एक प्रथा के चलते डेनमार्क में 1400 डॉल्फिनों को उतारा गया मौत के घाट, खून से समुद्र हुआ लाल
डेनमार्क में लोगों ने एक रिवाज के चलते एक ही दिन में एक दो नहीं पूरी 1400 डॉल्फिनों को मौत के घाट उतार दिया।
नई दिल्ली, 15 सितंबर। दुनिया में कैसी-कैसी प्रथाएं हैं। किसी प्रथा से किसी का भला हो या किसी का नुकसान न हो तब तो ठीक है, लेकिन हैरानी तब होती है जब किसी रिवाज के चलते कोई इंसान किसी अन्य इंसान या जानवर की हत्या कर देता है। कुछ ऐसा ही देखने को मिला डेनमार्क में, जहां लोगों ने एक रिवाज के चलते एक ही दिन में एक दो नहीं पूरी 1400 डॉल्फिनों को मौत के घाट उतार दिया।

फरो आइलैंड्स पर की गई 1400 डॉल्फिनों की हत्या
दरअसल एक प्रथा के चलते डेनमार्क के फरो आइलैंड्स पर मंगलवार को 1400 डॉल्फिनों को मार दिया गया। लोगों में इस घटना के प्रति काफी गुस्सा देखने को मिल रहा है। एक ही दिन में 1400 वॉइट साइडिड डॉल्फिनों को मारे जाने की खबर पर लोगों में भारी गुस्सा है। माना जा रहा है कि उत्तरी द्वीपसमूह में एक ही दिन में डॉल्फिनों को पड़ने की यह सबसे बड़ी संख्या है। इस घटना को लेकर एक सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि फरो आइलैंड्स पर ऐसे लोग शिकार करने के लिए जाते हैं जिन्हें शिकार करने की समझ तक नहीं है। हालांकि इस तरह के शिकार पूरी तरह से कानून के दायरे में रहकर किया जाता है।
photo credit: Sea Shepherd facebook page

400 साल पुरानी है यह प्रथा
बता दें कि इस द्वीप पर 50,000 लोग रहते हैं और ये लोग आम तौर पर पायलट व्हेल का ही शिकार करते हैं।
बता दें कि फरे द्वीप पर साल में एक बार यह दिल दहला देने वाली प्रथा को मनाने का चलन है और यह प्रथा 400 साल पुरानी है। हालांकि डॉल्फिन के संरक्षण के लिए कार्य करने वाले लोगों ने इस प्रथा के प्रति अपनी आवाज उठाई है। इस प्रथा को 'ग्राइंडड्राप' के नाम से जाना जाता है। इस प्रथा के चलते पहले भी डॉल्फिन और व्हेलों को मारा जाता रहा है लेकिन इतनी बड़ी संख्या में डॉल्फिनों को पहले कभी नहीं मारा गया। इस प्रथा के चलते इस द्वीप रा छवि खराब हो रही है। एक पर्यावरण संरक्षण समूह सी शेफर्ड ने फेसबुक पर डॉल्फिनों की हत्या करने वाला वीडियो पोस्ट किया है।
photo credit: Sea Shepherd facebook page

डॉल्फिनों के खून से लाल हुआ समुद्र
इस द्वीप के लोग हर साल लगभग 1000 स्तनधारियों की हत्या करते हैं। पिछले साल उन्होंने केवल 35 वाइट डॉल्फिन मारी थीं। एक अच्छी बात यह रही कि कई लोगों ने खुद को इस बार इस प्रथा से दूर कर लिया। वो इस बार इस प्रथा में शामिल नहीं हुए।
1400 डॉल्फिनों के खून से पूरा समुद्र लाल हो गया। डॉल्फिनों को कम पानी वाली जगह पर ले जाया गया और उन्हें चाकू से काटा गया। बताया जाता है कि यह पूरी प्रथा वहां के कानून के दायरे में होती है। इनके मीट और चर्बी को लोगों में बांटा जाता है।
photo credit: Sea Shepherd facebook page












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