एक्शन में रानिल विक्रमसिंघे, बोले, लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, विशेष समिति का गठन

रानिल विक्रमसिंघे ने आगे कहा कि, देश में चल रहे प्रदर्शन के क्रम में सेना के 24 जवान घायल हुए हैं जिनमें से 2 की हालत गंभीर है। उन्होंने कहा कि, विद्रोहियों और प्रदर्शनकारियों के बीच बड़ा अंतर है।

कोलंबो, 15 जुलाई : श्रीलंका के कार्यवाहक राष्ट्रपति (Acting President) रानिल विक्रमसिंघे ने देश में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया है। गठित विशेष समिति में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, पुलिस महानिरीक्षक और तीन सशस्त्र बलों के कमांडर शामिल हैं। कार्यवाहक राष्ट्रपति ने बताया कि, यह विशेष समिति को बिना किसी राजनीतिक हस्तक्षेप के कानूनी कार्रवाई करने की आजादी दी गई है।

एक्शन में रानिल विक्रमसिंघे

एक्शन में रानिल विक्रमसिंघे

एक्टिंग प्रेसिडेंट रानिल विक्रमसिंघे ने देश के बिगड़ चुके हालात पर चर्चा करते हुए कहा कि, देश की वर्तमान परिस्थिति में कुछ ऐसे समूह भी सक्रिय हो गए हैं, जो देश के लोकतंत्र का दमन कर फासीवादी तरीकों से देश में आग लगाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे अराजक लोगों ने संसद में सुरक्षाबलों के हथियार और गोली तक चुरा लिए।

विद्रोही और प्रदर्शनकारी में बड़ा अंतर

विद्रोही और प्रदर्शनकारी में बड़ा अंतर

रानिल विक्रमसिंघे ने आगे कहा कि, देश में चल रहे प्रदर्शन के क्रम में सेना के 24 जवान घायल हुए हैं जिनमें से 2 की हालत गंभीर है। उन्होंने कहा कि, विद्रोहियों और प्रदर्शनकारियों के बीच बड़ा अंतर है। शुरू से ही संघर्ष में शामिल कई लोगों ने तोड़फोड़ जैसी घटनाओं का विरोध किया है।

लोकतंत्र की हत्या बर्दाश्त नहीं करेंगे

लोकतंत्र की हत्या बर्दाश्त नहीं करेंगे

उन्होंने आगे कहा कि, देश में सांसदों के लिए ऐसा माहौल बनाना चाहिए जिससे वे स्वतंत्र रूप से अपनी राय प्रकट कर सके। उन्होंने कहा कि, सांसदों को पूरी सुरक्षा दी जाएगी। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि, सरकार किसी भी समूह को संसद में लोकतंत्र को नष्ट करने की अनुमति नहीं देगा।

रानिल विक्रमसिंघे बने कार्यवाहक राष्ट्रपति

रानिल विक्रमसिंघे बने कार्यवाहक राष्ट्रपति


बता दें कि, श्रीलंका में घोर आर्थिक संकट से उत्पन्न राजनीतिक संकट के बीच आखिरकार राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने इस्तीफा दे ही दिया है। इसके साथ ही गोटाबाया राष्ट्रपति के पद से आधिकारिक तौर पर हट गए हैं। संसद के अध्यक्ष ने इसकी पुष्टि की है। स्पीकर ने कहा है कि, प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे नए नेता का चुनाव होने तक राष्ट्रपति पद को संभालेंगे। साथ ही, स्पीकर ने ये भी ऐलान किया है कि इस्तीफा मंजूर होने के बाद अब 7 दिन के भीतर नए राष्ट्रपति की नियुक्ति की जाएगी। बता दें कि, आज श्रीलंका के मुख्य न्यायाधीश जयंत जयसूर्या ने रानिल विक्रमसिंघे को कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में शपथ दिलाई।

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