Indore news: ओलावृष्टि से गेहूं की फसल प्रभावित, मंत्री तुलसी सिलावट ने खेत में पहुंचकर जाना हाल
इंदौर जिले में असमायिक वर्षा और ओलावष्टि से क्षतिग्रस्त फसलों का जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने खेतों में पहुंचकर जायजा लिया।

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प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने इंदौर जिले में असमायिक वर्षा और ओलावष्टि से क्षतिग्रस्त फसलों का खेतों में पहुंचकर जायजा लिया। तुलसी सिलावट सांवेर क्षेत्र के खेतों में पहुंचे। यहां उन्होंने किसानों से चर्चा की और नुकसानी के संबंध में मुआयना किया। असामयिक बारिश और तेज हवा के कारण ग्रामीण क्षेत्र में कहीं-कहीं फसलों के खेत में गिर जाने से क्षति होना कृषकों द्वारा बताया गया। साथ ही गेंहू की चमक पर प्रभाव पड़ने से गेहूं का बाजार भाव भी उचित न मिलने की आशंका कृषकों द्वारा व्यक्त की गई।
सरकार किसानों के साथ है
मंत्री तुलसी सिलावट ने किसानों को आश्वस्त किया कि संकट की घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ है। किसानों को पूरी मदद मुहैया कराई जायेगी। सिलावट, कदवाली बुजुर्ग सहित अनेक गांवों में पहुंचे थे, और उन्होंने यहां नुकसानी का मुआयना किया। सिलावट ने फसलों में हुयी नुकसानी का पता करने के लिए तुरंत सर्वे प्रारंभ करने के निर्देश है। उन्होंने इंदौर कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी से चर्चा कर निर्देश दिए हैं कि जिले में पिछले दिनों हुयी अतिवृष्टि/ ओलावृष्टि को देखते हुए खेतों का सर्वे अविलंब प्रारंभ कर नुकसानी का आंकलन किया जाए।
आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं
मंत्री तुलसी सिलावट ने निर्देश दिए हैं कि सर्वे से कोई भी क्षेत्र वंचित नहीं रहे। उन्होंने कहा कि, सर्वे वास्तविक और जमीनी स्तर पर हो। उन्होंने कहा कि संकट की हर घड़ी में राज्य सरकार किसानों के साथ है। तुलसी सिलावट ने कहा कि, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान किसानों के हितों के प्रति बेहद संवेदनशील और हमेशा चिंतित रहते हैं। मुख्यमंत्री ने भी वरिष्ठ स्तरों पर अतिवृष्टि और ओलावृष्टि की समस्या से निपटने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं। बता दें कि प्रदेश में ओलावृष्टि होने के चलते कई क्षेत्रों में फसलों को नुकसान पहुंचा है, जहां सांवेर क्षेत्र में भी फसलों के नुकसान का आकलन करने मंत्री तुलसी सिलावट मैदान पर उतरे।
किसानों को मिला सरकार का साथ
मध्यप्रदेश में मौसम परिवर्तन के चलते हुए ओलावृष्टि और बारिश ने किसानों की फसलें तबाह कर दी है। यही कारण है कि, मध्य प्रदेश के किसानों के चेहरे पर अब चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रहे हैं, लेकिन किसानों की संकट की घड़ी में प्रदेश की शिवराज सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल प्रभाव से नुकसान का सर्वे करने के आदेश दिए हैं। इतना ही नहीं सरकार के जनप्रतिनिधि और तमाम अधिकारी किसानों के साथ इस संकट की घड़ी में खड़े नजर आ रहे हैं, जहां लगातार जनप्रतिनिधि और अधिकारी किसानों के खेत का निरीक्षण करने पहुंच रहे हैं।
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