काबुल छोड़ने के लिए एक पशु प्रेमी ब्रिटिश सैनिक ने ऐसी शर्त रखी, लोग कर रहे हैं तारीफ

काबुल, 25 अगस्त: ब्रिटिश रॉयल मरीन का एक पूर्व सैनिक जान आफत में पड़ने के बावजूद काबुल छोड़ने के लिए तैयार नहीं हो रहा है। उसकी शर्त यह है कि जब तक उसके पालतू पशुओं को भी हवाई जहाज से अफगानिस्तान से सुरक्षित निकालने की इजाजत नहीं मिलेगी, कुछ भी हो जाए वह काबुल नहीं छोड़ेगा। पॉल पेन फार्दिंग नाम के उस पूर्व ब्रिटिश नौसैनिक ने ऐसी ही शर्त अपने स्टाफ और उनके परिवार वालों के लिए भी लगा रखी है। आखिरकार ब्रिटेन में राजनीतिक स्तर पर उसकी बात सुनी गई और हो सकता है कि जल्द ही उस पशु प्रेमी की मांग पूरी हो जाए।

बिना पालतू पशुओं के काबुल छोड़ने से इनकार

बिना पालतू पशुओं के काबुल छोड़ने से इनकार

काबुल पर तालिबान के कब्जे के बाद अफगानिस्तान की हालत दुनिया देख रही है। हजारों लोग बेघर हो रहे हैं। कितनों की हत्याएं हो चुकी हैं, तो कुछ हमेशा के लिए अपना घर और देश छोड़कर जा रहे हैं। भविष्य के बारे में किसी को कुछ भी पता नहीं है। अफगानिस्तान में सिर्फ इंसानों को ही नहीं इस वक्त जानवरों को भी यह सब भुगतना पड़ रहा है। बेजुबान जानवरों को भी यूं ही छोड़ दिया गया है, जो हिंसाग्रस्त देश में तिल-तिल कर जीने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ऐसी भयानक हालात के बावजूद ब्रिटेन के एक पूर्व शाही नौसैनिक ने बिना अपने जानवरों को लिए अफगानिस्तान छोड़ने से साफ इनकार कर दिया।

तालिबान कुत्ते-बिल्ली पालने की नहीं देते इजाजत

तालिबान कुत्ते-बिल्ली पालने की नहीं देते इजाजत

पॉल पेन फार्दिंग नाउजैड नाम की एक नॉन-प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन के संस्थापक हैं, जो आवारा कुत्तों की हिफाजत के लिए काम करता है। 2007 में स्थापित उनके संगठन ने करीब 1,600 पशुओं को बचाया है। यह संस्था अफगानिस्तान का पहला ऐसा संगठन है, जिसने महिलाओं को बतौर पशु चिकित्सक जॉब दिए हैं। लेकिन, 52 वर्षीय पॉल को अब तालिबान के शासन में अपने जानवरों के भविष्य की चिंता सता रही है। क्योंकि, 20 साल पहले जब तालिबान का राज था तो उन्होंने ऐसे पालतू पशुओं को पालने पर पाबंदी लगा दी थी, वजह ये है कि वे इसे अशुद्ध मानते हैं।

140 कुत्ते और 60 बिल्लियों की हिफाजत की है चिंता

140 कुत्ते और 60 बिल्लियों की हिफाजत की है चिंता

पेन फार्दिंग ने अपने 140 कुत्तों और 60 बिल्लियों को अफगानिस्तान से सुरक्षित निकालने के लिए एक योजना भी तैयार की थी, जिसे 'ऑपरेशन अर्क' का नाम दिया गया था। इनका संगठन एक कार्गो विमान किराये पर लेने की योजना बना रहा था, जिससे अफगानिस्तान से बाहर निकला जा सके। वह अपने 25 स्टाफ और उनके परिवार के लोगों को भी वहां से बाहर लेकर जाना चाहते हैं। एक फेसबुक लाइव सेशन के दौरान उन्होंने इसीलिए यह बात भी उठाई थी कि यूनाइटेड किंग्डम में पशु चिकित्सकों की कमी है और उनकी टीम के पास इसका अच्छा अनुभव है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने फॉलोअर्स से यह गुजारिश भी की थी कि ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन से उनकी संस्था को मदद करने के लिए कहें। लेकिन, जानवरों की वजह से बात अटकती रही है।

जानवरों को निकालने पर अटकती रही है बात

जानवरों को निकालने पर अटकती रही है बात

सैकड़ों कुत्ते-बिल्लियों के अलावा अपनी संस्था से जुड़े लोगों को अफगानिस्तान से ले जाने के लिए उनका संगठन इस दौरान डोनेशन भी जुटा रहा है। 23 अगस्त को पॉल ने कहा था कि यूके सरकार ने स्टाफ और उनके परिवार के लोगों के लिए वीजा की मंजूरी तो दे दी है, जिनकी कुल संख्या 68 है। लेकिन, उनके शेल्टर में मौजूद जानवरों को निकालकर ले जाना अभी भी एक मुद्दा बना हुआ है।

ब्रिटिश राजनेता ने पॉल के लिए दी अच्छी खबर

ब्रिटिश राजनेता ने पॉल के लिए दी अच्छी खबर

अच्छी खबर ये है कि बुधवार यानी 25 अगस्त को ब्रिटेन के एक राजनेता बेन वैलैस ने ट्विटर के जरिए बताया है कि अगर फार्दिंग अपने स्टाफ और पशुओं के साथ एयरपोर्ट पर पहुंचते हैं तो अधिकारी उन्हें निकलने की इजाजत दे देंगे। पालतू पशुओं के प्रति पॉल पेन फार्दिंग के इस प्रेम की लोग सोशल मीडिया पर काफी सराहना कर रहे हैं। (सारी तस्वीर सौजन्य- पेनफार्दिंग के इंस्टाग्राम से)

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