लादेन नहीं, शेख मोहम्मद था 9/11 का मास्टरमाइंड, दुनिया की सबसे खतरनाक जेल में है कैद
अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर आतंकी हमले को रविवार को 21 साल पूरे हो गए। इस आतंकी हमले में 2 हजार 977 लोग मारे गए थे। दो दशक बीत जाने के बाद भी मास्टरमाइंड खालिद शेख मोहम्मद के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई पूरी नही हो पाई।
वाशिंगटन, 11 सितंबरः अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर आतंकी हमले को रविवार को 21 साल पूरे हो गए। इस आतंकी हमले में 2 हजार 977 लोग मारे गए थे। दो दशक बीत जाने के बाद भी हमले के मास्टरमाइंड खालिद शेख मोहम्मद के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई पूरी नहीं हो पाई है। अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन के पेंटागन में आयोजित एक समारोह में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने 9/11 हमले की बरसी पर शहीद हुए लोगों को पुष्पांजलि अर्पित की और उन्हें सम्मानित किया।

बलिदानियों का ऋणी है अमेरिका
बरसी समारोह के दौरान बाइडेन ने कहा, ''लोकतंत्र के लिए साल में एक बार या कभी-कभी खड़ा होना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए हमें हर दिन एक करना है।'' राष्ट्रपति बाइडेन ने कहा कि हम एक अमेरिका, संयुक्त राज्य अमेरिका के रूप में एक साथ लोकतंत्र को सुरक्षित करेंगे। राष्ट्रपति ने कहा, "हमारे सभी सेवा सदस्यों और उनके परिवारों के लिए, जिन्होंने हमारे देश के लिए इतना बलिदान दिया, हम आपके ऋणी हैं।" 11 सितंबर, 2001 को अमेरिकी धरती पर सबसे घातक हमले में, अल-कायदा द्वारा चार यात्री विमानों का अपहरण कर लिया गया था, जिससे घटना को अंजाम दिया गया।
93 देशों के लोग मारे गए
आतंकियों ने चार में से दो प्लेन वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के नॉर्थ और साउथ टावर से टकराया। वहीं, तीसरा प्लेन पेंटागन पर क्रैश कर दिया गया था। इस हमले में 93 देशों के 2 हजार 977 लोग मारे गए थे। हमला अल-कायदा नाम के आतंकी संगठन ने किया था। चौथा प्लेन शेंकविले के खेत में क्रैश हुआ था। अपहृत विमानों द्वारा ट्विन टावरों को नष्ट करने में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए, उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने होमलैंड सुरक्षा सचिव एलेजांद्रो मेयरकास और मेयर एरिक एडम्स के साथ न्यूयॉर्क समारोह में भाग लिया।

अब तक सजा से बचा हुआ है मास्टरमाइंड
संयुक्त राज्य अमेरिका पर 11 सितंबर के आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड खालिद शेख मोहम्मद पर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है। भले इस हमले के लिए लोग ओसमा बिल लादेन को जिम्मेदार मानते हों और उसे ही मुख्य साजिशकर्ता मानते हों, लेकिन सच्चाई तो यह है कि इस हमले का सबसे बड़ा गुनहगार है। वह न होता तो शायद यह बड़ा हमला कभी भी न हो पाता। दरअसल विमान हाईजैक करके इस भयानक हमले को अंजाम देने की योजना खालिद की ही थी।

चार राष्ट्रपति बदल गए मगर नहीं मिली सजा
अलकायदा में तीसरे नंबर की हैसियत रखने वाले शेख मोहम्मद को मार्च 2003 में पाकिस्तान के रावलपिंडी में उसके ठिकाने से पकड़ा गया था। इसके बाद उसे मुकदमे की प्रतीक्षा के लिए दुनिया के सबसे खतरनाक जेल कहे जाने वाले ग्वांतानामो बे, क्यूबा भेज दिया गया। शेख मोहम्मद इतने लंबे अर्से से क्यूबा के ग्वांतानामो बे में ही रह रहा है। इतने लंबे समय में अब तक अमेरिका के चार राष्ट्रपति बदल चुके है। हालांकि इतने लंबे अर्से के बाद भी मुख्य साजिशकर्ता को सजा न मिल पाने को लेकर अब अमेरिकी न्याय व्यवस्था की आलोचना हो रही है। 9/11 के हमलों के पीड़ितों के परिवारों को न्याय दिलाने में अमेरिकी सरकार की निरंतर विफलता की निंदा करते हुए, न्यूयॉर्क में एक पूर्व अमेरिकी वकील, डेविड केली ने कहा, 'यह पीड़ितों के परिवारों के लिए एक भयानक त्रासदी है।'












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