17 जून को UN में हैं तीन बड़े चुनाव, एक में तय मानी जा रही है भारत की जीत
न्यूयॉर्क। आने वाली 17 जून को संयुक्त राष्ट्र के लिए काफी अहम है क्योंकि इस दिन संगठन के तीन बड़े चुनाव होने वाले हैं। यूनाइटेड नेशंस जनरल एसेंबली (यूएनजीए) के मुखिया की तरफ से मंगलवार को चुनावों के बारे में जानकारी दी गई है। 17 जून को यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल (यूएनएससी), इकोनॉमिक एंड सोशल काउंसिल में चुनाव के अलावा यूएन के नए मुखिया का चुनाव भी होना है। एंटोनियो गुटारेशे का कार्यकाल पूरा होने वाला है और ऐसे में नए मुखिया का चुनाव भी काफी अहम हो जाता है।
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कोरोना वायरस के समय में चुनाव
यूएन में 193 देश सदस्य हैं। यूएनजीए के मुखिया तीज्जानी मोहम्मद बांडे ने ऐलान किया था कि चुनावों के दौरान इस बार नई प्रक्रिया को अपनाया जाएगा। इसका मकसद कोरोना वायरस काल में लोगों को वोटिंग के लिए इकट्ठा होने और भीड़ न लगने देना और सोशल डिस्टेंसिंग को सुनिश्चित करना है। इस बार चुनाव न्यूयॉर्क स्थित यूएन हेडक्वार्टर पर नहीं होंगे बल्कि यूएन के सदस्य देशों के राजदूत सीक्रेट बैलेट पेपर का प्रयोग अपने लिए निर्धारित समय पर करेंगे। बांडे ने बताया कि वोटिंग जनरल एसेंबली के हॉल में होगी और चुनाव से पांच वर्किंग डे से पहले सभी सदस्यों को इसके बारे में जानकारी दे दी जाएगी। चुनाव का वेबकास्ट होगा। इस दौरान सहायक मौजूद रहेंगे तो पूरी प्रक्रिया पर नजर भी रखेंगे। यूएन चीफ एंटोनियो गुटारेशे की तरफ से 30 जून तक वर्क फ्रॉम होम घोषित किया गया है।
UNSC में तय है भारत की जीत
वहीं, इस बार यूनएससी में पांच अस्थायी सीटों पर भारत की जीत तय है। भारत, एशिया प्रशांत सीट के लिए इकलौता दावेदार है और इसलिए उसका चुनाव में जीत हासिल करना तय माना जा रहा है। भारत अस्थायी सदस्य सीट का उम्मीदवार है। भारत की उम्मीदवारी का पिछले साल जून में एशिया प्रशांत ग्रुपिंग के 55 सदस्यों ने समर्थन किया था। सुरक्षा परिषद में चीन, अमेरिका, रूस, ब्रिटेन और फ्रांस स्थायी सदस्य हैं। वहीं हर वर्ष 10 सदस्यों को अस्थायी तौर पर हर दो साल के कार्यकाल के लिए चुना जाता है। जबकि पांच सदस्यों का चुनाव हर वर्ष होता है। भारत की सदस्यता का कोई भी देश विरोध नहीं कर रहा है।












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