राजा रघुवंशी हत्याकांड में पत्नी सोनम की क्या भूमिका, बॉयफ्रेंड क्यों नहीं गया शिलॉन्ग, गृह मंत्री ने खोले राज
इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या की गुत्थी अब लगभग सुलझ चुकी है। मेघालय के गृह मंत्री लखन टेनसांग ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि राजा की पत्नी सोनम रघुवंशी को इस सनसनीखेज मर्डर केस में मुख्य अभियुक्त बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हत्याकांड पूरी योजना और साजिश के तहत अंजाम दिया गया, जिसमें सोनम का किरदार सबसे अहम है।

हत्या की गवाह नहीं, साजिश की सूत्रधार निकली सोनम
अब तक खुद को पीड़िता बताने वाली सोनम पर पुलिस को शक तब गहराया जब सबूत सामने आने लगे। मेघालय पुलिस के मुताबिक, राजा की हत्या सोनम की मौजूदगी में और उसके संकेत पर की गई। आरोप है कि हमले के दौरान सोनम ने ही आरोपियों को उकसाया और चिल्लाकर कहा - "मार डालो इसे।"
विशाल ने मारा वार, आकाश कर रहा था निगरानी
हत्या में शामिल चार आरोपियों में से विशाल चौहान ने राजा के सिर पर पीछे से वार किया। वहीं आकाश राजपूत दूसरी किराए की बाइक से इलाके में लगातार निगरानी कर रहा था। राजा और सोनम द्वारा किराए पर ली गई मोपेड और आकाश की बाइक को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।
बॉयफ्रेंड राज कुशवाह क्यों नहीं गया शिलॉन्ग?
पूरी साजिश में सबसे बड़ा नाम सामने आया है - राज कुशवाह, जो सोनम का कथित प्रेमी है। मेघालय के गृह मंत्री टेनसांग के मुताबिक, साजिश इतनी फुलप्रूफ थी कि राज खुद शिलॉन्ग नहीं गया, ताकि वह किसी भी CCTV या अन्य सबूतों में न आ सके। उसने इंदौर में रहकर पूरी योजना को अंजाम तक पहुंचाने में सहयोग किया।
सोनम को थी गिरफ्तारी की भनक, इसलिए किया सरेंडर
हत्या के बाद सोनम लगातार मामले की जांच पर नजर रख रही थी। जब उसे पता चला कि राज कुशवाह को इंदौर से गिरफ्तार कर लिया गया है, तो वह मानसिक रूप से टूट गई। उसे लगा कि अब उसकी साजिश बेनकाब हो चुकी है। एक दोस्त से फोन पर जानकारी मिलने के बाद उसने यूपी के एक ढाबे पर पहुंचकर खुद को सरेंडर करने का नाटक किया, ताकि खुद को पीड़ित के रूप में पेश किया जा सके।
शिलॉन्ग में तीन आरोपी पहले से मौजूद थे
सोनम और राज ने पहले ही तय कर लिया था कि वह खुद शिलॉन्ग जाएगी और राजा को लेकर वहां रुकेगी, लेकिन राज खुद वहां नहीं जाएगा, जिससे उस पर कोई शक न जाए। शिलॉन्ग में विशाल, आकाश और आनंद पहले से मौजूद थे, लेकिन उन्हें हिदायत दी गई थी कि वे कभी भी सोनम और राजा के ठहरने के स्थान के आसपास न दिखें।
5:30 बजे का चेकआउट - भी साजिश का हिस्सा
राजा और सोनम ने जिस होमस्टे में रुकने का प्लान बनाया था, वहां से सुबह 5:30 बजे चुपचाप चेकआउट करना भी इस साजिश का हिस्सा था। पुलिस को संदेह है कि राजा की हत्या के बाद, शव को ठिकाने लगाने के लिए पूरा समय और मौका इसी समय खिड़की में निकाला गया।
आने वाले दिनों में कई खुलासे
मेघालय पुलिस अब सोनम को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर राज्य लाई जाएगी, जहां उससे हर बिंदु पर गहन पूछताछ की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, कई और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
यह मामला अब सिर्फ घरेलू हिंसा या आपसी विवाद का नहीं रह गया है, बल्कि यह एक सुनियोजित मर्डर मिस्ट्री बन चुकी है, जिसमें प्यार, धोखा, लालच और हत्या का खौफनाक ताना-बाना बुना गया है।












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