तालिबान को लेकर अमेरिका समेत 21 देशों ने जारी किया साझा बयान, महिलाओं को लेकर जताई चिंता
अफगानिस्तान में तालिबान को लेकर अमेरिका समेत 21 देशों ने जारी किया साझा बयान, महिलाओं को लेकर जताई चिंता
नई दिल्ली, 18 अगस्त: अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी और रविवार को राष्ट्रपति राष्ट्रपति अशरफ गनी के देश छोड़कर भाग जाने के बाद सत्ता पूरी तरह से तालिबान के हाथ में आ गई है। सत्ता पर तालिबान के कब्जे के बाद पूरे देश में एक डर का माहौल है और हजारों लोग किसी तरह से अफगानिस्तान छोड़ने के लिए परेशान बताए जा रहे हैं। दुनियाभर में इस समय अफगानिस्तान की स्थिति को लेकर चिंता है। खासतौर से महिलाओं को लेकर चिंता सबसे ज्यादा है। इस सबको लेकर अमेरिका समेत 21 देशों ने साझा बयान जारी किया है।

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अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा सहित 21 देशों ने अपने एक संयुक्त बयान में कहा है, हम अफगानी महिलाओं और लड़कियों, उनके शिक्षा, काम और आवाजाही की स्वतंत्रता के अधिकारों के बारे में बहुत चिंतित हैं। हम अफगानिस्तान में सत्ता और अधिकार के पदों पर बैठे लोगों से उनकी सुरक्षा की गारंटी देने का आह्वान करते हैं।
बयान में आगे कहा गया है, हम महिलाओं और कमजोर वर्गों की हर तरह की मानवीय सहायता के लिए तैयार हैं। साथ ही हम बारीकी से निगरानी करेंगे कि भविष्य में जो भी सरकार बनेगी, वो बीते 20 सालों में अफगानिस्तान में महिलाओं और लड़कियों के जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुके अधिकारों और स्वतंत्रता को सुनिश्चित करे और उनके अधिकार ना छीने जाएं।
भारत भी रख रहा अफगानिस्तान पर निगाह
अफगानिस्तान की सत्ता पर तालिबान के कब्जे के बाद भारत भी वहां के हालात पर नजर रखे हुए है। अफगानिस्तान के हालात को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति के साथ बैठक भी की है। बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला और अफगानिस्तान में भारत के राजदूत आर टंडन मौजूद थे। भारत अपने अफसरों को भी अफगानिस्तान से निकालने में लगा हुआ है।












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