55,000 टन भारतीय गेहूं पहुंचा मिस्र, हर कड़े टेस्ट में हुआ पास- रिपोर्ट

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 55,000 टन भारतीय गेहूं की पहली खेप मिस्र पहुंच गई है और सभी गुणवत्ता परीक्षणों को पास कर लिया है।

कायरो, जून 11: मिस्र ने 55,000 टन भारतीय गेहूं की पहली खेप को मंजूरी दे दी है। भारतीय गेहूं ने सभी गुणवत्ता परीक्षणों को पास कर लिया है। गुणवत्ता के मुद्दों को कारण तुर्की द्वारा भारतीय गेहूं को खारिज किए जाने के बाद अब मिस्र द्वारा अपनाया जाना एक बड़ी बात कही जा रही है। मिस्र के अलेक्जेंड्रिया बंदरगाह पर गेहूं की पहली खेप पहुंचने के बाद जांच की गई। तय मानकों पर खरा उतरने के बाद इसे मिश्र द्वारा हरी झंडी मिली।

55 हजार टन गेहूं खरीदा

55 हजार टन गेहूं खरीदा

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 55,000 टन भारतीय गेहूं की पहली खेप मिस्र पहुंच गई है और सभी गुणवत्ता परीक्षणों को पास कर लिया है। आपको बता दें कि, इजिफ्ट में क्वालिटी कंट्रोल का तरीका पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा सख्त है। और खराब क्वालिटी की बात कहकर जिस गेंहूं की खेप को तुर्की ने लेने से इनकार कर दिया था, उसे इजिप्ट में स्वीकार कर लिया जाना बताता है, कि तुर्की के राष्ट्रपति ने भारत के साथ डबल गेम खेलने की कोशिश की थी, ताकि दुनियाभर में भारतीय गेहूं की वैल्यू गिर जाए। लेकिन, ऐसा नहीं हो पाया और तुर्की के बदनियत राष्ट्रपति पूरी दुनिया में बेनकाब हो गये।

भारत को बड़ी कामयाबी

भारत को बड़ी कामयाबी

तुर्की द्वारा गेहूं की खेप को अस्वीकार कर देना भारत के लिए एक बड़ा झटका था, लेकिन इजिप्ट ने क्वालिटी टेस्ट में पास कर भारतीय गेहूं को खरीदकर भारत को बड़ी राहत दी है। वहीं, इस खेप को निर्यात करने वाले 'मेरा ग्रुप' के सीईओ नील साहनी ने कहा कि, 'अगर आप मिस्र में गुणवत्ता परीक्षण को पास कर सकते हैं, तो आप इसे दुनिया में कहीं भी पास कर सकते हैं'। आपको बता दें कि, अप्रैल में, मिस्र ने गेहूं के आयात के लिए भारत को मूल बंदरगाह के रूप में मंजूरी दी थी। और जब भारत ने 13 मई से गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी, उस वक्त जहाज को लोड किया जा रहा था।

पहली बार इजिप्ट में गेहूं निर्यात

पहली बार इजिप्ट में गेहूं निर्यात

नील साहनी के मुताबिक, 'हालांकि भारतीय गेहूं कभी मिस्र नहीं गया था, लेकिन हमें विश्वास था कि हम सबसे अच्छी गुणवत्ता वाला गेहूं निर्यात करते हैं, जिसका उपभोग भारत के एक अरब से अधिक लोगों ने किया है। भारत सरकार और मध्य प्रदेश सरकार ने निर्यात के हर चरण में मदद की थी'। नील साहनी के मुताबिक, मिस्र ने भारत और मिस्र में 520 कीटनाशकों और अन्य गुणवत्ता परीक्षणों की उपस्थिति के लिए भारतीय गेहूं का परीक्षण किया था। मीरा साहनी ने यह गेहूं मध्य प्रदेश से मंगवाया था। उन्होंने कहा कि, 'जहाज को लोड करने के समय मिस्र सरकार की गुणवत्ता जांच टीम भारत में मौजूद थी। वे प्रयोगशालाओं में गए, उन्होंने परीक्षण किया और फिर वो परिणामों से संतुष्ट हो गये'।

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