वैजाइना इकॉनमी का साल होगा 2017: रिपोर्ट
2016 में महिलाओं को लेकर कई पुराने मिथक टूटे लेकिन 2017 के बारे में कहा जा रहा है कि ये साल 'वैजाइना इकॉनमी' के लिए जाना जाएगा।
नई दिल्ली। आने वाले वक्त के रुझानों की भविष्यवाणी करने वाली एक एजेंसी का कहना है कि 2017 महिलाओं में सेक्स के प्रति नजरिए में बड़े बदलाव होंगे। महिलाएं सेक्स को पुराने तरीकों से देखना बंद करेंगी।

दो से तीन दशक पहले महिलाओं की सेक्स जरूरतों को लेकर बहस बहुत कम देखने को मिलती थी। ऑर्गेज्म, समलैंगिकता या सेक्स टॉय को किसी दूसरी दुनिया की बातें मानी जाती थीं। यहां तक कि महिलाएं अपने अन्तर्वस्त्र भी पति से मंगाया करती थीं लेकिन पिछले 10 से 15 सालों में ये चीजें बदली हैं।
अखबर 'द इंडिपेंडेंट' ने भविष्यवाणी करने वाली एक एंजेसीं की रिपोर्ट को आधार बनाते हुए एक खबर की है। खबर में कहा गया है कि 2017 'वैजाइना इकॉनमी' का साल होगा।
2017 को वैजाइना इकॉनमी का साल कहे जाने के पीछे वजह बताई जा रही है, महिलाओं का अपनी सेक्स जरूरतों की तरफ बढ़ता रुझान। कहा जा रहा है कि इस साल औरतों और वैजाइना की जरूरतों से जुड़ी चीजें बाजार में ज्यादा आएंगी।
महिलाएं खुद आ रही अपनी जरूरतों के लिए सामने
महिलाएं अब खुद इस तरह के बाजार में आ रही हैं, जिससे महिलाओं की जरूरत से जुड़ी चीजें बना सके। सेक्स टॉयज का बाजार तेजी से बढ़ रहा है।
महिलाएं पुरानी मान्यताओं और तमाम बातों से परे अब खुलकर सेक्स टॉयज के इस्तेमाल और जरूरत पर बात कर रही हैं। औरतें अब मर्द को संतुष्ट करने के लिए सेक्स नहीं कर रही हैं, वो खुद भी अपने आनंद का ध्यान रख रही हैं।
महिलाएं आज किसी दूसरी महिला से रिश्ते को छुपाती नहीं है, वो ना सिर्फ इसको स्वीकारती हैं बल्कि एक-दूसरे की जरूरत को भी पूरी करती हैं। इस तरह के रिश्तों में रहने वाली महिलाओं के बीच सेक्स के लिए कई तरह के टॉयज का इस्तेमाल होता है।
जिस तरह से महिलाएं कुछ सालों में अपनी सेक्स इच्छाओं को लेकर मुखर हुई हैं, उसे देखते हुए 2017 को 'वैजाइना नॉमिक्स' और 'वैजाइना इकॉनमी' का साल कहा जा रहा है। कहा जा रहा है कि दुनियाभर में 2017 में वैजाइना की भूमिका को बदलते देखा जाएगा।












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