‘हमें कुत्तों की तरह रहने दो’, जर्मनी में जानवर बनने के लिए इकठ्ठा हुए एक हजार लोग, भौंककर करने लगे बातचीत
जर्मनी की राजधानी बर्लिन में पॉट्सडैमर प्लात्ज रेलवे स्टेशन खुद को कुत्ता समझने वाले लगभग 1000 लोग अपने अधिकारों का प्रदर्शन करने के लिए इकठ्ठा हुए। इस दौरान ये लोग आपस में भौंककर एक दूसरे से संवाद कर रहे थे।
जानकारी के मुताबिक इस 'कैनाइन बीइंग्स' द्वारा आयोजित किया गया था, एक समूह जो "कुत्ते के रूप में पहचान करने वाले लोगों के अधिकारों" के लिए काम करता है। अब इस घटना का वीडियो इंटरनेट पर बड़े पैमाने पर वायरल हो रहा है जिस पर नेटिज़न्स अपनी विचित्र प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान अनुमानित 1,000 लोगों की भीड़ देखी गई। समूह के सदस्यों ने कुत्ते के मुखौटे और हेडपीस पहने हुए थे, और कई लोग झंडे लिए हुए दिखाई दिए, जिनमें से एक इंद्रधनुष प्रदर्शित कर रहा था।
रिपोर्ट के मुताबिक ये 'कुत्ते' बने लोग स्टेशन पर इतनी जोर-जोर से भौंक रहे थे कि उन्हें रोकने के लिए पुलिस को घटनास्थल पर आना पड़ा।
द डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक ये ट्रांस स्पेशिज नामक एक नई जेंडर आइडेंटिटी है। ये दावा करते हैं कि वे इंसान के रूप में कुत्ते हैं। ऐसे लोगों में कुत्तों संग संभोग करने की प्रवृत्ति होती है और वे चाहते हैं कि उनकी इस इच्छा को मान्यता भी दी जाए।
2016 में, 'द सीक्रेट लाइफ ऑफ ह्यूमन पप्स' नाम की एक डॉक्यूमेंट्री उन लोगों के जीवन को दिखाने के लिए बनाई गई थी जो कुत्तों के रूप में रहना पसंद करते हैं। इसमें यूरोप भर के कई लोगों को दिखाया गया है जो कुत्तों की तरह कपड़े पहनना पसंद करते हैं और स्पॉट, हेक्सी और टेबो जैसे कुत्तों के नाम के साथ रहना पसंद करते हैं। इन लोगों ने तो अपना नाम तक कुत्तों के जैसा रख लिया है।
डॉक्यूमेंट्री में कहा गया है कि यह विचार बीडीएसएम समूहों से विकसित हुआ जहां कुछ लोग कुत्तों के रूप में रहना पसंद करते थे। डॉक्यूमेंट्री के मुताबिक ये आंदोलन इंटरनेट के सर्व सुलभ होने की वजह से पॉपुलर हुआ है क्योंकि सोशल मीडिया ने समान विचारधारा वाले लोगों तक पहुंचना आसान बना दिया है।












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