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा है।

डुरंड रेखा है विवाद की वजह
दरअसल पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच प्रतिद्वंदिता भारत-पाकिस्तान के बीच की प्रतिस्पर्धा से कम नहीं है। पाकिस्तान की दशकों पुराने अफगानिस्तान में हस्तक्षेपवादी दुस्साहस के चलते अफगानिस्तान के लोग पाकिस्तान से नाराज रहते हैं। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच कई दशकों से विवाद चल रहा है। साल 1893 में अफगान अमीर अब्दुर रहमान खान और ब्रिटिश शासित भारत के विदेश मंत्री सर मोर्टिमर डूरंड के बीच हुए समझौते के बाद अफगानिस्तान का कुछ हिस्सा 100 सालों के लिए ब्रिटिश इंडिया को दे दिया था। कई सालों के बाद जब 1947 में पाकिस्तान के बना तो अफगान शासकों ने डूरंड समझौते की वैधता पर ही सवाल उठाते हुए पुराने समझौते को मानने से इंकार कर दिया।

मुद्दे से ध्यान भटकाना चाहता है पाकिस्तान
हालांकि दोनों देशों के बीच ये समझौता 1992-93 में खत्म हो गया था। इस विवादित सीमा की वजह से, सांस्कृतिक रूप से एक कहे जाने वाले पश्तून और बलूच समुदाय को अफगानिस्तान और पाकिस्तान में बंट कर रहना पड़ रहा है। अफगानिस्तान इस सीमा को नहीं मानता। इसे देखते हुए ही पाकिस्तान ने 1992-93 में मिशन तालिबान पर काम शुरू कियाा था ताकि डूरंड रेखा विवाद पर अफगानिस्तान के लोगों का ध्यान न जाए। पाकिस्तान यह साबित करना चाहता है कि इस मामले का निपटारा हो चुका है।












Click it and Unblock the Notifications