तालिबान का प्रतिकार, अफगानिस्तान में महिलाओं ने उठाए हथियार, कांधार पर कब्जा
अफगानिस्तानी मीडिया टोलो न्यूज के मुताबिक अफगानिस्तान के जिन हिस्सों में तालिबान की ताकत बढ़ रही है, उन इलाकों में आम लोगों ने तालिबान के खिलाफ हथियार अपने हाथों में ले लिए हैं।
काबुल, जुलाई 05: अफगानिस्तान की स्थिति काफी तेजी से खराब होती जा रही है और देश गृहयुद्ध की आग में जलने के कगार पर आ खड़ा हुआ है। तालिबान ने पूरे देश पर कब्जा करने के लिए काफी हिंसक लड़ाई छेड़ दी है तो तालिबान के खिलाफ आम लोगों ने हथियार उठा लिए हैं। अफगानिस्तान से निकलकर जो तस्वीरें आ रही हैं, वो काफी खतरनाक हैं और अफगानिस्तान के भविष्य को लेकर चिंता पैदा करती हैं। पिछले दो दिनों में तालिबान ने जहां 20 जिलों पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है, वहीं अब तालिबान के खिलाफ महिलाओं ने हथियार उठा लिए हैं।
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महिलाओं ने उठाए हथियार
अफगानिस्तानी मीडिया टोलो न्यूज के मुताबिक अफगानिस्तान के जिन हिस्सों में तालिबान की ताकत बढ़ रही है, उन इलाकों में आम लोगों ने तालिबान के खिलाफ हथियार अपने हाथों में ले लिए हैं। सबसे ताजा तस्वीर अफगानिस्तान की घोर महिलाओं की हैं। टोलो न्यूज के मुताबिक अफगानिस्तान की लोकतांत्रिक सरकार के समर्थन में और सुरक्षा बलों का साथ देने के लिए सैकड़ों घोर महिलाओं ने तालिबान के खिलाफ हाथों में हथियार ले लिए हैं। अफगानिस्तान से जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, उनमें आप देख सकते हैं कि घोर महिलाओं के हाथ में हथियार हैं। हालांकि, ये महिलाएं तालिबान का कितना सामना कर पाएंगी, इस पर तो कुछ नहीं कहा जा सकता है, लेकिन इतना तय है कि अफगानिस्तान की स्थिति आने वाले वक्त में काफी ज्यादा खराब होने वाली है।
आम लोगों ने उठाए हथियार
एक महिला ने कहा कि "वे अपने सैनिक भाइयों के साथ खड़े हैं और देश की व्यवस्था और संप्रभुता का समर्थन कर रही हैं।" तालिबान के खिलाफ हथियार उठाने वालों की संख्या अब तक स्पष्ट नहीं है। रक्षा और आंतरिक मंत्रालयों ने कहा कि इन बलों को अंततः स्थानीय पुलिस, एनडीएस स्थानीय बलों और स्थानीय सेना बलों के साथ जोड़ा जाएगा। अफगानिस्तान के आंतरिक मामलों के कार्यवाहक मंत्री जनरल अब्दुल सत्तार मिर्जाकवाल ने कहा कि ''ऐसी स्थिति जो बाद में बुरे परिणाम को जन्म देंगी, उसकी अनुमति नहीं दी जाएगी। वो पहले हमारा समर्थन करेंगी और फिर उन्हें पुलिस, सेना या स्थायीन एनडीएस बलों में शामिल कर लिया जाएगा।'' वहीं, बल्ख में तालिबान के खिलाफ जन आंदोलन चलाने वाले अट्टा मोहम्मद नूर ने कहा कि ''उनके नेतृत्व में कई लोग तालिबान के खिलाफ सेना के साथ मिलकर लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन उन्हें कुछ सरकारी अधिकारियों से सहयोग नहीं मिल रही है''। नूर ने कहा कि ''हमें सुनने को मिलता है कि तुम लड़ाई में क्यों शामिल हो रहे हो, तुम्हें शहर में रहना चाहिए, घर में रहना चाहिए, युद्ध लड़ने की जिम्मेदारी हमारी है....अरे भाई तुम युद्ध हार रहे हो''
पब्लिक फोर्स पर सवाल
अफगानिस्तान के एक नेता अहमद मसूद ने कहा कि ''पूर्व के मुजाहिद्दीन एक बार फिर से तालिबान के खिलाफ एक साथ आ रहे हैं और अपने लड़ाकों को एक साथ कर रहे हैं। उन्हें पॉलिटिकल सपोर्ट भी हासिल हो रहा है और हम तालिबान से हार नहीं मानेंगे'' उन्होंने कहा कि ''हमें उम्मीद है कि तालिबान के खिलाफ जनता जितनी तेजी से खड़ी हो रही है, उसके परिणाम हमें देखने को मिलेंगे''। कई लोगों का मानना है कि तालिबान के खिलाफ लड़ाई में आम लोगों का हथियार उठाना सही नहीं है, लेकिन कई जिलों में आम लोगों ने तालिबान को खदेड़ने में कामयाबी हासिल की है। अफगानिस्तान के कई नेताओं का मानना है कि आम लोगों का विद्रोह किसी सैन्य आंदोलन से ज्यादा कारगर साबित हो सकता है। कुंदूज प्रांत के सांसद रब्बानी रब्बानी ने कहा कि ''स्थानीय लोगों ने कुंदूज शहर के बाहरी इलाके की सुरक्षा बेल्ट की रक्षा करने में कामयाबी हासिल की है, उन्होंने तालिबान को खदेड़ दिया''। वहीं, बैड्गीज के सांसद अब्दुल बसीर ओस्मानी ने कहा कि ''आम लोगों ने भले ही हथियार संभाल लिए हैं, लेकिन आम लोगों को सही तरीके से सरकार का समर्थन नहीं मिल रहा है''

9 जिलों पर तालिबान का नियंत्रण
वहीं, टोलो न्यूज के मुताबिक सूत्रों ने रविवार को बताया कि तालिबान ने पिछले 24 घंटों में नौ और जिलों के केंद्रों पर कब्जा कर लिया है। जिनमें सबसे महत्वपूर्ण कांधार प्रांत में तालिबान की एंट्री है। कांधार प्रांत के एक जिले पर भी तालिबान ने नियंत्रण हासिल कर लिया है। वहीं, बदख्शां में छह जिले, कंधार में एक, पक्तिका में एक और तखर में एक जिलों पर भी तालिबान ने नियंत्रण बना लिया है। बदख्शां में कोफब, अर्गो, कोहिस्तान, ज़िबक, यवन और बहारक, कंधार में पंजवाई, पक्तिका में ज़ेरोक और तखर में वोरसाज में तालिबानी घुस गये हैं। इन सब जिलों पर तालिबान ने शनिवार शाम से रविवार शाम के बीच कब्जा जमाया है। स्पेशल के कमांडर मेजर जनरल हिबतुल्लाह अलीजाई ने कहा, "पिछले 24 घंटों में हमने जो ऑपरेशन किए थे, वे कपिसा के निजरब जिले के और परवन के शिनवारी में और गजनी में थे - जहां हमने दुश्मन को हताहत किया।" वहीं, बहारक में सुरक्षा बलों ने करीब 40 तालिबानियों को मार गिराया है।












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