MP : जिस धरती पर हुआ कमलनाथ का सम्मान, सिख समाजजनों ने अरदास कर किया शुद्धिकरण
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने खालसा स्टेडियम में सजे दीवान पर मत्था टेका था। इस दौरान आयोजकों ने कमलनाथ का सम्मान करते हुए उन्हें सरोपा भेंट किया था। वहीं कमलनाथ के सम्मान से आहत होकर पंजाब से आए सिख कीर्तनकार मनप्रीत सिंह कानपुरी ने आयोजकों को जमकर खरी-खोटी सुनाई थी, जिसके बाद अब इस पूरे मामले को लेकर सिख समाजजनों में गुस्सा नजर आ रहा है, जहां बड़ी संख्या में सिख समाजजनों ने खालसा स्टेडियम पहुंचकर उस स्थान का शुद्धिकरण किया, जहां कमलनाथ का सम्मान किया गया था।

कुछ इस तरह किया शुद्धिकरण
श्री गुरुनानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर खालसा कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ को बुलाकर उनका सत्कार किया गया था, जिसे लेकर सिख समाज के लोगों ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। समाज के लोग एकत्रित होकर खालसा कॉलेज पहुंचे, और वहां वाहेगुरु से गुरु सिंह सभा के सदस्यों को सद्बुद्धि प्रदान करने की अरदास की, उसके पश्चात दूध एवं तखत श्री दरबार साहिब जी अमृतसर के सरोवर से लाए गए जल से धरती को पवित्र किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाज जन उपस्थित रहे।
कुछ ऐसा है पूरा मामला
दरअसल, ये पूरा मामला मंगलवार का है, जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ, कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा से जुड़ी तैयारियों का जायजा लेने प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर पहुंचे थे, तभी वे प्रकाश पर्व होने के चलते खालसा स्टेडियम में सजाए गए दीवान पर मत्था टेकने और सिख समाज के आयोजन में हिस्सा लेने पहुंचे थे। उसी वक्त आयोजकों ने कमलनाथ का आभार जताते हुए सरोपा सौंप उनका सम्मान कर दिया। बस फिर क्या था, कमलनाथ के आयोजन स्थल से जाते ही पंजाब से आए कीर्तनकार मनप्रीत सिंह कानपुरी ने आयोजकों को खरी खोटी सुनाते हुए 1984 में सिखों को बर्बाद करने वाले का गुण गान बंद करने की बात कही। इतना ही नहीं कीर्तनकार मनप्रीत सिंह कानपुरी आयोजकों से इतने नाराज हुए की उन्होंने दोबारा इंदौर ना आने की बात तक कह डाली।












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