Accenture Layoff: छंटनी के लिए याद किया जाएगा 2023, एक्सेंचर भी 19,000 कर्मचारियों को निकालेगी
Layoffs: एक्सेंचर ने कहा है कि बिगड़ते वैश्विक आर्थिक आउटलुक को देखते हुए कंपनी 19,000 कर्मचारियों की छंटनी करने जा रही है। कंपनी के इस निर्णय के बाद एक्सेंचर के शेयर में 4 फीसदी का उछाल देखने को मिला है।

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Accenture Layoff: छंटनी...छंटनी...छंटनी... गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, मेटा, ट्विटर, अमेजन... हर प्रतिष्ठित कंपनियों में आंखमूंदकर छंटनी चल रही है। अब टेक सेक्टर की एक और बड़ी कंपनी एक्सेंचर करीब 19,000 लोगों को बाहर का रास्ता दिखाने जा रही है। ये ऐसी कंपनियां हैं जहां के कर्मचारी कल तक इन प्रतिष्ठित ब्रांड के नाम के तमगे को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि बताते नहीं थकते होंगे लेकिन अगले ही दिन छंटनी की आंधी में बेरोजगार हो जाएंगे ये उन्होंने नहीं सोचा होगा। इन छंटनियों को देखकर तो यही लगता है कि जैसे 2022 का साल युद्ध के लिए यादगार बन गया है, ठीक वैसे ही साल 2023 को लोग छंटनी के लिए याद करेंगे।
आईटी सेवा प्रदाता कंपनी एक्सेंचर ने ऐलान किया कि वह लगभग 19 हजार नौकरियों में कटौती करेगी। इसे आईटी कंपनी की सबसे बड़ी छंटनी में से एक बताया जा रहा है। यह कंपनी के वर्कफोर्स का लगभग 2.5 फीसदी है। कंपनी ने कहा कि आधे से ज्यादा छंटनी नॉन-बिलेबल कॉरपोरेट फंक्शन में किया जाएगा। इससे पहले अमेजन कुल 27 हजार, फेसबुक ने 21 हजार, गूगल 12 हजार और माइक्रोसॉफ्ट 11 हजार लोगों को नौकरी से निकाल चुकी है।
मंदी की वजह से उठाया ये कदम
एक्सेंचर ने हाल में अपनी तीसरी तिमाही के वित्तीय आंकड़े जारी किए हैं। इसमें अनुमान जताया गया है कि उसके सालाना रिवेन्यू और प्रॉफिट में कमी आ सकती है। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि एक्सेंचर ने ऐसा दुनिया भर में शुरू हुई मंदी की वजह से बड़ी कंपनियों द्वारा टेक्नोलॉजी बजट में कटौती की चिंताओं के चलते किया है। कंपनी को अनुमान है कि उसका सालाना रेवेन्यू ग्रोथ 8 से 10 फीसदी के करीब रह सकता है, जो पहले 8 से 11 फीसदी रहा था। एक्सेंचर ने कहा है कि इस कदम के बाद अब उसे प्रति शेयर इनकम 10.84 डॉलर से 11.06 डॉलर के बीच रहने की उम्मीद है, जबकि पहले यह 11.20 डॉलर से 11.52 डॉलर के बीच थी।
शेयर में 4 फीसदी उछाल
कंपनी के इस निर्णय के बाद एक्सेंचर के शेयर में 4 फीसदी से भी अधिक का उछाल देखने को मिला है। एक्सेंचर की सीईओ जूली स्वीट ने कहा हम वित्तीय वर्ष 2024 और उसके बाद भी अपनी लागत कम करने के लिए जरूरी कदम उठा रहे हैं। आपको बता दें कि एक्सेंचर का ये कदम अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी के एक दिन बाद आया है।
कई कंपनियों में भारी छंटनी
आपको बता दें कि बीते कुछ महीनों में बड़ी कंपनियों में हुई अंधाधुंध छंटनी के कारण भारत में कम से कम 36,400 लोग बेरोजगार हुए हैं। layoff.fyi.के रिपोर्ट के मुताबिक कई कंपनियों ने तो अपने 100 फीसदी कर्मचारियों की छंटनी कर दी है। इसमें लिडो लर्निंग, सुपरलर्न और गोनट्स जैसी कंपनियों के नाम शामिल हैं। इसके अलावा कुछ कंपनियों ने अपने 70 से 75 फीसदी तक के वर्कफोर्स की छंटनी की है।












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