Khandwa में बवाल के बाद धारा 144 लागू, बिना अनुमति धरना- प्रदर्शन प्रतिबंधित
खंडवा में हुए तनाव के बाद पुलिस प्रशासन की ओर से शहर में धारा 144 लागू कर दी गई है, जिसके तहत अब बिना अनुमति धरना- प्रदर्शन प्रतिबंधित है.

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Khandwa में हुए बवाल के बाद अब शहर में धारा 144 लागू कर दी गई है। उधर, पुलिस ने आरोपियों की धर पकड़ शुरू कर दी है। पुलिस ने इस मामले में खंडवा के कहारवाड़ी क्षेत्र से पार्षद सहित दो लोगों को हिरासत में लिया था। इसके साथ ही अपहरण मामले में भी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार लोगों को आरोपी बनाया है, जिनमें से दो की गिरफ्तारी की जा चुकी है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों को जेल भेज दिया है। उधर, पुलिस ने पार्षद के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए उस पर एनएसए के अंतर्गत भी कार्रवाई की है।
नहीं होगा किसी तरह का प्रदर्शन
अपर जिला दंडाधिकारी काशीराम बड़ोले ने बताया कि, खण्डवा जिले में कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए आगामी दिवस में आने वाले धार्मिक पर्व एवं खण्डवा शहर की साम्प्रदायिक संवेदनशीलता को दृष्टिगत रखते हुए लोक प्रशांति एवं सुरक्षा बनाये रखना प्रथम आवश्यकता है। अपर जिला दण्डाधिकारी बड़ोले ने दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के प्रावधानों के अंतर्गत आदेश जारी किये हैं कि पांच या पांच से अधिक व्यक्ति एक स्थान पर एकत्रित न हों।कोई भी व्यक्ति जुलूस या रैली या सभा का आयोजन नहीं करेंगे, न ही उनमें सम्मिलित होगें। कोई भी व्यक्ति आग्नेय शस्त्र धारदार हथियार, अन्य प्रकार का घातक हथियार, विस्फोटक आयुध अथवा अन्य प्रकार की ऐसी कोई सामग्री, जिससे खतरा उत्पन्न हो सकता है, का न तो प्रदर्शन करेगा और न ही प्रयोग करेगा।
यह गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी
उन्होंने बताया कि, ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग बगैर सक्षम प्राधिकारी के अनुमति के नहीं करेगा। सक्षम प्राधिकारी के अनुमति के बगैर जुलूस नहीं निकालेगा। कोई भी व्यक्ति आतिशबाजी का प्रदर्शन नहीं करेगा, किसी भी धर्म, वर्ग या व्यक्ति के खिलाफ नारे नहीं लगायेगा तथा ऐसी किसी आपत्तिजनक विषयवस्तु का प्रदर्शन नहीं करेगा जिससे किसी वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंचे। उन्होंने बताया कि किसी भी व्यक्ति द्वारा डीजल एवं पेट्रोल परिवहन नहीं किया जावेगा, न ही जलती हुई मशाल का प्रदर्शन करेंगा। यह आदेश में शासकीय अधिकारी, कर्मचारियों, पुलिस अधिकारी, एवं अन्य लोक सेवक ड्यूटी पर लागू नही होगा। साथ ही परम्परागत रूप से मनाये जाने वाले धार्मिक त्यौहार एवं धार्मिक गतिविधियों के लिये यह आदेश शिथिल रहेगा।
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