तकनीकी गलती की वजह से मिली लखवी को जमानत: शरीफ
इस्लामाबाद| लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के कमांडर और 26/11 हमले के मुख्य आरोपियों में से एक जकीउर रहमान लखवी को गुरुवार को पाकिस्तान की आतंकवाद निरोधी अदालत (एटीसी) ने जमानत दे दी जिसके बाद पाकिस्तान को भारत की तीखी प्रतिक्रियाओं का शिकार होना पड़ा है।
भारत के इस कड़े रूख के बाद पाकिस्तान फिलहाल अपनी गलती मानता हुआ दिख रहा है। पाकिस्तान के आलाकमान नवाज शरीफ ने अपनी गलती मानते हुए एक बयान जारी किया है कि जो हुआ है वो तकनीकी गलती की वजह से हुआ है इसलिए पाकिस्तान सरकार लखवी की जमानत का विरोध करेगी। अदालत के इस फैसले के खिलाफ वो आज अपील भी करेगी।
'तकनीकी गलती की वजह से मिली लखवी को जमानत'
गौरतलब है कि 'डॉन' की रिपोर्ट के मुताबिक गुरूवार को लखवी को एटीसी ने लखवी को 5,00,000 रुपये के मुचलके पर जमानत दे दी। लखवी सहित सात लोगों पर 26/11 हमले की साजिश रचने और इसमें मदद करने का आरोप है। इस हमले में 166 लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हो गए थे।
मामले में छह अन्य आरोपियों के खिलाफ सुनवाई चल रही है। यह छह आरोपी हम्मद अमीन सादिक, शाहिद जमील रियाज, युनुस अंजुम, जमील अहमद, मजहर इकबाल और अब्दुल माजिद हैं। माना जाता है कि 26/11 हमले के वक्त लखवी प्रतिबंधित संस्था एलईटी का संचालन प्रमुख था, जिस संगठन पर मुंबई हमले का आरोप है।
मुंबई हमले के एक मुख्य आरोपी लखवी की बेल पर भारत नाराज
लखवी और एलईटी का एक अन्य कमांडर जरार शाह इस हमले का मुख्य षडयंत्रकारी माने जाते हैं। लखवी को फरवरी 2009 में पाकिस्तान में गिरफ्तार किया गया था और उसके खिलाफ 25 नवंबर 2009 को अभियोग शुरू किया गया।
लखवी को फरवरी 2009 में पाकिस्तान में गिरफ्तार किया गया था
लखवी को जमानत ऐसे वक्त में मिली है, जब स्कूली बच्चों की आतंकवादी हमले में हुई मौत के कारण पाकिस्तान शोकग्रस्त है, और भारत ने स्पष्ट रूप से यह दर्शाया है कि वह ऐसे वक्त में पाकिस्तान के साथ खड़ा है इसलिए विरोध होना लाजिमी ही है।













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