तालिबान प्रवक्ता का खुलासा- कई साल से काबुल में था, अमेरिकी फौज को देता रहमा चकमा
काबुल, 11 सितंबर: अफगानिस्तान से अमेरिकी फौजों के लौटने के ऐलान के बाद बीते महीने कुछ दिन के भीतर ही तालिबान ने पूरे देश और काबुल को अपने कब्जे में ले लिया था। जिस आसानी तालिबान ने काबुल को कब्जे में लिया था, उसने दुनियाभर को चौंकाया था। काबुल पर कब्जे के बाद अब जबकि तालिबान ने अपनी नई सरकार का ऐलान भी कर दिया है तो उनके मुख्य प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने बताया है कि कैसे वो अमेरिकी फौजों के नाक के नीचे कई सालों से काबुल में था।

सारे देश में आराम से घूमता था
पाकिस्तान के अखबार एक्स्प्रेस ट्रिब्यून को दिए एक इंटरव्यू में जबीउल्लाह मुजाहिद ने बताया है कि वह अमेरिकी और अफगान सेनाओं के आसपास काबुल में रहते हुए ही अपनी गतिविधियों को कई साल से चला रहा था। मुजाहिद ने कहा, मैं ना सिर्फ काबुल बल्कि देश के दूसरे हिस्सों में आराम से भी घूमता रहा। तालिबान के काम से मैं जहां भी जाना होता था, मैं आराम से वहां जाता रहता था।

इस एक बात का उठाया खूब फायदा
जबीउल्लाह ने बताया, काबुल पर कब्जे के बाद बीते महीने जब मैं प्रेस वार्ता करने के लिए आया तो बहुत लोगों के लिए मैं एकदम नया शख्स था। इस प्रेस कांफ्रेंस के पहले तक मुझे लेकर कई बातें थीं, बहुत से लोग तो कहते थे इस नाम का कोई तालिबान लीडर नहीं है। अमेरिकी सेना को भी लगता था कि जबीउल्लाह मुजाहिद असल में ना होकर बनाया हुआ कैरेक्टर है। मुजाहिद ने कहा कि इस धारणा का फायदा काबुल में छुपे रहने में हुआ।

कभी अफगानिस्तान छोड़कर नहीं भागा
मुजाहिद ने बताया कि वो कई देशों में गया और कई तरह के कार्यक्रमों और सेमिनार में शामिल हुआ। कई बार पाकिस्तान की यात्रा भी की लेकिन फिर लौटकर अफगानिस्तान आकर काम करने लगा। मुजाहिद का कहना है कि उसने लंबे समय के लिए कभी अफगानिस्तान नहीं छोड़ा और ना ही ये सोचा कि यहां से दूर रहा जाए।
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