अफगानिस्तान: नाटो सेना के लौटते ही तालिबान हुआ हमलावर, 1000 सैनिक देश छोड़ ताजिकिस्तान भागे
तालिबान हुआ हमलावर, 1000 अफगान सैनिक देश छोड़ ताजिकिस्तान भागे
काबुल, 6 जुलाई: नाटो सेना के अफगानिस्तान से वापसी के साथ ही तालिबान ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। तालिबान के सामने अफगान सेना असहाय दिख रही है। तालिबान के हमलों के बाद 1000 से ज्यादा अफगान सैनिकों ने भागकर पड़ोसी देश ताजिकिस्तान में शरण ली है। बहुत से सैनिकों ने तालिबान के सामने हथियार डाल दिए हैं। ऐसे कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिसमें अफगान सैनिक तालिबान के सामने समर्पण करते देखे जा सकते हैं।

ताजिकिस्तान की नेशनल सिक्योरिटी कमेटी के मुताबिक, अफगान सरकार के 1,037 सैनिक जान बचाने के लिए उनके देश में दाखिल हुए हैं। रविवार रात अफगानिस्तान सेना और तालिबान के बीच संघर्ष के बाद इन सैनिकों को भागना पड़ा है। ये अफगान सैनिक उत्तरी सीमा पार कर ताजिकिस्तान में दाखिल हुए।
तालिबान का कहना है कि उसने फौज को खदेड़कर उत्तरी अफगानिस्तान का बड़ा हिस्सा फिर से अपने नियंत्रण में ले लिया है। यह अफगानिस्तान का वह इलाका है, जो 1990 के दशक में भी तालिबान की पकड़ में रहा था।
तालिबान के तेवर को देखते हुए कई देशों ने उत्तर अफगानिस्तान के इलाकों में अपने वाणिज्य दूतावासों को बंद करने का फैसला लिया है। वहीं ताजिकिस्तान में आरक्षित सैनिकों को दक्षिणी सीमा पर सुरक्षा और चाक-चौबंद करने के लिये बुलाया जा रहा है। ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रखमोन ने अफगानिस्तान से लगने वाली सीमा को और मजबूत करने के लिये 20 हजार आरक्षित सैनिकों को भेजने का आदेश दिया है।
अफगानिस्तान में पिछले 20 सालों से नाटो की अगुआई में सैन्य अभियान चल रहा है। नाटो और अमेरिका ने तालिबान के साथ एक समझौता किया है जिसके तहत ये तय हुआ था कि विदेशी सैनिक वहाँ से निकल जाएंगे। सितंबर तक अफगानिस्तान से विदेशी सैनिकों की वापसी होनी है। हालांकि ज्यादातर सेना लौट गई है। जिसके बाद ये स्थिति बन रही है।












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